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केंद्र सरकार द्वारा देश के सबसे पिछडे 115 जिलों मे गया भी सामील, 2022 तक बाहर निकालने का लक्ष

गया- भारत सरकार द्वारा देश के सबसे अधिक पिछडे 115 जिलों को विभिन्न सूचकांक के आधार पर चयनित किया गया है जिसमे गया जिला भी सम्मिलित है। इन सभी जिलों को माॅनिटरिंग के लिए भारत सरकार द्वारा एक-एक प्रभारी सचिव प्रतिनियुक्त किया है। आज गया जिला के पं्रभारी सचिव सह अपर सचिव, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण बी0 प्रधान की अध्यक्षता मे समाहरणालय सभा कक्ष में इस संदर्भ में समीक्षा बैठक का आयोजन हुआ। इस संबंध मे जिलाधिकारी कुमार रवि ने जिले के विभिन्न संबंधित विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारियों को सबोधित करते हुए कहा कि नीति आयोग द्वारा देश के 115 सबसे पिछडे जिला को विभिन्न सूचकांको यथा गरीबी, शिक्षा एवं स्वास्थ्य के आधार पर चयन किया गया है। गया जिला इस सूची में 32 वें स्थान पर है। विगत 9 अगस्त को माननीय प्रधानमंत्री द्वारा देश के सभी कलेक्टर के साथ विजन डाक्युमेंट के संदर्भ मे चर्चा की गई थी। जिसमें अगले दस वर्षो के लिए विजन डाक्युमंेट बनाया जायेगा। इस क्रम मे पिछडे जिले को वर्ष 2022 तक पिछडेपन के विभिन्न सूचकाकों के घेरे से बाहर निकलना है। विभिन्न सूचकांको मे प्रगति लाने हेतु कारवाई किया जाना हैं । भारत सरकार स्तर से इसकी नियमित समीक्षा की जायेगी। जिलाधिकारी कुमार रवि ने कहा कि सभी अधिकारी इसे गंभीरता से लेते हुए योजनाबद्ध रूप से कारवाई करें। हर सप्ताह सोमवार को सात निश्चय क साथ साथ इस कार्यक्रम में प्रगति की भी समीक्षा की जायेगी। शीघ्र ही केन्द्रीय टीम गया पर्यवेक्षण के लिए गया आयेगी। जिस अधिकारी एवं कर्मी के स्तर से शिथिलता बरती जायेगी उनके विरूद्ध सख्त कारवाई होगी। इस बैठक में उप विकास आयुक्त राघवेन्द्र सिंह, निदेशक लेखा प्रशासन एवं स्वनियोजन, सिविल सर्जन, जिला शिक्षा पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता विद्युत, सभी कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य प्रमंडल गया जिला, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस, जिला योजना पदाधिकारी सहित अन्य विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

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