Breaking News

बिहार :: अमेरिका में बच्ची की लाश मिलने पर नालंदा में मातम !

नालंदा/बिहारशरीफ, (कुमार सौरभ) : महज अपना दूध पूरा नहीं पीना तीन साल की शेरिन मैथ्यूज उर्फ सरस्वती को अपनी जान गंवाना पड़ा। विगत 7 अक्टूबर की आधी रात को घर से निकाल दिया गया। वेस्ली मैथ्यूज के पुलिस को दिए बयान के अनुसार जब उन्होंने बच्ची को घर से बाहर निकाला, उस वक््त उनकी पत्नी सिनी मैथ्यूज सो रही थी अमेरिका के टेक्सास में गुम हुई। नालंदा की तीन वर्षीय शेरिन मैथ्यूज उर्फ सरस्वती की मौत हो गई है। होस्टन पुलिस ने एक बच्ची के शव को इस्ट स्प्रिंग वैली एंड साउथ बाउसर रोडस, इस्ट ऑफ यूएस हाईवे 75 पर खोजी कुत्ता के माध्यम से बरामद किया। वहीं मदर टेरेसा अनाथ आश्रम के अध्यक्ष अमित कुमार पासवान और सचिव बबीता कुमार ने घटना पर दुख जताया और कहा कि उक्त दंपति को भारत में लाकर भारतीय कानून के तहत सजा दिया जाये। शेरिन उर्फ सरस्वती विगत 15 दिन पूर्व अमेरिका स्थित अपने घर से लापता हो गयी थी। अमेरिकी जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टीगेशन (एफबीआई) द्वारा लापता हुयी बच्ची की तलाश की जा रही थी इसके लिए खोजी कुत्ता सहित ड्रोन व अन्य माध्यमों की मदद ली जा रही थी। रविवार की देर शाम बच्ची का शव बरामद किया गया। पुलिस ने सरस्वती के दत्तक पिता वेस्ली मैथ्यूज को पहले गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन बाद में उन्हें बांड पर छोड़ दिया गया था। लेकिन अब जब बच्ची की लाश बरामद हुयी है तो पुलिस ने दोनों दंपति के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। बता दें कि शेरिन उर्फ सरस्वती की वापसी के लिए टेक्सास शहर में प्रार्थना सभाएं भी आयोजित की गयी थी ताकि उसकी सकुशल बरामद हो सके। बीते शुक्रवार को ही डलास के रिचर्डसन शहर (जहां मैथ्यूज फैमिली रहती है) में उनके घर के पास एक ऐसी ही सभा हुई थी। बच्ची की गुमशुदगी की जांच कर रही एफबीआई ने इस हफ्ते मैथ्यूज की घर की तलाशी में कुछ अहम सुराग हासिल किये थे। पुलिस को यह पता चला है कि मैथ्यूज परिवार की एक गाडी घटना की अनुमानित समय के दौरान उनके घर पर नहीं थी। पुलिस ने तलाशी में कुल 47 सामानों को भी जब्त किया था। इनमें बाल की तरह के फाइबर, ड्रायर, 5 मोबाइल, 3 लैपटॉप, कूड़ा उठाने वाले बैग और डिजिटल कैमरा को बरामद किया था। गौरतलब है कि सरस्वती को 23 जून 2016 को नालंदा के मदर टेरेसा अनाथ सेवा संस्थान से गोद दिया गया था। मूल रूप से केरल के रहने वाले अमेरिकन दंपति द्वारा गोद लिया था। संस्थान के अध्यक्ष व सचिव ने बताया कि सरकारी गाईडलाईन के तहत अमेरिकी दंपत्ति को बच्ची गोद दिया गया था, इसके लिए सभी प्रक्रियाएं पूरी की गयी थी। हालांकि पूर्व के गाइडलाईन के अनुसार वैसे दंपत्ति जो निसंतान है, उन्हें बच्चा गोद दिया जा सकता था लेकिन बाद में सरकार के गाईडलाईन में संशोधन किया गया और जिस दंपत्ति को पूर्व में बच्चा है उसे भी गोद लेने का अधिकार दिया गया। इसी संशोधित गाइडलाईन के तहत बच्ची को गोद दिया गया था। उन्होने सरकार से मांग किया कि गाईडलाईन में संशोधित करने की मांग की है।

Check Also

महारानी कल्याणी कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस पर कार्यक्रम आयोजित

डेस्क : राष्ट्रीय सेवा योजना के महारानी कल्याणी महाविद्यालय की इकाई में आज राष्ट्रीय सेवा …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *