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बिहार :: कला के हृदयस्थली के रूप में जाना जाऐगा जितवारपुर

मधुबनी (आकिल हुसैन) : जिला पदाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक  के द्वारा शुक्रवार को रहिका प्रखण्ड क्षेत्र के जितवारपुर स्थित कला भवन में हस्तशिल्प  कला एवं खुले में शौच से मुक्त(ओ0डी0एफ0) कार्यक्रम को संबोधित किया गया। जिला पदाधिकारी ने कहा कि जितवारपुर के लोगों की बदौलत मधुबनी का नाम पूरे विश्व  में विख्यात हो गया है। उन्होंने पद्मश्री प्राप्त कलाकारों को मधुबनी पेंटिंग की कला को आगे बढ़ाने के लिए धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कला स्वयं को प्रसन्न रखने का माध्यम है। जिला पदाधिकारी ने कहा कि जितवारपुर को हस्तशिल्प विभाग द्वारा कलाग्राम के रूप में स्वीकृति दे दी गयी है। शीघ्र ही लोग जितवारपुर को कला के हृदयस्थली के रूप में जाने एैसा उत्कृष्ठ कार्य करने की सलाह उन्होंने कलाकारों को दी। जितवारपुर में शीघ्र ही चित्रकला संस्थान एवं प्रशिक्षण  केन्द्र बनाये जाने की बात भी उन्होंने कही। मधुबनी पेंटिग का स्टॉल फोरलेन पर लगाने के उद्देश्य  स्थल चयन की प्रक्रिया जारी है। जहां जीविका और रजिस्टर्ड कलाकारों को स्टॉल भी उपलब्ध कराया जायेगा, ताकि उसकी मार्केटिंग भी हो सके। जितवारपुर में शीघ्र ही पर्यटकों की सुरक्षा एवं अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी, रहिका को कला भवन में शौचालय की व्यवस्था करने का निदेश  दिया। जिला पदाधिकारी ने कलाकारों को संबोधित करते हुए कहा कि आगामी छह माह में आप सबों की आमदनी में 50 प्रतिशत  की बृद्धि की व्यवस्था की जा रही है।। सुरेन्द्र मिश्रा, सहायक निदेशक, हस्तशिल्प  कला विभाग, बिहार ने भी उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी शिल्पियों  का रजिस्ट्रेशन  किया जाना है। सभी को पहचान-पत्र भी दिया जायेगा। साथ ही निःशुल्क बीमा योजना का लाभ भी दिया जायेगा। शिल्पियों  देश -विदेश  में भी भेजने के लिए पूरा खर्च सरकार देगी, तथा सामान ले जाने का खर्च भी दिया जायेगा। इसके लिए आवेदन करना होगा। राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित प्रशिक्षकों  को प्रशिक्षण   देने के लिए 25000 रूपये एवं प्रशिक्षु   को 300 रूपये प्रतिदिन के रूप में दिया जायेगा। शिल्पियों को पेंषन देने की भी योजना है, जिसके तहत 60 वर्ष से अधिक उम्र के शिल्पियों को 3500 रूपये प्रतिमाह दिया जायेगा। फिलहाल मधुबनी जिले में 20 शिल्पियों को  पेंशन योजना का लाभ मिल रहा है। तत्पश्चात  जिला पदाधिकारी द्वारा खुले में शौच मुक्त होने पर बल दिया गया। उन्होंने जितवारपुर के लोगों से अपील किया की जिस प्रकार जितवारपुर का नाम पूरे विश्व   में विख्यात है, वैसे ही साफ-सफाई के रूप में भी जितवारपुर का नाम विख्यात हो। उन्होंने मध्य विद्यालय, जितवारपुर का भी निरीक्षण किया और साफ-सफाई रखने की बात कही।  तत्पश्चात  जिला पदाधिकारी द्वारा विभिन्न मधुबनी पेंटिंग प्रशिक्षण   केन्द्र का निरीक्षण भी  किया गया, एवं उपस्थित  शिल्पियों से जितवारपुर के प्रत्येक घरों पर कम-से-कम एक पेंटिंग  अवश्य  करने की बात कही। ताकि जितवारपुर को लोग वस्तुतः कलाग्राम के रूप में देख सके। इस अवसर पर अपर समाहर्त्ता दुर्गानंद झा, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र  सिशुकांत  मिश्रा, जीविका परियोजना प्रबंधक श्रीमती रीचा गार्गी, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी संजीत कुमार के द्वारा भी संबोधित किया गया। सुधीरा देवी, मुखिया, नाजिरपुर पंचायत, किरण कुमारी,बाल विकास परियोजना पदाधिकारी रहिका, विष्वंभर झा,  शिक्षक  नागेन्द्र कुमार, राष्ट्रपति पुरस्कार से पुरस्कृत हेमंत कुमार,डब्लयू0एच0ओ0 के प्रतिनिधि एवं केयर के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

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