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बिहार :: खतरों से भरी छठ घाटों पर गंदगी का अंबार, सफाई के लिये नहीं हुयी कोई प्रशासनिक पहल

वीरपुर (बेगूसराय) : दो दिन बाद प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न घाटों पर छठव्रती अर्घ्य देंगे पर घाटों की सफाई के लिये कोई प्रशासनिक व्यवस्था नहीं की गयी है। लोग आपस में चंदा कर घाटों की सफाई करने के प्रयास में जुटे हैं। जानकारी के अनुसार, प्रखंड के 52 घाटों पर अर्घ्य दिया जायेगा जिसमें 10 को खतरनाक घाट माना गया है। विदित है कि प्रखंड क्षेत्र से होकर तीन नदियां बैती, बलान व बूढ़ी गंडक गुजरती है। इन नदियों के विभिन्न घाटों पर लोग अर्घ्य देते हैं। प्रशासनिक स्तर से अबतक घाटों की सफाई का कार्य प्रारम्भ नहीं किया गया है। घाटों पर फैले कचरे, जलकुम्भी व मल-मूत्र से स्थिति नारकीय बनी हुयी है। प्रखंड मुख्यालय स्थित खरमौली पुल घाट, ठाकुरवाड़ी घाट, महिनाथ स्थान घाट जहां हजारों श्रद्धालु छठ के अवसर पर जुटते हैं उसकी भी सफाई प्रारम्भ नहीं की गयी है। बीडीओ मनीष कुमार ने कहा कि छठ घाटों की सफाई का कार्य सीओ के स्तर से कराया जाना है। जबकि सीओ नवीन कुमार चौधरी ने कहा कि उनके स्तर से बूढ़ी गंडक नदी के दस चिन्हित खतरनाक घाटों पर बैरिकेटिंग, नाव व गोताखोर की व्यवस्था की जा रही है। शेष घाटों पर सफाई का कार्य मनरेगा के तहत कराया जाना है।
तेघड़ा प्रतिनिधि के अनुसार नगर पंचायत क्षेत्र अन्तर्गत तेघड़ा बाजार से भागीरथी रोड होते हुये मधुरापुर गंगा घाट तक जाने वाली सड़क का बुरा हाल है जिसका सुधि लेने वाला कोई नहीं है। सड़क में जगह-जगह गड्ढे मौजूद हैं जिसमें वर्षा के पानी से जल जमाव की समस्या बनी हुई है। सड़क के गड्ढे में घुटने भर पानी मौजूद हैं जिसके कारण उस सड़क से लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल है। मालूम हो कि बाजार सहित इसके आस पास के क्षेत्र के लोगों के लिये गंगा घाट तक जाने का यह मुख्य मार्ग है। सड़क की इस जर्जर स्थिति के कारण लोक आस्था के महापर्व छठ में व्रतियों के लिये गंगा घाट तक पहुंचने में भारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ सकता है। बतातें चलें कि विगत दिनों इस जर्जर सड़क के जीर्णोद्धार की मांग को लेकर सर्वदलीय धरना भी दिया गया था किन्तु नगर पंचायत के अधिकारियों पर उसका कोई असर नहीं दिखा। लोगों का कहना है कि कई बार नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी सहित वार्ड पार्षदों से मिलकर सड़क की मरम्मति की मांग किया गया किन्तु वह बेअसर साबित हुआ।
छौड़ाही प्रतिनिधि के अनुसार लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा में इस बार श्रद्धालुओं को छठ घाट पर अर्घ्य देने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जिस कारण छठ घाटों में जलाशयों में अधिक फैली गंदगी का अंबार अभी भी है जो अब तक प्रशासन व प्रतिनिधियों के द्वारा पहल नहीं हो पाया। जिस कारण ग्रामीणों द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था के तहत घर पर ही छोटे-छोटे तालाब के निर्माण में ज्यादा जोर दिया जा रहा है। घाटों पर गंदगी के कारण लोगों के सामने समस्या खड़ी हो गई है वहीं छठ पर्व के मुख्य उद्देश्य सामूहिक अर्घ्यदान की भी परंपरा टूट रही है। प्राचीन शिव मंदिर छौड़ाही में तालाब के निकट सैकड़ो परिवार भगवान को अर्घ्य देते हैं। अन्य महत्वपूर्ण आस्था अमारी, एकंबा नारायण पीपर पंचायत का दुर्गा स्थान,सार्वजनिक पोखर परोड़ा इन स्थलों के साथ प्रखंड के अनेक 46 घाटों में अगल-बगल कूड़ा कचरा पड़ा हुआ है। वहीं खुले में शौच की बदबू से लोग परेशान हैं। इस संबंध में मुखिया, कर्मचारियों के साथ सीओ से सफाई करने की गुहार ग्रामीणों द्वारा कई बार लगाई जा चुकी है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि इस गंदगी में 10 मिनट भी घाटों पर रहना बहुत ही मुश्किल हो रहा है इस स्थिति में अर्घ्यदान कैसे हो पाएगा। इस संबंध में सीओ बीरबल वरुण का कहना है कि जल्द ही सभी घाटों की साफ-सफाई कर अन्य व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
मंसूरचक प्रतिनिधि के अनुसार छठ व्रतियों को बलान नदी घाट पर भारी मशक्कत का सामना करना पर सकता है। प्रखंड क्षेत्र के साठा, गोविंदपुर एक, दो, भवानीपुर, अहियापुर, समसा, महेन्द्रगंज, कस्टोली, आगापुर, नयाटोल सहित अन्य बलान नदी घाट के किनारे इतनी अधिक जलकुंभी लगी हुई है जिस घाट पर छठ व्रतियों को जाना इस बार महंगा पर सकता हैं। समय करीब आते हुए भी अब तक प्रशासन घाट सफाई या जलकुंभी हटाने की ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाई है। जिसके कारण लोगों का आक्रोश प्रशासन के प्रति बढ़ता जा रहा है। इतना ही नहीं बल्कि सरायनूरनगर, समसा, भवानीपुर, कस्टोली जैसी घाट के किनारे इतनी गहरी पानी है का अनुमान लगाना मुश्किल है। समय रहते अगर प्रशासन खतरनाक घाटों को चिन्हित कर बेरिकेटिंग नहीं किया गया तो पिछले वर्ष की तरह अनहोनी दुर्घटना का शिकार लोग घाटो पर हो सकते हैं। समाजवादी चिंतक संजय कुमार ईश्वर, प्रो. डा कृष्णमोहन ईश्वर, मो. कासीम उद्दीन ने जिला प्रशासन को विशेष रूप से बलान नदी घाटो की सफाई एवं छठ व्रतियों के सुविधा हेतु सभी घाटो पर रोशनी की ब्यवस्था करवाने साथ ही सभी घाटो पर बांस बल्ला लगा कर बेरिकेटिंग करने की मांग किया है। उन्होंने कहा छठ पर्व के समय जब कोई हादसा होती है तो प्रशासन काफी सजगता से निपटने को जनता से तैयार हो जाती है लेकिन समय रहते अगर हादसा को सावधानी से रोक लिया जाए तो क्या परेशानी है। कुछ घाटो पर जनसहयोग के सहारे साफ-सफाई अभियान चलाया जा रहा है।

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