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बिहार :: गायब छात्र का नहीं मिला अबतक सुराग, पीड़ित माता पिता ने छोड़ा गांव !

गढ़हरा (बेगूसराय)/संवाददाता : सहायक थाना गढ़हरा अंतर्गत एक पखबारे से छात्र के गायब होने की मामला अब पहेली बन गयी है। बारो रामपुर नया टोला निवासी मो. नईम के पुत्र करीब 18 वर्षीय मो.कैसर का एक पखबारे बीतने के बाबजूद घर वापस नहीं आने से पीड़ित मां और पिता के भयाक्रांत होने और उनकी तबियत बिगड़ने के कारण गांव छोड़ देने की बात स्थानीय लोगों ने बताया। गायब छात्र मो.कैसर तियाय कालेज तेघड़ा के इंटरमीडियट का छात्र है। अब परिजनों को किसी अनहोनी घटना का भय सता रही है। शनिवार को बारो पहुंचने पर पूर्व सांसद शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने सद्भाव बहाल किए जाने को लेकर कहा कि बारो साझी संस्कृति का प्रतीक है। बेगूसराय जिला का सबसे पहला मध्य विद्यालय बारो है जिसकी स्थापना 1875 में हुई थी। इसी विद्यालय में राष्ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर ने प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण कर देश को संस्कृति का चार अध्याय दिया। बाबू रामचरित्र सिंह कांग्रेस के दिग्गज नेता और खान बहादुर ताहिर हाईकोर्ट के न्यायधीश हुए। इस गांव की मिली-जुली संस्कृति हमारी गौरवशाली परंपरा है। गंगा तहजीब का बेमिसाल उदाहरण यह गांव है। वे उस छात्र के घर पर भी गए जो विगत 3 अक्टूबर से ही लापता है। वहां जाने पर पता चला कि गायब छात्र मो. कैसर के माता-पिता भयाक्रांत हो गांव छोड़ चुके हैं। पूर्व सांसद ने मो. कैसर की मां तबस्सुम से फोन पर भी बात की। दुःख की घड़ी में उन्हें सांत्वना दी। इस घटना के मुतल्लिक उन्होंने कहा कि पीड़ित मां के द्वारा 4 अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद भी पुलिस उस वास्तविकता के बारे में पता लगाने की विफलता पुलिस प्रशासन की कार्यवाही पर सवाल खड़े करती है। उन्होंने बिहार सरकार के प्रधान गृह सचिव से इस घटना की अपराध अनुसंधान विभाग सीआईडी के द्वारा जांच कराने और सही तथ्य के पता लगाने की मांग की। उन्होंने अमन पसंद समाज के विभिन्न वर्गों से गांव की पारंपरिक मर्यादा की रक्षा करने की अपील की। उन्होंने बारो भ्रमण के दौरान समाजसेवी मो. सरवर, मो. ताजवर, रामचंद्र सिंह, वरिष्ठ साहित्यकार रामेश्वर प्रशांत, बारो के पूर्व सरपंच अशोक ठाकुर, मो. महबूब आलम उर्फ सलाउद्दीन समेत कई बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात की। इधर गढ़हरा थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि मामले की अनुसंधान जारी है। विदित हो कि बारो में मां दुर्गा पूजा और मुहर्रम पर्व को लेकर दोनों समुदायों के द्वारा शक्ति प्रदर्शन को लेकर बड़ी संख्या में जुलूस निकाला था। इसी दौरान उक्त छात्र के गायब होने की खूब चर्चा है। विभिन्न कारणों को लेकर तात्कालिक थानाध्यक्ष बालमुकुंद राय का एक माह में ही स्थानांतरण हो गया।

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