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बिहार :: पटवन की समस्या से किसान खेती से हो रहे विमुख

बेनीपट्टी/मधुबनी/संवाददाता : संसाधन के अभाव में खेती से विमुख हो रहे किसान। किसानों के खेत तक पटवन की सुविधा देने के लिए जल संसाधन विभाग ने कई जगहों पर लिफ्ट एरिगेषन को नये तरीके से अधिष्ठापित किया, परंतु योजना में हुई कथित लूट-खसोट के कारण लिफ्ट एरिगेषन की योजना अब तक फ्लाॅप साबित हो रही है। नाली निर्माण में हुई अनियमितता के कारण कई जगहों पर नाली ध्वस्त हो चुका है। कहीं आॅपरेटर के अनुपस्थिति के कारण मषीन बंद रहता है। पटवन की समस्या के कारण किसान खेत में रबी फसल के बुआई करने से हिचक रहे है। जबकि कृषि विभाग रबी फसल के बुआई के लिए लगातार प्रयासरत है। ऐसे में पटवन की समस्या के कारण कृषि विभाग के रबी फसल के उत्पादन के आंकड़ा को झटका दे सकता है। प्रखंड के पष्चिमी क्षेत्र के अधिकतर किसान खेती को लेकर संषय की स्थिति में है। बाढ़ के प्रलय से वैसे ही किसानों का कमर टूट चुका है। विभाग से अब तक फसल क्षति का मुआवजा नहीं मिलने के कारण अब रबी फसल की बुआई करने से कतरा रहे है। गौरतलब है कि जल संसाधन विभाग की ओर से करीब सात वर्ष पूर्व बेनीपट्टी के सरिसब गांव स्थित बछराजा नदी के तट पर लिफ्ट एरिगेषन को पुनः अधिष्ठापित किया, वहीं पाली के धौंस नदी से संपर्क कर पटवन के लिए मषीन को अधिष्ठापित किया। परंतु दोनों जगहों पर मषीन के पाईप का नदी से संपर्क नहीं होने के कारण किसानों के खेतों में पानी नहीं पहुंच पा रही है। वहीं छोलकाढ़ा व बगवासा, शाहपुर सहित अन्य जगहों पर भी किसानों को लाभ नहीं पहुंच रही है। स्थानीय किसानों ने बताया कि विभाग की दोरंगी नीति के कारण अब पूर्व की भांति खेती करना संभव नहीं है। किसानों की माने तो जब तक पटवन की समस्या को पूर्णरुप से खत्म नहीं किया जायेगा, तब तक किसान सही ढंग से खेती नहीं कर पायेंगे। वहीं किसानों ने बताया कि पटवन की समस्या विभाग के समक्ष रखने के लिए जाने पर अनुमंडल कार्यालय स्थित विभागीय कार्यालय में कोई भी पदाधिकारी उपस्थित नहीं रहते है। जहां षिकायत की जायें।
क्या कहते है एसडीओ
एसडीएम मुकेष रंजन ने बताया कि जल्द ही किसानों की समस्या को खत्म करने का प्रयास किया जायेगा।

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