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बिहार :: विवादित जमीन खाली कराने गयी पुलिस कार्रवाई में मंदिर टूटी, माहौल तनावपूर्ण

रघुवीर झा,बेगूसराय : जामा मस्जिद सराय के पास विवादित जमीन को मुक्त कराने गयी पुलिस की कार्रवाई में एक मंदिर के क्षति पहुंचने के बाद हिन्दूवादी संगठनों के भारी विरोध के कारण माहौल तनावपूर्ण हो गया। विदित हो कि थाना नम्बर 348, खेसरा 1220, 1221 के आठ कट्ठा 10 धूर जमीन पर वर्षों से विवाद चल रहा है। इसी विवादित जमीन पर लगभग 20 परिवारों ने अपना वसेरा बना रखा है। विवादित जमीन पर ही एक बजरंगवली का मंदिर व मजार भी बना हुआ है। बुधवार को प्रशासन विवादित जमीन खाली कराने पहुंची। जमीन खाली कराने के क्रम में बजरंगवली के मंदिर को क्षति पहुंचायी गयी। जिसकी खबर हिन्दू जागरण मंच व बजरंगदल को लगी। तभी दोनों हिन्दूवादी संगठनों ने मौके पर पहुंच कर प्रशासन का भारी विरोध किया जिससे माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है। हिन्दूवादी संगठनों ने जिला प्रशासन पर मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन ने जानबूझ कर महावीर मंदिर को तोड़ा है जबकि बगल में स्थित मजार को छुआ तक नहीं। 

इस बाबत एसडीओ सदर जनार्दन सिंह ने बताया कि मंदिर अतिक्रमित जमीन पर है जिसका उपयोग मनोज सिंह पिता कामत प्रसाद सिंह के द्वारा निजी रूप से किया जा रहा था। मंदिर सार्वजनिक नहीं था, इसीलिए प्रशासन ने मंदिर पर भी कार्रवाई की है। समाचार लिखे जाने तक माहौल तनावपूर्ण था। हिन्दूवादी संगठन और प्रशासन आमने सामने थी। हिन्दूवादी संगठनों के द्वारा क्षतिग्रस्त मंदिर पर तंबू आदि लगाकर पूजा अर्चना शुरू कर दी है। पूरे मामले के बाबत जानकारों ने बताया कि जमीन विवादित नहीं बल्कि अतिक्रमित है। जिस जमीन को विवादित बताया जा रहा है वह गैरमजरूआ आम खतियानी है। जो कब्रिस्तान करवला ताजिया घर दरगाह के नाम से खतियान में है। इसी के 10 कट्ठा जमीन को अतिक्रमण कर लिया गया जिसके खिलाफ अंजुमन फल्लाह आल मुस्लमीन नामक संगठन ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। जिला से लेकर सुप्रिम कोर्ट तक मामला चला जिसमें सर्वोच्च न्यायालय ने जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने का फैसला दिया जो 1985 में आया। उसके बाद संगठन शिथल पर गया जिसके कारण जमीन को अतिक्रमण से मुक्त नहीं किया जा सका। प्रशासनिक स्तर से अतिक्रमण को मुक्त कराने की कार्रवाई होते रही। आज का प्रशासनिक कार्रवाई उसी के तहत हुई है। वहीं दूसरे पक्ष के छीटो मियां आदि का कहना है कि इस जमीन पर हमलोगों का 70 वर्षों से अधिक से कब्जा है। मामला अभी भी कोर्ट के विचाराधीन है। प्रशासन ने लेनदेन कर आज की कार्रवाई की है। विदित हो कि पुलिस ने कार्रवाई कर जहां कुछ दुकानों को तोड़ा वहीं विरोध कर रहे अतिक्रमणकारियों पर बल प्रयोग भी किया। बल प्रयोग के क्रम में चंदन कुमार पिता रामबालक महतो का जहां दुकान तोड़ दिया गया वहीं उसके साथ मारपीट भी की गयी। रामबालक महतो ने पुलिस पर घर में आग लगाने व सर फोड़ने का आरोप लगाया। मौके पर मजिस्ट्रेट अरविंद कुमार, सीओ सदर निरंजन, सीआई रामदेव, हल्का कर्मचारी कौशल किशोर, दारोगा नगर अरूण सिंह मौजूद थे।

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