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बिहार :: शिक्षा, सुरक्षा एवं सम्मान की लड़ाई छात्राऐं और तेज करें : आरती

श्रीकृष्ण महिला कॉलेज का इकाई सम्मेलन संपन्न
सुप्रिता अध्यक्ष एवं साक्षी बनी इकाई सचिव

बेगूसराय कार्यालय, संवाददाता : बिहार भर की शिक्षा की स्थिति बद से बदतर हो चुकी है। महाविद्यालयों में शिक्षक की घोर कमी से शिक्षा के मंदिर में अराजक स्थिति पैदा हो चुकी है। सरकार शिक्षा संबंधी सवालों पर लापरवाह होकर चुप्पी साधे हुए है। बजट में हर साल शिक्षा की उपेक्षा किया जाता है। नये-नये योजना की ढ़कोसले बाजी सरकार द्वारा होता है, मगर बेहतर शिक्षा के सवाल पर कुछ नहीं कर रही है। इन सवालों पर पिछले साल भी हमारी छात्रा इकाई ने मुख्यमंत्री का घेराव किया था। आगे भी हमारे संगठन की छात्रा इकाई को इन सवालों सहित छात्राओं के शिक्षा, सुरक्षा एवं सम्मान की लड़ाई में छात्रा बहनों को खुद आना पड़ेगा। उपर्युक्त बातें एआईएसएफ की राष्ट्रीय छात्रा सह संयोजिका आरती कुमारी ने श्रीकृष्ण महिला महाविद्यालय इकाई सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने राज्य सरकार पर छात्राओं को उपेक्षित करने का आरोप लगाया। संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष अमीन हमजा एवं छात्रा सह-संयोजिका शमां परवीन ने कहा कि संगठन छात्राओं की शिक्षा, सुरक्षा एवं सम्मान की लड़ाई का जंग छेड़ चुका है। उसी क्रम में आज महिला विद्यालय का सम्मेलन आयोजित हुआ। शिक्षकों की विषय के हिसाब से बहाली, नियमित वर्ग संचालन कर कोर्स पूरा करने की गारंटी, महाविद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण कायम करने के लिए हमारा संगठन लगातार लड़ाई लड़ता आया है। बेगूसराय में दिनकर के नाम पर विश्वविद्यालय, बंद पड़े जीडी कॉलेज के विश्वविद्यालय उपकेंद्र स्वचालित करने सहित तमाम महाविद्यालय के शैक्षणिक सवालों को लेकर हमारा संगठन महाविद्यालयों का सम्मेलन आयोजित कर रहा है। जिलाध्यक्ष सजग सिंह एवं जिला सचिव किशोर कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय का शैक्षणिक भविष्य खतरे में है, शिक्षा का भविष्य खतरे में है। इससे निपटने के लिए हमारा संगठन यहां से लेकर राजभवन तक अपनी आंदोलन की रुपरेखा तैयार कर चुका है। संबोधित करते हुए महिला कॉलेज की प्राचार्य डॉक्टर सपना चौधरी ने कहा की शिक्षा में सुधार के लिए छात्राओं को जागरूक होना पड़ेगा। छात्राएं अगर जागरुक हो गई तो शिक्षा के गिरते स्तर में सुधार होना तय है। सरकार शिक्षकों की बहाली नहीं ले रही है। कर्मचारियों की कमी से महाविद्यालय संचालन में काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। विश्वविद्यालय अध्यक्ष रुपक ने भी अपनी बातों को रखा। सम्मेलन के दौरान 21 सदस्यीय कमिटी का गठन किया गया। जिसकी अध्यक्षया के रूप में सप्रिता कुमारी तथा साक्षी कुमारी को सचिव के रुप में सर्वसम्मति से चुना गया। सम्मेलन में स्वागत भाषण पूर्व जिला सचिव अमित कुमार ने किया जबकि समापन भाषण शगुफी आजमी ने किया। मौके पर जीनत परवीन, उजाला प्रवीण, साहिस्ता परवीन, पूनम कुमारी, सुप्रिया कुमारी, अमृता गुप्ता, कोमल कुमारी, शरमीन परवीण, जिला सह सचिव मुकेश कुमार, गौरव कुमार, शाहरुख खां, शंभू देवा आदि उपस्थित थे।

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