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बिहार :: सामाजिक समरसता की प्रतिमूर्ति थे कबीर, आज देश को कबीर बनने की जरूरत – सुशील मोदी

बीहट (बेगूसराय) : तुलार्क महाकुंभ के मौके पर कुंभ सेवा समिति द्वारा आयोजित शास्त्र मंथन के तहत कबीर-सामाजिक समरसता के संत विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए बिहार सरकार के उपमुंख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि धीरे धीरे कुंभ सेवा समिति के लोगों ने सिमरिया को राष्ट्रीय मेला बना दिया है। जहां भी कुंभ प्रारंभ रहा होगा वहां इसी रूप में यह आयोजन शुरू हुआ होगा। सिमरिया के विकास में पैसे की कमी नहीं होगी। कबीर के बारे में कहा कि कबीर अगर आज जिंदा हैं तो वे महान व्यक्तित्व के कारण। कबीर ने परिवार में रहकर सन्त बनकर दुनिया को सन्देश दिया। अगर इस देश मे तुलसी के बाद कोई कवि लोकप्रिय हुआ तो वे कबीर हुए। कबीर हिंदू भी थे और मुसलमान भी। शायद इसीलिए कबीर की मृत्यु पर दोनों धर्म के लोगों ने अपना कहा। कबीर ने कर्म कांड का विरोध किया। वो इस बहाने भावना की बात करना चाह रहे थे । कबीर ने कहा कि आप आत्मालोचना करे। उन्होंने प्रेम की अलग परिभाषा दी। उप मुख्यमन्त्री ने कहा कि कबीर ने मानव जीवन के हर पहलू पर लोगों को राह दिखाया। आज देश को कबीर बनने की जरूरत है कबीर ने सामाजिकता और समरसता का संदेश दिया। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से कार्तिक पूर्णिमा के दिन हुए घटना के प्रति अपनी शोक संवेदना भी व्यक्त किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आचार्य महंत गुरू प्रसाद गोस्वामी ने कहा कि हम सब एक ही मार्ग के राही हैं। फिर भी हम अलग अलग हैं। कहा कि सभी मानव एक ही हैं। गांधी और अम्बेडकर ने भी कबीर को पढा और देश को बनाने की कोशिश की है। कहा कि आज भी कबीर आम जीवन के बीच जिंदा हैं। हर आम व्यक्ति आज कबीर है इस कबीर को शसक्त करें यही समरसता है। अखिल भारतीय कबीर विचार मंच के राष्ट्रीय महामंत्री महंत साहेब रमेश दास गोस्वामी ने कहा यह संतों,महात्माओं और फकीरों का देश है। सामाजिक समरसता के लिये एक बार फिर कबीर साहेब का आना आवश्यक हो चला है। अयोध्या के रामबल्लभ शरण ने कहा मिथिला की भूमि अद्भुत है। विद्वानों की धरती है मिथिला। यहां के विद्वानों की विद्वता के सामने काशी के भी विद्वान कहीं नहीं टिकते हैं। कबीर आज भी सामाजिक समरसता के लिये प्रासंगिक हैं। इस कार्यक्रम में आचार्य राजनारायण साहब, मालिक प्रसाद यादव, साध्वी रामरति, महंत राजेन्द्र दास, राजकुमार दास, सोनेलाल दास, कबीर मठ रसलपुर खगड़िया बिहारी साहेब सहित अन्य साधु-संतों ने अपना विचार प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए कुंभ सेवा समिति के महासचिव रजनीश कुमार ने कहा भारत धर्मपरायण देश है । सामाजिक समरसता के प्रणेता संत कबीर की उक्ति देश को एकसूत्र में बांध कर सही दिशा दिखाया है। उनके बताये रास्तों पर चलकर देश तरक्की कर सकता है । कबीर के दर्शन में दुनिया के सभी धर्म समाहित है। कुंभ सेवा समिति के कोषाध्यक्ष डॉ शशिभूषण सिंह , सचिव विकास कुमार सिंह , प्रो अशोक कुमार सिंह अमर के द्वारा उपमुंख्यमंत्री और प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा को अंगवस्त्र और प्रतीक चिन्ह से सम्मानित किया गया। साथ ही सभी कबीरपंथी संत-महात्माओं को पुष्पगुच्छ व चादर देकर सम्मानित किया गया। मौके पर कुंभ सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ नलिनी रंजन सिंह, डॉ बलबन, पूर्व विधायक सुरेंद्र मेहता, ललन कुंवर, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय सिंह सहित अन्य उपस्थित थे।

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