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बिहार :: हमारी धार्मिक स्वतंत्रता को कोई छीन नहीं सकता, विरोध में बुलंद है आवाज : वली रहमानी

कान्फ्रेंस में उलेमाओं ने किए तकरीर, हुआ दस्तारबंधी

छौड़ाही (बेगूसराय)/विनोद शर्मा-संवाददाता : पवित्र कुरान हमारे समाज के लोगों के रग-रग में बसा है। कुरान की आयतें हमें जन्नत के दरवाजे दिखाती हैं। शरियत इस्लामी कानून का पालन हम लोग बड़े अदब से करते हैं। कुछ लोग एवं सरकार अपनी मर्जी चला हमारे इस्लामी कानून शरियत में छेड़छाड़ का प्रयास कर रहे हैं। हम लोग उचित तरिके से विरोध में आवाज बुलंद भी कर रहे हैं। भारतीय संविधान की धारा 25 हमें पूर्णरूपेन धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी देता है। जबकि धारा-44 नीति निदेशक तत्व है। इसीलिए कोई हमारी धार्मिक स्वतंत्रता को छीन नहीं सकता। हम इस देश के नागरिक हैं। उक्त बातें ऑल इंडिया मुस्लिम लॉ बोर्ड के महासचिव सह अमीरे शरियत हजरत मौलाना सैय्यद मो. वली रहमानी ने शनिवार की देर रात के मदरसा तालीमुल इस्लाम बखड्डा में तंजीम बेफाकूल उलेमा के तत्वाधान में आयोजित जलसा को संबोधित करते हुए कही। बोले हम अपने धर्म के प्रति एक जुट हैं। हमने इस देश को अपने खून पसीना से सींचा है। हम इस देश में रहकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी धार्मिक सुरक्षा करेंगे। जनाब अनवारूल्लाह फलक कासमी ने समाज को एकजुट रखते हुये धार्मिक स्वतंत्रता में किसी भी हस्तक्षेप के विरोध करने का आह्वान किया। दूसरी तरफ जलसा प्रोग्राम में मदरसा तालीमुल इस्लाम बखड्डा के 34 छात्रों को कुरान हिफ्ज करने पर दस्तार बांधी गई। जबकि चार गरीब लड़कियों का निकाह जलसे के दौरान करवाया गया। अध्यक्षता और संचालन मौलाना रजी अहमद रहमान ने की। इस मौके पर अनवार अहमद रहमानी, मुफ्ती एजाज अहमद, मौलाना बारीक साहब, मंजूर आलम, कारी अब्दुल कलाम साहब, मास्टर वजहुल हक साहब, मौलाना शमशेर आलम साहब, मौलाना हाजी तोहीद अनवर साहब, मौलाना मसूद आलम, मोजाहीर, मो. तनवीर, जमशेद आलम, बरकत अली आदि इलाके के हजारों लोगों ने कार्यक्रम में शिरकत की।

 

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