Breaking News
Home / म० प्र० / मंगेतर की बेरूखी से परेशान इस लड़की ने कर ली आत्महत्या, सुसाइड नोट में बया किया दर्द

मंगेतर की बेरूखी से परेशान इस लड़की ने कर ली आत्महत्या, सुसाइड नोट में बया किया दर्द

इंदौर/झाबुआ। अपने मंगेतर की बेरुखी से परेशान एक लड़की ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली। यह कदम उठाने से पहले उसने थाना प्रभारी के नाम से सुसाइड नोट भी लिखा, जिसमें पूरे घटनाक्रम बयान करते हुए अपने मंगेतर के लिए लिखा है कि-‘आपने बहुत बड़ी गलती की है, सगाई के बाद इतना बड़ा धोखा दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

मिली जानकारी अनुसार आत्महत्या करने वाली लड़की दलमा पिता हिमा भाबोर (19) मूलत: आमलीफलिया की रहने वाली थी। वर्तमान में वह शासकीय कन्या उमावि में कला संकाय से 12वीं की पढ़ाई कर रही थी और वहीं होस्टल में रह रही थी। परिजन के अनुसार पिछले चार सालों से दलमा का प्रेम-प्रसंग ग्राम भूतबयड़ा निवासी रमेश पिता धूमा डामोर से चल रहा था। दो साल पहले दोनों की जिद पर परिवारवालों ने सगाई भी कर दी थी। हाल ही में रमेश का पुलिस में चयन हो गया। वह ट्रेनिंग पर गया है।
– दलमा के घरवालों के अनुसार कुछ समय से रमेश ने दलमा से बात करना बंद कर दी थी। उसका नंबर भी ब्लैक लिस्ट में डाल दिया था। वह किसी दूसरी लड़की के चक्कर में था। इससे परेशान होकर 15 जनवरी को दलमा ने कीटनाशक पी लिया था। उपचार के लिए परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए। गंभीर हालत को देखते हुए दलमा को पहले दाहोद और फिर बड़ौदा रैफर कर दिया। जहां उसकी मृत्यु हो गई। युवती के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें आत्महत्या की वजह अपने मंगेतर द्वारा उसकी लगातार उपेक्षा किए जाने का उल्लेख किया है।
दलमा ने ये लिखा है सुसाइड नोट में…
– महोदय से विनम्र निवेदन है कि मेरा रमेश पिता धूमा डामोर से तीन-चार वर्ष से प्रेम प्रसंग चल रहा था। जब मैं उसे शादी के लिए बोलती तो डांटने लगता और कहता अब मैं आपसे शादी नहीं करूंगा। मैंने रमेश डामोर से चार वर्ष तक प्यार किया और फिर हम दोनों की हमारी मर्जी से सगाई करवाई गई। फिर वो किसी और से प्यार व बात करने लगा। वह न तो मुझे कॉल करता है और न ही बात करता। मेरा नंबर भी उसने ब्लैक लिस्ट में डाल दिया और ऐसा करते-करते बहुत दिन हो गए हैं इसलिए मैं अब जीना नहीं चाहती हूं। मौत को गले लगाना चाहती हूं। (सॉरी यार)। इसमें किसी का कोई कसूर नहीं (प्रीति बारिया व रमेश डामोर के अलावा)। आप सब मेरे माता-पिता को परेशान मत करना, ओके। आप सब मेरी मजबूरी नहीं जानते हो और मैं, मेरे प्यार के बिना नहीं जी सकती हूं। मैं बहुत परेशान हूं (यार)। मैंने उसे भूलने की कोशिश की पर भूल नहीं पाई। इसलिए मुझे मेरे परिवार से दूर होना पड़ रहा है। सॉरी, मुझे माफ कर देना सब।

Language »