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सेन्ट्रल जेल में बंद कैदियों की मौत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को लिखा पत्र।


गया। हेल्पिंग ह्यूमन एन जी ओ में प्रिसनर्स सेल के संयोजक गणेश सिंह को जेल में बंद कैदी मो0 रब्बानी के रहस्मय मौत की उचित जांच की मांग को लेकर उनके पुत्र मो0 जाफर ने एक आवेदन दिया हैं। मो0 जाफर ने यह आरोप लगाया हैं कि उनके पिता बिल्कुल स्वस्थ थे।अचानक से जेल प्रसाशन के द्वारा उन्हें फोन आता हैं कि उनके पिता काफी बीमार अवस्था में हैं आप जल्द से जल्द से अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल आये इसी क्रम में गया जिले मोहल्ला नगमतिया स्तिथ हमारे मौसा और मौसी जब हॉस्पिटल पहुँचते हैं तब तक हमारे पिता को मृत घोषित कर दिया। प्रथम दृश्य से यह प्रतीत होता हैं कि हमारे पिता जी मो0 रब्बानी के शरीर के कई हिस्सों पर गम्भीर चोट के निशान पाई गई हैं। जिसमें उनके सर को फटा हुआ देखा और आँख एवं नाक पर साफ चोट के निशान हैं।और उनके दायें पैर की जांघ में भी चोट लगा हुआ हैं। हम सभी परिवार वालों का यह मानना हैं कि गया जेल में हमारे पिता जी मो0 रब्बानी को किसी साजिस के तहत उनकी हत्या करा दी गयी हैं। हमलोग पहले भी जब उनसे जेल में मिलने जाते थे तो यह कहते थे कि उन्हें गया जेल में काफी प्रताड़ित किया जाता हैं। मो0 जाफर का आरोप हैं कि इन सभी मामलों में केन्द्रीय कारा अधीक्षक महोदय की संलिप्ता प्रतीत दिखाई पड़ता हैं। क्योंकि जेल में बंद कैदियों की सुरक्षा आखिर उन्हीं पर हैं। हमलोग जेल प्रसाशन के खिलाफ कड़ी से कड़ी करवाई की मांग करते हैं। इसी आवेदन पर हेल्पिंग ह्यूमन ने संज्ञान लिया और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखा हैं।

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