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जीएसटी :: आखिर कैसे करेगा काम और क्या है GST ?

डेस्क : आजादी के बाद से देश का सबसे बड़ा कर सुधार के रूप में देखा जा रहा है गुड्स और सर्विस टैक्स (GST) 1 जुलाई से लागू हो जाएगा। जीएसटी को लॉन्च करने के लिए 30 जून को आधी रात में संसद के सेंट्रल हॉल में कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस समारोह में शामिल होने के लिए सभी राज्यों के वित्त मंत्री और सभी सांसदों को न्योता दिया गया है। लॉन्चिंग से पहले राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जीएसटी पर अपनी बात रखेंगे। आजादी के बाद ऐसा पहली बार होगा जब आधी रात को संसद का सत्र बुलाया गया है। इससे पहले 14 अगस्त 1947 को बुलाया गया था। जिसमें देश को आजादी मिलने का ऐलान किया गया था। जीएसटी लागू हो जाने के बाद आम जनता को कई तरह के टैक्स देने से राहत मिलेगी। उन्हें सिर्फ एक टैक्स देना होगा। जीएसटी में टैक्स रेट्स को चार भागों 5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत, 28 प्रतिशत में विभाजित किया गया है।

क्या है जीएसटी ?
जीएसटी एक अप्रत्यक्ष कर यानी इनडायरेक्ट टैक्स है। जीएसटी के तहत वस्तुओं और उत्पादों पर एक प्रकार का समान टैक्स लगाया जाता है। भारतीय संविधान के मुताबिक राज्य और केंद्र सरकारें अभी अपने-अपने हिसाब से वस्तुओं और सेवाओं पर टैक्स लगाती हैं।

अगर कोई भी कंपनी हो या कारखाना । अगर अपने उत्पाद बनाकर एक राज्य से दूसरे राज्य में बेचता है तो उसे कई तरह के टैक्स चुकाने होते हैं जिससे उत्पाद की कीमत ज्यादा बढ़ जाती है। जीएसटी लागू होने से उन उत्पादों की कीमत कम हो जाएगी।

कैसे काम करेगा जीएसटी
जीएसटी में तीन अंग होंगे- केंद्रीय जीएसटी ( CGST), राज्य जीएसटी (SGST) और इंटीग्रेटेड जीएसटी (IGST)।

केंद्रीय और इंटीग्रेटेड जीएसटी केंद्र लागू करेगा जबकि एसजीएसटी राज्य लागू करेगा।

CGST, SGST और IGST क्या हैं
राज्य के भीतर माल बेचने पर सेंट्रल गुड्स एंड सर्विस टैक्स तथा स्टेट गूडुस एंड सर्विस टैक्स लगेगा। उदाहण के तौर पर यदि कोई उत्तर प्रदेश का व्यक्ति यूपी के ही किसी व्यक्ति को माल बेचता है और उस वस्तु और उस वस्तु पर जीएसटी की रेट 18 प्रतिशत है तो 9 प्रतिशत सीजीएसटी तथा 9 प्रतिशत एसजीएसटी लगेगा।

और यदि माल राज्य के बाहर के व्यक्ति को बेचा जाता है तो 18 प्रतिशत की दर से आईजीएसटी लगेगा। एक्साइज, ड्यूटी, सर्विस टैक्स, कस्टम ड्यूटी और अन्य केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर की जगह सीजीएसटी ले लेगा। इंटरटेनमेंट टैक्स, इंट्री टैक्स, वैल्यू एडेड टैक्स की जगह एसजीएसटी ले लेगा।

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