विशेष :: रेलवे स्टेशनों पर बनेंगे ‘ब्रेस्ट फीडिंग जोन’

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डेस्क : भारतीय रेलवे ट्रेन में सफर करने वाली उन महिलाओं के लिए तोहफा लाया है जिनके बच्चे 3 साल या उससे कम के हैं। असल में महिलाओं को परेशानी से बचाने के लिए रेल मंत्रालय ने 100 रेलवे स्टेशनों पर स्तनपान कराने के लिए वेटिंग रूम में ही अलग से एक कक्ष बनाने का निर्देश दिया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने रेल मंत्री सुरेश प्रभु को इस साल की शुरुआत में इस संबंध में चिट्ठी लिखी थी। उन्होंने रेल मंत्री से कहा था कि स्टेशनों पर महिलाओं को बच्चों को स्तनपान कराने में परेशानी होती है।

अब एक चिट्ठी के जरिए रेलवे बोर्ड ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव को जानकारी दी है कि, ‘इस मामले में 8 जून को सभी जोनल रेलवे को निर्देश जारी कर दिए गए हैं और उन्हें वेटिंग हॉल के अंदर स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए अलग से कक्ष बनाने को कहा गया है। इस कक्ष में एक छोटी टेबल और कुर्सी होगी। अभी तक 100 से ज्यादा स्टेशनों पर यह सुविधा शुरू होने जा रही है।’

स्तनपान बच्चे की सेहत के लिए बहुत जरूरी                                                                                                                                    रेलवे के इस कदम से खुश होकर मेनका गांधी ने कहा, ‘स्तनपान बच्चे की सेहत के लिए बहुत जरूरी है। हम सार्वजनिक स्थानों पर ऐसी साफ, सुरक्षित जगहों का स्वागत करते हैं जहां महिलाएं शांतिपूर्वक अपने बच्चों को स्तनपान करवा सकें। मुझे उम्मीद है कि यह सुविधा सभी रेलवे स्टेशनों पर शुरू हो जाएगी।’ प्रभु को भेजी चिट्ठी में मेनका गांधी ने लिखा था, ‘जब महिला यात्रियों को घंटों स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करना होता है, वे अपने बच्चों को स्तनपान नहीं करवा पातीं। उनके पास कपड़े बदलने की भी कोई सुविधा नहीं है। यह सब रेलवे स्टेशनों पर बुनियादी सुविधाओं के अभाव की वजह से होता है।’