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बिहार :: झांसे देकर रचाई दूसरी शादी, दानें दानें की मोहताज है पीड़िता

दरभंगा : बिरौल प्रखंड के पोखराम पश्चिमी पंचायत में पदस्थापित पंचायत सचिव ठक्कों पासवान की दूसरी पत्नी मूर्ति देवी गुजारा भत्ता की मांग को लेकर जिला पदाधिकारी डॉ चंद्रशेखर प्रसाद सिंह के पास पहुंची। ज्ञात हो कि अपने पहली पत्नी के होते हुए भी उक्त पंचायत सचिव ने 26 अगस्त 2009 को घनश्यामपुर प्रखंड के बाथ गांव निवासी स्वर्गीय बिहारी कामती की पुत्री मूर्तिदेवी से छल कर शादी रचा लिया था। जिला पदाधिकारी को न्याय की गुहार लगाने के बाद जिला पंचायती राज पदाधिकारी को अपनी आपबीती सुनाते हुए मूर्तिदेवी ने कहा कि हमें क्या पता था कि इस की पहली पत्नी जिंदा है, इसने हमें शादी के पहले कहा था कि मेरी पहली पत्नी का देहांत बच्चा होने के समय ही हो गया था तब से मैं अकेले हूं, गवाह में कई फर्जी सबूत इन्होंने दिखाया था,मैं भी पंचायत सचिव के पद पर एवं ऊंची आमदनी के झांसे में आकर इनसे कोर्ट के माध्यम से विवाह रचा लिया। शादी के कुछ दिनों बाद पता चला कि उनकी पहली पत्नी सीता देवी अभी जिंदा है एवं उसके चार लड़की और दो लड़का भी है । पोल खुलते ही हमें किनारा करना शुरू कर दिया धीरे धीरे मुझे खर्चा पानी भी देना बन्द कर दिया ,इधर मेरा दोनों बच्चा भी बड़ा होने लगा ,बिना पिता की मैं अपने माँ पर बोझ लगने लगी थी। काफी हंगामा के बाद तत्कालीन जिला पदाधिकारी एवं अन्य पदाधिकारियों के कहने पर शपथ पत्र बना कर मुझे व पहली पत्नी को अपने आमदनी में से आधे आधे बाँट देने की बात कहा था। अपनी शपथ पत्र में उन्होंने कहा था कि स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया की घनश्यामपुर के अपने खाता संख्या 300075920 में मूर्ति देवी का नाम संयुक्त खाता करा दूंगा, ताकी इन्हें भरण पोषण में किसी प्रकार का परेशानी नहीं होगा। अपने वादे से ये मुकर गए, मुझे व मेरे बच्चे को दो जून की रोटी के लिए भी तरस आने लगी। इधर कुछ दिनों से जब मैं अपने अधिकार के लिए अफसरों के पास जाने लगी तो ये अपने लोगों को उकसा कर मुझे जगह जगह परेशान करवाने लगे। थक हारकर मैं पदाधिकारियों के यहां आवेदन देने आई हूं । मामले के संबंध में जिला पंचायती राज पदाधिकारी शत्रुघ्न कामती से जब पूछा गया तो कहा कि ठक्को पासवान फिलहाल बिरौल प्रखंड के पोखराम पश्चिमी पंचायत में पंचायत सचिव के पद है एवं मूर्ति देवी उसकी दूसरी पत्नी है। इससे पू्र्व भी गुजारा भत्ता को लेकर इन्होंने अपने पति के खिलाफ शिक़ायत किया था जिसे हल कर लिया गया था मगर बाद में सचिव ने मानने से इनकार कर दिया। 

फिलहाल इनका आरोप है कि गुजारा भत्ता नहीं दे रहे हैं संबंधित बीडीओ को इस समस्या को जल्द हल कर लेने का निर्देश दिया गया है। मामले के संबंध में बिरौल बीडीओ ने दूरभाष पर बताया कि पंचायत सचिव ठक्कों पासवान से स्पष्टीकरण पूछा गया था जिसका जवाब दिया है मैं 3 दिनों के बाद यहाँ लौटा हूँ रविवार को उसकी दूसरी पत्नी मूर्तिदेवी को बुलाया गया है। उसकी भी बात सुनने के बाद जल्द ही समस्या को सुलझा लिया जाएगा।एवं उसे उसका हक दिलाया जाएगा।

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