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यूपी:राज्यपाल राम नाईक बोले -भारतीय संस्कृति संरक्षण में लगी है गोरक्ष पीठ 

यूपी:राज्यपाल राम नाईक बोले -भारतीय संस्कृति संरक्षण में लगी है गोरक्ष पीठ यूपी:राज्यपाल राम नाईक बोले -भारतीय संस्कृति संरक्षण में लगी है गोरक्ष पीठ

राज प्रताप सिंह,ब्यूरो लखनऊ

सूबे के राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि भारतीय संस्कृति के संरक्षण में गोरक्ष पीठ ने हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। धर्म के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़कर काम किया है। गोरक्ष पीठाधीश्वर ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ ने पूर्वांचल में स्वास्थ्य एवं शिक्षा की जो अलख जगाई है उसका लाभ आज भी गरीबों को मिल रहा है। जो कार्य अधूरे थे उसे पूरा करने की जिम्मेदारी अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर है। राज्यपाल सोमवार को आदिशक्ति मां पाटेश्वरी पब्लिक स्कूल में ब्रह्मलीन गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा का अनावरण करने आए थे।
उन्होंने कहा कि धार्मिक अनुष्ठान के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़कर काम करने की परम्परा गोरक्षपीठ से शुरू हुई थी। ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ पांच बार विधायक व चार बार सांसद रहे। 1989 में मुझे अवेद्यनाथ के साथ सदन में बैठने का मौका मिला है। वह जब बोलते थे तो पूरा सदन उनकी बातों को गंभीरता से सुनता था। उन्होंने राजनीति और धर्म के बीच जो समन्वय स्थापित किया है वह इस देश के लिए मिसाल है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय क्षेत्र के वनवासी थारूओं को शिक्षा व स्वास्थ्य की बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। गोरक्षपीठ की ओर से वनवासी उत्थान के कई कार्य किए जा रहे हैं। नेपाल के वनवासियों को समुचित सुविधाएं नहीं मिली। उनकी उपेक्षा हुई जिसके चलते वह माओवादी बन गए। भारतीय वनवासी सुविधाएं पाकर प्रखर राष्ट्रवादी की भूमिका निभा रहे हैं।
सीएम योगी ने कहा कि गोरक्ष पीठ क्षेत्रीय विकास के लिए सतत प्रयासरत है। बलरामपुर सीमावर्ती जनपद है। इस बात को ध्यान में रखकर गोरक्षपीठ के तत्कालीन पीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ ने देवीपाटन व उसके आसपास क्षेत्रों में स्वास्थ्य व शिक्षा के लिए काफी काम किए। उनका मानना था कि सीमा पर बसे भारतीयों के साथ साथ मित्र राष्ट्र नेपाल के नागरिकों को भी इन सुविधाओं का लाभ मिले।

यूपी:मुख्यमंत्री योगी बोले,उपेक्षा के चलते माओवादी बने नेपाल के वनवासी

उन्होंने क्षेत्र के आध्यात्मिक व भौतिक विकास के लिए कई कार्य किए। वर्ष 1994 में थारू जनजाति के बच्चों के लिए छात्रावास बनवाया। यहां रहकर थारू समाज के बच्चों ने हाईस्कूल, इंटरमीडियट व अन्य कक्षाओं की परीक्षा पास की। उत्तराखण्ड राज्य सृजन के साथ जनजाति वर्ग के लोगों को नौकरियों में दो प्रतिशत अधिक आरक्षण सरकारी नौकरियों में दिया गया था। जिसका भरपूर लाभ छात्रावास में रहकर डिग्री हासिल करने वाले थारू समाज के छात्रों को मिला। भारी संख्या में थारू युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली।

जिसका परिणाम यह रहा कि जनजाति परिवारों के जीवन में काफी सुधार हुआ। देवीपाटन मंदिर परिसर में चिकित्सा एवं शिक्षा की व्यवस्था की गई है। सीएम योगी बोले बलरामपुर स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में बेहद पिछड़ा है। पिछले डेढ़ सालों में इसमें सुधार के लिए सरकार ने कई प्रयास किए हैं। जिसका परिणाम यह है कि मातृ शिशु मृत्यु दर में पिछले डेढ़ सालों में काफी कमी आई है।

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