यूपी:धर्म युद्ध में सत्य की जीत होती है, मेरी भी होगी: शिवपाल यादव

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यूपी:धर्म युद्ध में सत्य की जीत होती है, मेरी भी होगी: शिवपाल यादवयूपी:धर्म युद्ध में सत्य की जीत होती है, मेरी भी होगी: शिवपाल यादव

राज प्रताप सिंह,ब्यूरो लखनऊ

इटावा।सेक्युलर मोर्चा के संस्थापक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने रविवार को इटावा से टूंडला तक रोड-शो कर मोर्चा की ताकत का अहसास कराया। भारी संख्या में समर्थक उनके काफिले में शामिल हुए। रोड-शो के दौरान जगह-जगह शिवपाल सिंह और उनके बेटे पीसीएफ चेयरमैन अंकुर यादव का स्वागत किया गया।

 आईटीआई चौराहे से रोड-शो का आगाज करने से पूर्व शिवपाल सिंह ने कहा कि यह धर्म युद्ध है जिसमें जीत हमेशा सत्य की हुई है और वह सत्य की राह पर हैं। उन्होंने कहा कि देर से ही सही, लेकिन जीत सत्य की ही होगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि हमें 2022 का इंतजार नहीं करना चाहिए, 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में ही परिवर्तन लाना होगा।

इस दौरान उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला। कहा, यह सरकार बेईमान और भ्रष्ट है, जो जनता को केवल ठगने का काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि जहां भी सेक्युलर मोर्चा पहुंच रहा है भारी जनसमर्थन मिल रहा है। यहां जुटी भीड़ इसका प्रमाण है।

आज मुझे मेरे निर्वाचन क्षेत्र के लोगों का भी आशीर्वाद मिल गया। बेटे अंकुर और समर्थकों की भारी भीड़ के साथ शिवपाल का रोड-शो इटावा से सराय भूपत, जसंवतनगर, मलाजनी, धौलपुर खेड़ा, मीठेपुर से होकर फिरोजाबाद लोकसभा क्षेत्र के टूंडला पहुंचा।

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सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा है कि सेक्युलर समाजवादी मोर्चा के नेता शिवपाल सिंह यादव को अपने करीब दिखाने में भाजपा ने जल्दबाजी कर दी है। भाजपा का यह दांव उल्टा पड़ेगा।

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भाजपा गठबंधन में रहने के बाद भी लगातार केंद्र और प्रदेश सरकार पर हमला बोल सुर्खियों में रहने वाले ओमप्रकाश राजभर ने बातचीत में कहा कि शिवपाल यादव को लखनऊ में आलीशान बंगला और जेड प्लस सुरक्षा की बात में सरकार ने बहुत जल्दबाजी की है।

कहा कि अभी शिवपाल यादव अपनी पार्टी को खड़ा करने में लगे हैं। समाजवादी पार्टी के लोग अभी उनके खेमे में आने की सोच रहे थे। अब जो भाजपा विरोधी सपा नेता हैं वह शिवपाल के साथ आने में दस बार सोचेंगे। उनके सामने अपनी मूल पार्टी में ही बने रहने का विकल्प खुला हुआ है।

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