कौन है भरेह विद्युत उपकेंद्र के तवाही का जिम्मेवार !

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कौन है भरेह विद्युत उपकेंद्र के तवाही का जिम्मेवार !

 कौन है भरेह विद्युत उपकेंद्र के तवाही का जिम्मेवार !

रिपोर्ट डॉ एस बी एस चौहान

चकरनगर इटावा 18 अक्टूबर। पुरानी कहावत है “कम पढ़े घर से गए, ज्यादा पढ़ें हर से गए” वाकई यह कहीं दूर कि नहीं सत्यता पूर्ण है लगभग एक महा से चकरनगर क्षेत्र विद्युत की समस्या से बुरी तरह जूझ रहा है उप विद्युत केंद्र भरेह की मशीनें जल जाने के बाद चकरनगर पर लोड बढ़ जाने के कारण पावर हाउस बुरी तरह कुप्रभावित हैं विद्युत की सप्लाई नियमित नहीं मिल पा रही है जब अधिकारी कुछ करने का मन बनाते हैं तो पब्लिक उसे ढकेल देती है ऐसा ही उदाहरण बीते दिवस भरेह पावर हाउस पर देखने को मिला।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार भरेह विद्युत उपकेंद्र लगभग एक-डेढ़ महीने से बुरी तरह जल कर ध्वस्त हो चुका है जिसकी लंबे समय तक कोई सुनवाई नहीं हुई जब समाचार पत्रों ने इस बात को उछाला तो कार्यवाही हुई और उपभोक्ताओं को निजात दिलाने के लिए मशीनों को भेजा गया लेकिन वहां पर उपस्थित पब्लिक ने उन्हें नहीं लगने दिया जब इस संबंध में ग्राम प्रधान नरेंद्र से बात हुई तो उन्होंने बताया कि हमारी पब्लिक ने किसी प्रकार की कोई आपत्ति नहीं की सिर्फ यह अधिकारियों से मांग की कि पुरानी मशीन लगने के बाद रनिंग में चलते नई मशीनें नहीं लगाई जाएगी इस

विनाय पर यह अनुरोध किया गया कि भले ही कुछ समय दो-चार दिन और सही लेकिन मशीनें नई ही लगें जिससे पावर हाउस अच्छा काम करेगा इसके विपरीत विभागीय अधिकारियों पर पड़ा बुरा असर जो लग रहा है कि इस कार्यवाही को लंबे समय तक जबरिया खींचकर ले जाया जाएगा इस संबंध में जब जेई भरेह से बात हुई उन्होंने बताया कि मशीनें आई थी पर पब्लिक ने नहीं लगने दी इससे स्टाफ में कुछ नाराजगी है।

उसके बाद एसडीओ विद्युत से बात की गई तो उन्होंने भी जे ई महोदय की बात को फॉरवर्ड करते हुए बताया कि अब क्या करूं पब्लिक ने मशीनें ही नहीं लगने दी फिलहाल काम चलने लगता उसके बाद नई मशीनें आने के बाद उन्हें सेट कर दिया जाता।

जब इस संबंध में अधिशासी अभियंता से बात करने के लिए संपर्क साधा गया तो उन्होंने फोन को भी रिसीव नहीं किया इसके बाद अधीक्षण अभियंता महोदय से बात हुई तो उन्होंने यह बताया कि हमारा स्टाफ फिलहाल पुरानी मशीनें भी लेकर गया था कि नई मशीनें इस समय स्टॉक में नहीं है इसलिए पब्लिक को परेशानी से दूर करने के लहजे से फिलहाल टेंपरेरी व्यवस्था के चलते यह सुझाव दिया गया था की पुरानी मशीनें लगाकर उपभोक्ताओं को परेशानी से निजात दिलाई जाए। नई मशीनें आने के बाद उन्हें फिट करवा दिया जाएगा लेकिन पब्लिक ने

समझदारी से काम ना लेकर मशीनों को नहीं लगने दिया। अब यह निश्चय किया है कि नई मशीनें जब भी आ जाएंगे तब नई मशीनें ही लगाई जाएगी लगता है कि इससे स्टाफ बेहद खफा है अब जिलाधिकारी इटावा को चाहिए कि दोनों के बीच का चल रहा तनाव खत्म करा कर विद्युत सप्लाई विधिवत सुचारू रूप से चालू कराई जाए क्योंकि यह दायित्व जिलाधिकारी का बनता है और उन्हें इसमें जरूर पहल करनी चाहिए ताकि लगभग चकरनगर क्षेत्र के 37 गांव जो विद्युत से कुप्रभावित है उन्हें सप्लाई विधिवत प्राप्त होने लगे।

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