दुर्गा पूजा :: मिथिला पंचांग के अनुसार मां का आगमन घोड़ा पर व मुर्गा पर गमन

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picsart_09-30-11-56-21दरभंगा : इस वर्ष शारदीय नवरात्रि 427 साल बाद एक बेहद शुभ संयोग लेकर आ रहे हैं। ये ग्रह संयोग बेहद विशेष हैं और पंचांग के मुताबिक इन दिनों में उपासना करने का फल अभूतपूर्व साबित होगा.

मां का आगमन व गमन घोड़ा पर होगा वहीं मिथिला पंचांग के अनुसार मां का आगमन घोड़ा पर हो रहा है और गमन मुर्गा पर हो रहा है.

मां दुर्गा शनिवार के दिन घोड़े पर सवार होकर आ रही है। हालांकि इसे सामान्य तौर पर युद्ध का प्रतीक माना जाता है लेकिन नवरात्रि 10 दिन हो जाने के चलते पूरा संयोग ही बेहद शुभ साबित होने वाला है।

जानकारों के मुताबिक जब भी 10 दिन नवरात्रि मनाई जाती है तो ये दिन शक्ति की उपासना के लिए बेहद शुभ होते हैं। पंचांग के मुताबिक अष्टमी पूजन 9 अक्टूबर को नवमी पूजन 10 जबकि दशहरा 11 अक्टूबर को मनाया जाना है। जानकारों के मुताबिक इस बार अभिजीत मुहूर्त धनु लग्न में आ रहा है। ऐसे में धनु लग्न में ही कलश स्थापना श्रेष्ठ है। सूर्योदय के बाद व अभिजीत मुहूर्त में कलश स्थापना करना चाहिए। प्रतिपदा वृद्धि होने से देश में खुशहाली के संकेत हैं।

दस दिन की नवरात्रि में दो शनिवार आएंगे यह अत्यंत शुभ संयोग है क्योंकि शनिवार को दुर्गा पूजा का हजार, लाख गुना नहीं करोड़ गुना फल मिलता है। लाभ, शुभ, अमृत  (राहु काल छोड़ कर)  स्थिर लग्न में घट स्थापना कर सकते हैं। ग्रह स्थिति बुध-आदित्य योग, उच्च के  बुध और स्वग्रही शुक्र आदि योग से नवरात्रि अत्यंत शुभ मानी जा रही है। इसके साथ ही इस बार नवरात्रि में आठ दिन राजयोग, द्विपुष्कर योग, सिद्धियोग, सर्वार्थसिद्धि योग, सिद्धियोग और अमृत योग के संयोग बन रहे हैं। इन विशेष योगों में की गई खरीदारी अत्यधिक शुभ और फलदायी रहती है।