चंदन कुमार। रांची।
मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने राज्य के प्रखंड समन्वयकों को निदेश दिया कि वे मार्च तक आदिवासी विकास समिति और ग्राम विकास समिति का गठन पूर्ण कर लें। अप्रैल से योजनाओं को लागू करने का काम शुरू कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि समिति में 9 से 11 सदस्य होंगे। महिला को अध्यक्ष और युवा को सचिव का पद के लिए गांव वाले ही चयन करेंगें। सरकार गांव के विकास की छोटी-छोटी योजनाओं हेतु राशि सीधे समिति के खाते में भेजेगी।

गांव वाले अपने गांव की योजना स्वयं तय कर यह राशि खर्च कर सकेंगें। मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास आज पंचायती राज विभाग के तहत प्रखंड समन्वयकों के साथ बैठक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिला पंचायती राज अधिकारी की भी जिम्मेवारी तय है। प्रंखड समन्वयकों के साथ-साथ उन्हें भी टूर डायरी भरनी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का विकास तभी होगा, जब गांव का विकास होगा। इस हेतु जनभागीदारी जरूरी है। हमारी सरकार इसी को बढ़ावा देने के लिए शीघ्रता से कदम उठा रही है। गांव का विकास केवल नौकरशाही के प्रयास से पूरा नहीं होगा अपितु गांव को स्वयं अपनी प्राथमिकताएं तय करनी होंगी और विकास का कार्य करना होगा।

सरकार ने अपना गांव-अपना काम के नारे के साथ इसकी शुरुआत की है। गांव का एक-एक व्यक्ति विकास कार्य में अपना योगदान दे। योजना के लिए 80 प्रतिशत राशि सरकार देगी। 20 प्रतिशत राशि ग्रमीण श्रमदान के रूप में देंगे। इससे उनमें और भी अपनेपन का भाव आयेगा।
बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती राजबाला वर्मा, विकास आयुक्त श्री अमित खरे, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सुनील कुमार बर्णवाल, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री अविनाश कुमार, पंचायती राज विभाग के सचिव श्री विनय चौबे समेत विभाग के अधिकारी और प्रखंड समन्वयक उपस्थित थे।
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