
सूरज अवस्थी (मोहनलालगंज/लखनऊ):: प्रदेश सरकार के आदेश की धज्जियां उड़ाई जा रही है यह आलम राजधानी का है तो दूर दराज क्षेत्र में इस बानगी से अंदाजा लगाया जा सकता है ,समाचार पत्रों में गंदा पानी पीने से बीमार होने की खबर प्रकाशित होने के बाद भी ज़ू नहीं रेंगी । मामला मोहनलालगंज विकास खंड से चंद कदमों की दूरी पर स्थित कृषि रक्षा इकाई में वर्षो पूर्व इंडिया मार्का टू हैण्ड पम्प लगा था जिसमें काफी समय से गंदा पानी आ रहा है ,केन्द्र व राज्य सरकार जहां किसानो को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तमाम योजनाएं संचालित कर रही है , कि किसान की खुशहाली से सभी खुशहाल हो सकते है कृषि रक्षा इकाई में बीज व दवा लेने दूर दूर से किसान आते है इस परिसर में एक इंडिया मार्का टू हैण्ड पम्प व एक समर सेबल बोरिंग है इस इमारत के ऊपर पानी की टंकी भी रखी है लेकिन वह भी सफेद हाथी साबित हो रही है इस चिल चिलाती धूप में प्यास बुझाने के लिए आस पास पानी पीने की कोई व्यवस्था नहीं है जो इंडिया मार्का टू हैण्ड पम्प लगा है उसका पानी पीने से कई किसान बीमार हो चुके है
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इसकी शिकायत किसानो ने ए डी ओ ए जी प्रेम बाबू से की थी लेकिन शिकायत करने के बाद भी कोई पुरसाहाल नहीं हो सका ,इसके बाद इसकी शिकायत खंड विकास अधिकारी भोला नाथ कनौजिया से की गई महीनों बीतने के बाद भी इंडिया मार्का टू हैण्ड पम्प सही नहीं हो सका , नल से निकल रहा गन्दा बदबूदार पानी , दूर दराज से बीज व अन्य कृषि संयंत्र सामान लेने आने वाले किसान दूषित व गन्दा जंगयुक्त पानी पीने के लिए मजबूर , शिकायत के बाद भी नही हो रही सुनवाई । प्रचंड गर्मी व चिलचिलाती धूप में कृषि रक्षा इकाई मोहन लाल गंज में बीज व दवा और किसान सम्मान निधि योजना की जानकारी लेने पहुच रहे सैकड़ो किसान प्यास के मारे सुख रहे गले व हलक और अपनी प्यास बुझाने के लिए वहां पर लगे सरकारी नल का हैंडिल पकड़कर चलाते है तो नल से गन्दा , दूषित , बदबुदार जंग मिश्रित पानी निकलने लगता है , जिसे कोई भी किसान व अन्य आदमी पीने की हिम्मत नही जुटा पा रहा है , जिससे वहां पर आने जाने वाले ग्रामीणों व किसानों में खाशा रोष ब्याप्त है , और वहां पर आने वाले किसान प्यास बुझाने के लिए बाहर दुकानों में बिक रहा पानी अपनी अपनी जेब ढीली कर पीने को विवश है । जबकि प्रदेश सरकार ने नहरों में पानी छोड़ने के साथ पेयजल पर विशेष ध्यान देने व पानी पीने के लिए उचित व्यवस्था के साथ कुछ फोन नंबर भी जारी किए थे कि पानी व्यवस्था खराब होने पर सीधे शिकायत दर्ज कराए तत्काल निस्तारण करने की व्यवस्था की जाएगी ,लेकिन विभागीय अधिकारी सरकार को पलीता लगाने में सफल दिख रहे है ।
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