हरदोई के एक निजी विद्यालय से जुड़ा अभिभावक और स्कूल प्रबंधन के बीच विवाद इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो ने इस मामले को तूल दे दिया, जिसके बाद शिक्षा विभाग और प्रशासन दोनों हरकत में आ गए। मामला न्यू सनबीम स्कूल का है, जहां विद्यालय की प्रबंधक ममता मिश्रा और एक अभिभावक के बीच हुई तीखी नोकझोंक ने पूरे जिले में हलचल पैदा कर दी।

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि प्रबंधक ममता मिश्रा अभिभावक से ऊंची आवाज में बात कर रही हैं और उन्हें चुप रहने के लिए “शट-अप” कहती हैं। इतना ही नहीं, अभिभावक को स्कूल परिसर से बाहर जाने के लिए कहा जाता है और बच्चे का नाम काटने की बात भी कही जाती है। यह वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर फैला, लोगों में आक्रोश बढ़ गया और मामले को लेकर सवाल उठने लगे।
घटना के सामने आते ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. अजित सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए। एक जांच टीम का गठन किया गया, जिसने स्कूल पहुंचकर पूरे मामले की पड़ताल शुरू की। सोमवार को बीएसए खुद टीम के साथ विद्यालय पहुंचे और वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय के दस्तावेजों की जांच की गई, भवन की स्थिति देखी गई और छात्रों से बातचीत कर जानकारी जुटाई गई। शुरुआती जांच में कई तरह की खामियां सामने आईं, जिससे यह संकेत मिला कि विद्यालय में नियमों का पूरी तरह पालन नहीं हो रहा है। इन खामियों को देखते हुए बीएसए ने सख्त रुख अपनाया।
इसी दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने भी इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता स्कूल पहुंचे और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दी, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और प्रदर्शनकारियों को समझाकर जाम खुलवाया। इसके बाद ABVP के प्रतिनिधि कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने एडीएम प्रियंका सिंह को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रशासनिक जांच के बाद बीएसए डॉ. अजित सिंह ने नगर शिक्षा अधिकारी डीएल राणा को निर्देश दिए कि विद्यालय की प्रबंधक और प्रधानाचार्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। इसके साथ ही, जांच पूरी होने तक प्रबंधक ममता मिश्रा के विद्यालय में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। यह निर्णय इस उद्देश्य से लिया गया है कि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी हो सके।
बीएसए ने स्पष्ट किया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा संस्थानों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दूसरी ओर, इस पूरे विवाद पर प्रबंधक ममता मिश्रा ने अपनी सफाई दी है। उन्होंने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि वीडियो को एकतरफा तरीके से प्रस्तुत किया गया है। उनके अनुसार, संबंधित अभिभावक लंबे समय तक स्कूल में मौजूद रहे और इस दौरान उन्होंने भी अनुचित व्यवहार किया, जिससे स्थिति बिगड़ गई।
ममता मिश्रा ने स्वीकार किया कि गुस्से में उन्होंने कुछ कठोर शब्द कह दिए थे, लेकिन उन्होंने इसके लिए सार्वजनिक रूप से माफी भी मांग ली है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी को अपमानित करने का इरादा नहीं रखा था और मामला अनावश्यक रूप से बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने अपने ऊपर लगे अन्य आरोपों को भी निराधार बताया।
इस घटना ने जिले में शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों में उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए, जबकि स्कूल प्रबंधन अनुशासन बनाए रखने की बात करता है। ऐसे में दोनों के बीच संतुलन बनाना जरूरी हो गया है।
फिलहाल, प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है और आने वाले दिनों में इसकी रिपोर्ट सामने आएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस मामले में किसे जिम्मेदार ठहराया जाता है और क्या कदम उठाए जाते हैं।
कुल मिलाकर, हरदोई का यह मामला अब एक साधारण विवाद से आगे बढ़कर शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जिम्मेदारी और व्यवहार के स्तर पर सुधार की जरूरत को उजागर करने वाला मुद्दा बन गया है।
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