बिहार :: विधानसभा चुनाव 2020 से पहले 4800 गांवों में बैठक करेगी भाजपा

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पटना : भाजपा अगले चार साल के दौरान यानी 2020 के विधानसभा चुनाव के पहले तक राज्य के हरेक गांवों में बैठक करने की कार्ययोजना बनायी है. इसका पूरा  प्लान भी बन गया है. पार्टी इससे गांवों में अपना जनाधार को मजबूत भी करेगी और बढ़ायेगी भी. पार्टी महिलाओं व अतिपिछड़ों में भी पैठ बढ़ाने की योजना बनायी है. जिला व मंडल कमेटियों में 33 फीसदी महिलाओं को जगह दी जायेगी. इसके अलावा कमेटियों में अतिपिछड़ों को पर्याप्त संख्या में भागीदारी दी जायेगी. 2016_10largeimg17_oct_2016_063420575-320x197
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में शामिल होने आये पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री सौदान सिंह ने कार्यसमिति की बैठक के पहले पार्टी के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें संगठन विस्तार और आम जनता में पैठ बढ़ाने का टिप्स दिया. पार्टी आंदोलनात्मक कार्यक्रम के द्वारा अपने को आम जनता से जोड़ेगी. सौदान सिंह ने बैठक में कहा कि मंडल की हरेक महीने बैठक होनी है. बैठक गांव में होगी. यानी मंडल की कम से कम 12 बैठक हर साल होगी. पार्टी की 1019 मंडल इकाई है. हर महीने 1000 गांवों में बैठक होगी. साल में 12 हजार. राज्य में 50 हजार के करीब गांव है.
चार साल में पार्टी 48 हजार गांवों में बैठक कर चुकी होगी. इन बैठकों में पार्टी के कार्यक्रमों की तो चर्चा होगी ही साथ ही किसी एक स्थानीय मुद्दों को लेकर आंदोलनात्मक रणनीति बनाकर उसे अमल में लाया जाएगा. पार्टी ने पंचायत से लेकर प्रदेश स्तर तक आंदोलन चलाने का भी निर्णय  लिया है. इन बैठकों में प्रदेश कार्यसमिति के लोग भी शिरकत करेंगे. अगर गांव में कोई जगह नहीं मिले तो पेड़ के नीचे बैठक होगी. इस महीने तक मंडल व जिला कमेटियों का गठन होना है. कमेटी में अतिपिछड़ों के भी पर्याप्त जगह देना है. विधानसभा स्तर पर प्रशिक्षण का कार्यक्रम चल रहा है.
भाजपा आंदोलनात्मक कार्यक्रम के द्वारा गांवों में अपने आधार को मजबूत करेगी. हर महीने स्थानीय मुद्दे को लेकर पार्टी प्रदर्शन करेगी. तीन माह पर जिला स्तर पर और हर छह माह पर प्रदेश स्तर पर आंदोलन पार्टी करेगी. इसके अलावा पार्टी  पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्मशती वर्ष  को गरीब कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है. पार्टी कार्यकर्ता पिछड़ों इलाकों में जाकर समाज के निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति को सरकारी योजनाओं की जानकारी देंगे.  संगठन विस्तार और जनाधार बढ़ाने के लिए पार्टी पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं की टोली लगाएगी. इस टोली में वैसे कार्यकर्ताओं को रखा जाएगा जिन पर कोई सांगठनिक जिम्मेदारी नहीं है.
जो कार्यकर्ता कम से कम 15 दिन और  अधिक से अधिक लोकसभा चुनाव तक पार्टी को अपना पूरा समय देंगे.  वरिष्ठ भाजपा नेता और विधानसभा की लोक लेखा समिति के सभापति नंदकिशोर यादव ने  कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय समाज के अंतिम व्यक्ति के सामाजिक आर्थिक उत्थान के प्रति कृतसंकल्पित थे. अंत्योदय से ही समाज मजबूत होता है और समाज मजबूत हुआ तो प्रांत और राष्ट्र मजबूत होगा.
यादव रविवार को  पटना महानगर भाजपा की कार्यसमिति की बैठक का उद्घाटन कर रहे थे.  बैठक की अध्यक्षता  जिलाध्यक्ष सीताराम पांडेय ने की. यादव ने कहा कि कार्यकर्ता पार्टी की रीढ़ होते हैं.  सशक्त संगठन वही होता है जहां कार्यकर्ता जागरूक और सक्रिय रहते हैं.
प्रदेश महामंत्री सूरजनंदन कुशवाहा ने केंद्र की विविध योजनाओं की चर्चा करते हुए इसके कार्यान्वयन में पार्टी के कार्यकर्ताओं को निगाह रखने को कहा.  प्रदेश महामंत्री और दीघा विधायक डॉ. संजीव चौरसिया ने कहा कि राज्य के जो हालात हो गये हैं उसमें लगता ही नहीं कि सूबे में कोई सरकार है. पार्टी के प्रदेश महामंत्री संगठन नागेन्द्र जी ने संगठनात्मक पहलुओं पर विस्तार से कार्यकर्ताओं का बताया. विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक अरुण कुमार सिन्हा ने कहा कि राजधानी की समस्याओं के खिलाफ आंदोलन में महानगर यूनिट के कार्यकर्ताओं की महती भूमिका रही है.
बांकीपुर के विधायक नितिन नवीन ने कार्यकर्ताओं को मुद्दा आधारित आंदोलन छेड़ने का आह्वान किया.  मंच संचालन महानगर भाजपा के महासचिव विनय केसरी ने किया जबकि राजनीतिक प्रस्ताव संजय राय ने पेश किया.  इस अवसर पर राजेश मुखिया, शैलेन्द्र यादव, सुधीर शर्मा, प्रदीप कुमार पप्पू, अभिषेक कुमार आदि ने अपने विचार व्यक्त किये.