झांसी में बृहस्पतिवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब भोजला मंडी क्षेत्र में शराब के नशे में धुत कुछ युवकों ने खुलेआम पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी। अचानक गोलियों की आवाज गूंजने से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। मंडी में मौजूद कारोबारी और मजदूर अपनी जान बचाने के लिए दुकानों के भीतर छिप गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई करते हुए पांच युवकों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

पुलिस के अनुसार, इस घटना का मुख्य आरोपी आढ़त कारोबारी अमित अग्रवाल का 20 वर्षीय पुत्र माधव अग्रवाल है। आरोप है कि माधव अपने दोस्तों के साथ भोजला मंडी स्थित सरकारी गोदाम के पास शराब पार्टी कर रहा था। पार्टी के दौरान वह अपने पिता की लाइसेंसी पिस्टल लेकर मौके पर पहुंचा और शराब के नशे में एक के बाद एक कई राउंड फायर कर दिए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, माधव ने कम से कम तीन फायर किए। उसके साथ मौजूद अन्य युवक भी कार में तेज म्यूजिक बजाकर डांस कर रहे थे और फायरिंग में उसका साथ दे रहे थे।
घटना के समय मौके पर भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष संतोष सोनी का बेटा अमन सोनी भी मौजूद था। पुलिस के मुताबिक, भोजला मंडी में उस समय सात युवक शराब पार्टी में शामिल थे। इनमें माधव अग्रवाल के अलावा मानिक चौक टकसाल निवासी हर्षवर्धन गोस्वामी (27), बड़ा बाजार निवासी अंशुल गुप्ता (33), गांधीघर के टपरा निवासी अमन सोनी (23), गोसाईपुरा निवासी शोएब खान (27) शामिल हैं। वहीं, मिनर्वा निवासी गर्भ जैन और मानिक चौक दूध वाली गली निवासी अदनान खान मौके से फरार हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आधी रात के समय जब मंडी अपेक्षाकृत शांत रहती है, तभी अचानक गोलियों की आवाज सुनाई दी। लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले लगातार फायरिंग होने लगी। मंडी में मौजूद कारोबारी और मजदूर डर के मारे इधर-उधर भागने लगे और कई लोगों ने अपनी दुकानें बंद कर खुद को अंदर ही बंद कर लिया। कुछ लोगों ने हिम्मत कर तुरंत पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही सीपरी बाजार थाना पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर दो युवक भागने में सफल हो गए, लेकिन बाकी पांच को घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। पुलिस ने मौके से माधव अग्रवाल के पास से एक पिस्टल बरामद की। पूछताछ में माधव ने बताया कि यह पिस्टल उसके पिता अमित अग्रवाल के नाम पर लाइसेंसी है। पुलिस ने पिस्टल के साथ बड़ी संख्या में कारतूस भी जब्त किए।
पुलिस की तलाशी में आरोपियों के पास से कुल 45 कारतूस बरामद हुए। इनमें हर्षवर्धन गोस्वामी के पास से 7 कारतूस, अमन सोनी के पास से 20 कारतूस, शोएब खान के पास से 7 कारतूस और अंशुल गुप्ता के पास से भी 7 कारतूस मिले। इसके अलावा अंशुल गुप्ता के पास से 33,700 रुपये नकद भी बरामद किए गए। मौके से तीन खोखे भी मिले, जो फायरिंग की पुष्टि करते हैं।
पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद तीन लग्जरी कारों को भी जब्त कर थाने लाकर सीज कर दिया है। इन कारों में तेज म्यूजिक बजाकर युवक शराब पार्टी कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि अगर समय रहते सूचना न मिलती तो यह घटना किसी बड़े हादसे का रूप ले सकती थी।
सीओ सिटी लक्ष्मीकांत गौतम ने बताया कि सभी पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि लाइसेंसी हथियार का इस तरह गैरजिम्मेदाराना इस्तेमाल कैसे किया गया और युवकों के पास इतनी बड़ी संख्या में कारतूस कहां से आए। पुलिस भी इस बात की जांच कर रही है कि क्या लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन हुआ है और क्या हथियार रखने में लापरवाही बरती गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। आधी रात को मंडी जैसे व्यावसायिक इलाके में खुलेआम फायरिंग से आम जनता में भय का माहौल बन गया है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी।
फिलहाल भोजला मंडी क्षेत्र में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है और मामले की गहन जांच जारी है।
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