अंबाला के ठाकुरपुरा कलालटी गांव में रविवार शाम दो पक्षों के बीच हुए खूनी संघर्ष में दो किशोर घायल हो गए। फायरिंग के दौरान घर के गेट पर लगे गोली के छर्रे तेजस (10) और दुष्यंत (13) को लग गए। घायल बच्चों को तुरंत परिवार के लोगों ने अंबाला कैंट के नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

कहानी कैसे हुई
घटना की शुरुआत गांव के बस अड्डे पर हुई, जब तेजस और दुष्यंत के चचेरे भाई शेखर कार से अपने काम के लिए जा रहे थे। बताया गया है कि उसी समय धर्म सिंह नामक व्यक्ति ने उन्हें रोककर कहा कि “घूर कैसे रहे हो।” इस बात पर दोनों पक्षों के बीच हाथापाई और थप्पड़-मुक्के चले। स्थानीय लोगों ने जल्दी ही विवाद शांत किया और दोनों पक्षों को वापस घर भेज दिया।
लेकिन मामला यहीं नहीं थमा। पुलिस के अनुसार, कुछ घंटे बाद धर्म सिंह और उनके साथ अन्य लोग शेखर के घर के पास पहुंचे और फिर से मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान आरोप है कि हमलावरों ने कार से जाते समय दो-तीन फायरिंग की। गोली का एक छर्रा घर के गेट से टकराकर तेजस और दुष्यंत को लग गया।
घायलों की हालत और इलाज
घायलों के चेहरे, छाती और हाथ पर छर्रे लगे हैं। बच्चों की मां अनुराधा ने बताया कि उनके पति राहुल यूपी में काम करते हैं और परिवार लंबे समय से मायके में ही रह रहा है। दोनों बच्चे ई-मैक्स स्कूल, अंबाला में पढ़ाई करते हैं। घायलों का इलाज नागरिक अस्पताल में चल रहा है और चिकित्सकों ने उनकी स्थिति स्थिर बताई है।
पुलिस जांच
कलालटी चौकी प्रभारी विश्वबंधु ने बताया कि उन्हें फायरिंग की सूचना मिली थी। मौके पर जाकर उन्होंने घायल बच्चों का बयान दर्ज किया और घटना की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब मुलाना थाना क्षेत्र के अन्य बिंदुओं से भी जानकारी जुटा रही है। प्राथमिक जांच के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी और आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
गांव में दहशत का माहौल
घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यह झगड़ा पहले भी कई बार दोनों पक्षों के बीच हो चुका है। अब लोग पुलिस से दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पारिवारिक और सामाजिक प्रभाव
घटना ने बच्चों और उनके परिवार पर गहरा असर डाला है। मां अनुराधा ने बताया कि वह और बच्चे नानी के घर रहते हैं। घटना ने परिवार और पड़ोस में डर और चिंता बढ़ा दी है। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं से जांच कर रही है, ताकि भविष्य में ऐसे हालात को रोका जा सके।
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