ग्रेटर नोएडा के दादरी थाना क्षेत्र से सामने आए एक दिल दहला देने वाले हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में पता चला है कि एक महिला ने अपने प्रेमी और उसके साथियों के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या की साजिश रची और उसे बेरहमी से मौत के घाट उतरवा दिया। इस मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

पूरी घटना का खुलासा उस समय हुआ जब 16 फरवरी की सुबह शिव वाटिका के पास झाड़ियों में एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। मृतक के शरीर पर धारदार हथियार से कई वार के निशान मिले, जिससे साफ था कि यह सामान्य मौत नहीं बल्कि हत्या का मामला है।
पहचान के लिए पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की, साथ ही सोशल मीडिया, मोबाइल डाटा और सीसीटीवी फुटेज की मदद ली। कुछ घंटों की जांच के बाद मृतक की पहचान ग्राम घोड़ी बछेड़ा निवासी गोविंद रावल के रूप में हुई। इसी बीच मृतक के भाई ने दादरी थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई, जिससे पुलिस को केस जोड़ने में मदद मिली।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत चार टीमों का गठन किया और तकनीकी जांच तेज कर दी। कॉल डिटेल रिकॉर्ड और लोकेशन विश्लेषण के दौरान पुलिस को मृतक की पत्नी की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। इसके बाद जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो पूरे हत्याकांड की परतें खुलती चली गईं।
पूछताछ में सामने आया कि गोविंद की पत्नी प्रीति का गांव के ही रहने वाले रोहित रावल से पिछले करीब दो साल से प्रेम संबंध था। बताया गया कि गोविंद शराब पीने का आदी था और नशे की हालत में अक्सर पत्नी के साथ मारपीट करता था। घरेलू कलह और प्रेम संबंध के चलते प्रीति अपने पति से छुटकारा चाहती थी।
पुलिस के मुताबिक, प्रीति ने रोहित को कई बार अपनी परेशानी बताई और अंततः पति को रास्ते से हटाने की बात कही। इसके बाद दोनों ने हत्या की साजिश रच डाली। योजना को अंजाम देने के लिए रोहित ने अपने दोस्त धर्मेंद्र और दादरी निवासी नफीस को भी शामिल कर लिया।
साजिश के तहत 12 फरवरी को रोहित ने गोविंद को पार्टी के बहाने बुलाया। सभी आरोपी एक साथ मिले और पहले शराब खरीदी। इसके बाद वे लोग एक सुनसान खाली प्लॉट पर बैठकर शराब पीने लगे। आरोपियों ने जानबूझकर गोविंद को ज्यादा शराब पिलाई ताकि वह पूरी तरह नशे में हो जाए और विरोध न कर सके।
जब गोविंद नशे में बेसुध हो गया, तब आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार, नफीस द्वारा लाए गए धारदार हथियार से गोविंद के गले और शरीर पर कई वार किए गए। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को शिव वाटिका के पास झाड़ियों में फेंक दिया और सबूत मिटाने की कोशिश करते हुए वहां से फरार हो गए। हालांकि उनकी यह चाल ज्यादा दिन नहीं चल सकी और पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एक-एक कर सभी को दबोच लिया।
सबसे पहले पुलिस ने रोहित रावल और नफीस को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया। इस दौरान नफीस के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया। बाद में पुलिस ने धर्मेंद्र और मृतक की पत्नी प्रीति को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में चारों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल चाकू/बांका और अन्य सामान भी बरामद कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह हत्या पूरी तरह पूर्व नियोजित थी और आरोपियों ने सोच-समझकर इसे अंजाम दिया।
इस घटना के खुलासे के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पारिवारिक विवाद इस हद तक पहुंच जाएगा, इसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि घरेलू विवाद या व्यक्तिगत समस्याओं का समाधान कानूनी और सामाजिक तरीके से करें, क्योंकि अपराध का रास्ता अंततः सभी के लिए नुकसानदेह साबित होता है।
फिलहाल चारों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और उनसे आगे की पूछताछ जारी है। पुलिस चार्जशीट तैयार कर रही है और जल्द ही आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि अवैध संबंध और घरेलू तनाव किस तरह खतरनाक साजिश में बदल सकते हैं।
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