फतेहपुर जिले में एक शादी समारोह उस वक्त बुरी तरह बिगड़ गया, जब दुल्हन के पालतू कुत्ते को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि जयमाल हो जाने के बावजूद दुल्हन ने शादी से इनकार कर दिया और बारात को खाली हाथ लौटना पड़ा।

खागा कोतवाली क्षेत्र के एक गेस्ट हाउस में बुधवार रात यह विवाह समारोह आयोजित था। जानकारी के अनुसार दूल्हा और दुल्हन पहले से एक-दूसरे को जानते थे और दोनों ने परिवारों की सहमति से आर्य समाज मंदिर में विवाह भी कर लिया था। सामाजिक रीति-रिवाज निभाने के लिए यह कार्यक्रम रखा गया था। शुरुआत में माहौल पूरी तरह उत्सव जैसा था—बारात का भव्य स्वागत हुआ, नाच-गाना चला और जयमाल की रस्म भी हंसी-खुशी पूरी कर ली गई।
बताया जाता है कि भोर करीब चार बजे मंडप में आगे की रस्में चल रही थीं। इसी दौरान दुल्हन का पालतू कुत्ता पास में बंधा हुआ लगातार भौंक रहा था। आरोप है कि दूल्हे पक्ष के एक युवक को यह बात खटक गई और उसने गुस्से में आकर डंडे से कुत्ते को मार दिया। कुत्ते को चोट लगते ही दुल्हन पक्ष के लोग भड़क उठे और युवक की हरकत का विरोध करने लगे।
देखते ही देखते दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई। बात गाली-गलौज तक पहुंची और कुछ ही देर में माहौल पूरी तरह गर्म हो गया। गेस्ट हाउस में कुर्सियां फेंकी जाने लगीं और लाठी-डंडों से मारपीट शुरू हो गई। शादी का मंडप कुछ ही मिनटों में रणभूमि जैसा नजर आने लगा।
इस झड़प में वधू पक्ष की एक महिला सहित तीन लोग घायल हो गए, जबकि दूल्हा पक्ष के भी दो लोगों को चोटें आईं। कई लोगों के सिर और हाथ-पैर पर चोटें बताई गईं। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और मेहमान इधर-उधर भागने लगे।
सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल गेस्ट हाउस पहुंची और किसी तरह दोनों पक्षों को अलग कराया। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया और दोनों परिवारों के प्रमुख लोगों को थाने ले जाया गया। इस दौरान शादी की आगे की रस्में पूरी तरह रुक गईं।
थाने में पुलिस ने जब दुल्हन से बात की तो उसने सख्त रुख अपनाते हुए शादी से साफ इनकार कर दिया। दुल्हन का कहना था कि जो लोग एक जानवर को लेकर इतना हिंसक हो सकते हैं और उसके परिवार पर हाथ उठा सकते हैं, ऐसे घर में वह अपना भविष्य सुरक्षित नहीं मानती। उसके इस फैसले से दोनों परिवारों के बीच सन्नाटा छा गया।
परिजनों और रिश्तेदारों ने दुल्हन को काफी समझाने की कोशिश की, लेकिन वह अपने फैसले पर अडिग रही। आखिरकार पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच लंबी बातचीत और पंचायत हुई। कई घंटों की चर्चा के बाद यह तय किया गया कि अब यह रिश्ता आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
समझौते के तहत दोनों परिवारों ने आपसी सहमति से अलग होने का निर्णय लिया। जो भी दान-दहेज या उपहारों का आदान-प्रदान हुआ था, उसे वापस करने पर भी सहमति बनी। पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों ने लिखित में दिया कि वे इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करेंगे।
इसके बाद दूल्हा पक्ष को बिना दुल्हन के ही वापस लौटना पड़ा, जबकि लड़की पक्ष प्रयागराज के लिए रवाना हो गया। शादी का खुशियों भरा माहौल कुछ ही घंटों में पूरी तरह फीका पड़ गया।
स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कई लोगों का कहना है कि अगर मौके पर मौजूद लोग संयम से काम लेते तो एक छोटी सी बात इतनी बड़ी नहीं बनती। वहीं कुछ लोग दुल्हन के फैसले को आत्मसम्मान से जुड़ा कदम बता रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी पक्ष की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। यदि भविष्य में तहरीर मिलती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि शादी जैसे संवेदनशील मौके पर छोटी-सी चिंगारी भी बड़े विवाद का रूप ले सकती है। जहां कुछ समय पहले तक बैंड-बाजे और खुशियों की गूंज थी, वहीं सुबह होते-होते वही समारोह टूटे रिश्ते और भारी मायूसी की कहानी बन गया।
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