लखनऊ के आशियाना क्षेत्र में शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की हत्या ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। यह मामला सिर्फ एक हत्या तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके बाद सामने आई घटनाओं ने पुलिस और आम लोगों दोनों को झकझोर दिया है। जांच में जो तथ्य निकलकर आए हैं, वे आरोपियों की असामान्य मानसिकता और सुनियोजित साजिश की ओर इशारा करते हैं। आरोप है कि पिता की हत्या के बाद बेटा अक्षत और बेटी कृति कई दिनों तक सामान्य जीवन जीते रहे और घर में पड़े शव के पास बैठकर नॉनवेज भी खाते रहे।

हत्या के बाद भी नहीं टूटा सामान्य व्यवहार
पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद घर के अंदर बेहद भयावह स्थिति थी, लेकिन बाहर से सब कुछ सामान्य दिखाने की कोशिश की गई। जांच में पता चला है कि हत्या के बाद भी दोनों भाई-बहन की दिनचर्या लगभग वैसी ही रही जैसी पहले थी। कृति रोज की तरह परीक्षा देने जाती रही, जबकि अक्षत घर में रहकर आगे की योजना बनाता रहा।
सूत्रों का कहना है कि जिस कमरे में मानवेंद्र सिंह का शव रखा था, उसी घर में दोनों भाई-बहन आराम से खाना खाते रहे। इस दौरान उन्होंने नॉनवेज भी खाया। जांच अधिकारियों के मुताबिक, इतनी बड़ी वारदात के बाद भी उनका सामान्य दिखना बेहद असामान्य और चौंकाने वाला है।
शव ठिकाने लगाने की तैयारी
जांच में सामने आया है कि आरोपी अक्षत ने हत्या के बाद सबूत मिटाने की योजना भी बनाई थी। वह बाजार गया और वहां से आरी तथा एक बड़ा नीला ड्रम खरीदकर लाया। पुलिस का मानना है कि वह शव के टुकड़े कर उसे ठिकाने लगाने की तैयारी में था।
इस बीच घर आने-जाने वालों को शक न हो, इसके लिए दोनों भाई-बहन सामान्य व्यवहार करते रहे। वे रोज अपनी चाची नम्रता से मिलते रहे और कोशिश करते रहे कि कोई भी उस कमरे के पास न जाए, जहां शव रखा था। पुलिस इसे सोची-समझी रणनीति मान रही है।
कृति पर भी गहराया शक
जांच के दौरान एक अहम तथ्य यह सामने आया कि घटना के वक्त बेटी कृति उसी कमरे में मौजूद थी। उसने पूरी घटना देखी, लेकिन किसी को इसकी सूचना नहीं दी। यही वजह है कि अब उसकी भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।
करीब 40 मिनट तक चली पूछताछ में कृति से कई सवाल किए गए। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह केवल डर के कारण चुप रही या उसे पहले से पूरी साजिश की जानकारी थी। उसके फोन रिकॉर्ड, मूवमेंट और बयान का गहन विश्लेषण किया जा रहा है।
पारिवारिक तनाव की भी जांच
पड़ोसियों और परिचितों से मिली जानकारी के अनुसार, मानवेंद्र सिंह पिछले कुछ समय से अपने बच्चों की गतिविधियों से परेशान थे। उन्होंने घर में सख्ती बढ़ा दी थी और बच्चों को अनुशासन में रहने के लिए दबाव बना रहे थे।
बताया जाता है कि मानवेंद्र सिंह अक्सर कहते थे कि उन्होंने बच्चों के भविष्य के लिए बहुत कुछ त्याग किया है और दूसरी शादी तक नहीं की। पुलिस यह भी जांच रही है कि कहीं यही पारिवारिक तनाव हत्या की वजह तो नहीं बना।
लोकेशन भटकाने की कोशिश
पुलिस जांच में एक और महत्वपूर्ण खुलासा हुआ है। तकनीकी जांच से पता चला कि अक्षत ने अपनी लोकेशन छिपाने के लिए योजना बनाई थी। 20 फरवरी को वह काकोरी गया और वहां जानबूझकर अपना मोबाइल फोन ऑन किया।
जांच एजेंसियों का मानना है कि उसने ऐसा इसलिए किया ताकि पुलिस को उसकी आखिरी लोकेशन घर की बजाय काकोरी में दिखाई दे और शक उससे दूर हो जाए। इससे यह संकेत मिलता है कि आरोपी ने अपराध को पहले से प्लान किया था।
फॉरेंसिक टीम जुटी
मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कई अहम साक्ष्य जुटाए हैं। घर के अंदर से खून के निशान, संदिग्ध सामान और अन्य सामग्री जब्त की गई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक विश्लेषण के बाद हत्या के समय और तरीके को लेकर और स्पष्टता आने की उम्मीद है।
पुलिस अधिकारी लगातार आरोपी अक्षत से पूछताछ कर रहे हैं और घटनाक्रम की पूरी कड़ी जोड़ने की कोशिश में हैं। साथ ही, कृति की भूमिका को लेकर भी हर पहलू से जांच जारी है।
इलाके में दहशत और चर्चा
इस सनसनीखेज घटना के सामने आने के बाद आशियाना इलाके में दहशत का माहौल है। पड़ोसियों का कहना है कि परिवार बाहर से सामान्य लगता था, इसलिए किसी को भी इस तरह की घटना की उम्मीद नहीं थी। स्थानीय लोग इस वारदात को बेहद डरावना और असामान्य बता रहे हैं।
आगे क्या
पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और कई पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। बेटे अक्षत की संलिप्तता के पर्याप्त संकेत मिल चुके हैं, जबकि बेटी कृति की भूमिका अभी जांच के घेरे में है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही पूरे हत्याकांड का सिलसिलेवार खुलासा किया जाएगा।
फिलहाल यह मामला न सिर्फ एक पारिवारिक हत्या के रूप में देखा जा रहा है, बल्कि यह भी सवाल खड़े कर रहा है कि आखिर किन परिस्थितियों में बच्चे इतने कठोर कदम तक पहुंच जाते हैं। जांच पूरी होने के बाद ही इस रहस्यमय और खौफनाक घटना की पूरी सच्चाई सामने आ पाएगी।
स्वर्णिम टाईम्स : Swarnim Times आपका अपना इंटरनेट अख़बार !