हरियाणा के अंबाला शहर में होली के दिन हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियों को हमेशा के लिए छीन लिया। तेज रफ्तार कार की टक्कर से घायल हुए वाराणसी निवासी 29 वर्षीय युवक आशीष विश्वकर्मा ने कई दिनों तक जिंदगी से जंग लड़ने के बाद आखिरकार दम तोड़ दिया। इस घटना ने न केवल परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया, बल्कि इलाके में भी सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

यह हादसा अंबाला-हिसार रोड पर स्थित अंबाला पब्लिक स्कूल के पास हुआ था। बताया जा रहा है कि होली के दिन आशीष अपनी बाइक से कहीं जा रहे थे। उसी दौरान पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार स्विफ्ट कार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि आशीष सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने घायल युवक को संभाला और उन्हें अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की। प्रारंभिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें चंडीगढ़ के पीजीआई अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया और उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया।
बताया गया है कि चार मार्च से आशीष चंडीगढ़ पीजीआई में भर्ती थे और डॉक्टर लगातार उनकी हालत पर नजर बनाए हुए थे। परिवार के लोग भी अस्पताल में मौजूद थे और लगातार उनके स्वस्थ होने की उम्मीद लगाए बैठे थे। लेकिन चोटें ज्यादा गंभीर होने के कारण आशीष की हालत लगातार नाजुक बनी रही।
आखिरकार पांच मार्च की रात को उन्होंने अस्पताल में अंतिम सांस ली। डॉक्टरों ने उनकी मौत की पुष्टि की तो परिवार में मातम छा गया। परिजनों के लिए यह खबर किसी बड़े सदमे से कम नहीं थी।
आशीष विश्वकर्मा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के वाराणसी के रहने वाले थे। वह काम के सिलसिले में अंबाला में रह रहे थे। बताया जा रहा है कि वह मेहनती और शांत स्वभाव के व्यक्ति थे। उनके अचानक चले जाने से परिवार और परिचितों में शोक का माहौल है।
मृतक की पत्नी अंजलि ने इस घटना के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उनकी तहरीर के आधार पर पुलिस ने कार चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि कार तेज रफ्तार में थी और चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया था। इसी वजह से बाइक सवार युवक को पीछे से टक्कर लग गई। पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसे के समय चालक की स्थिति क्या थी और क्या वह नशे में था या नहीं।
इसके अलावा पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि हादसे के पूरे घटनाक्रम को स्पष्ट रूप से समझा जा सके। यदि कैमरों में घटना रिकॉर्ड हुई होगी तो इससे जांच में काफी मदद मिल सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अंबाला-हिसार रोड पर अक्सर तेज रफ्तार वाहनों की वजह से हादसे होते रहते हैं। यहां कई बार वाहन चालक गति सीमा का पालन नहीं करते, जिसके कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
लोगों का कहना है कि सड़क पर ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए। इसके साथ ही पुलिस को भी नियमित रूप से निगरानी करनी चाहिए ताकि तेज रफ्तार वाहनों पर रोक लगाई जा सके।
इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई की जाए तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।
वहीं दूसरी ओर, आशीष की मौत ने उनके परिवार को गहरे दुख में डाल दिया है। उनकी पत्नी अंजलि का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के अन्य सदस्य भी इस घटना से बेहद दुखी हैं। सभी का कहना है कि एक छोटी सी लापरवाही ने उनके परिवार की दुनिया उजाड़ दी।
परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई और व्यक्ति इस तरह की लापरवाही का शिकार न बने। उनका कहना है कि सड़क पर वाहन चलाते समय जिम्मेदारी और सावधानी बेहद जरूरी है।
सड़क दुर्घटनाएं आज देश में एक बड़ी समस्या बन चुकी हैं। तेज रफ्तार, ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और लापरवाही से वाहन चलाना अक्सर ऐसे हादसों का कारण बनते हैं। कई बार एक छोटी सी गलती किसी की पूरी जिंदगी को खत्म कर देती है।
अंबाला में हुआ यह हादसा भी इसी बात की याद दिलाता है कि सड़क पर हर व्यक्ति की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। वाहन चलाते समय सावधानी बरतना केवल चालक की ही नहीं बल्कि अन्य लोगों की जिंदगी के लिए भी जरूरी है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही आरोपी चालक के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद आशीष का शव उनके परिवार को सौंप दिया गया है।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करना कितना जरूरी है। यदि सभी लोग जिम्मेदारी से वाहन चलाएं तो शायद ऐसे कई हादसों को रोका जा सकता है।
आशीष की मौत ने उनके परिवार के साथ-साथ पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी हुई है और उम्मीद की जा रही है कि इस मामले में न्याय जरूर मिलेगा।
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