शहर में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब ट्रॉमा सेंटर के बाहर एक व्यक्ति का शव मिलने की सूचना सामने आई। सड़क किनारे पड़े शव को देखकर आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और व्यक्ति को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद मृतक के परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है।

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान 56 वर्षीय महेंद्र सिंह के रूप में हुई है। वह राजस्थान के नीमकाथाना जिले के मावंडा गांव के निवासी थे। बताया जा रहा है कि महेंद्र सिंह जयपुर में स्थित मारुति कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड के पद पर कार्यरत थे और अपनी नौकरी के सिलसिले में नियमित रूप से ड्यूटी पर जाते थे।
घटना की जानकारी मिलते ही गोकल गेट चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल श्रवण कुमार ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि ट्रॉमा सेंटर के सामने सड़क किनारे एक व्यक्ति पड़ा हुआ है। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो देखा कि वह व्यक्ति उल्टे मुंह के बल जमीन पर पड़ा हुआ था।
पुलिसकर्मियों ने तुरंत उसे उठाकर ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टरों के पास पहुंचाया ताकि समय रहते उसका इलाज किया जा सके। हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि व्यक्ति की पहले ही मौत हो चुकी है। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की।
बाद में मृतक की पहचान महेंद्र सिंह के रूप में की गई। पुलिस ने इस बारे में उनके परिजनों को भी सूचना दे दी। जैसे ही परिवार को इस घटना की जानकारी मिली, वे तुरंत अस्पताल पहुंच गए। अपने परिजन का शव देखकर परिवार के लोग गहरे सदमे में आ गए।
परिजनों ने पुलिस को बताया कि महेंद्र सिंह की शादी के बाद वह रेवाड़ी जिले के मायण गांव में अपने ससुराल में ही रहने लगे थे। वह वहां ‘घर जवाई’ के रूप में रहते थे और वहीं से अपनी नौकरी के लिए आते-जाते थे। परिवार के अनुसार महेंद्र सिंह अपने परिवार के प्रति बेहद जिम्मेदार थे और मेहनत करके अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रहे थे।
बताया गया है कि महेंद्र सिंह चार बच्चों के पिता थे, जिनमें दो बेटियां और दो बेटे शामिल हैं। उनके अचानक निधन से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का कहना है कि वह एक दिन पहले सुबह अपने घर से जयपुर में ड्यूटी के लिए निकले थे।
परिवार के मुताबिक उस समय सब कुछ सामान्य था और किसी को भी यह अंदाजा नहीं था कि कुछ ही समय बाद इस तरह की दुखद खबर सामने आएगी। सोमवार 9 मार्च को जब ट्रॉमा सेंटर के बाहर एक व्यक्ति का शव मिलने की सूचना मिली और उसकी पहचान महेंद्र सिंह के रूप में हुई, तो परिवार के लोग स्तब्ध रह गए।
पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को उनके परिजनों को सौंप दिया गया ताकि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
फिलहाल महेंद्र सिंह की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि उनकी मौत किसी बीमारी, दुर्घटना या किसी अन्य वजह से तो नहीं हुई।
जांच अधिकारी के अनुसार घटनास्थल के आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा सकती है, ताकि यह पता चल सके कि महेंद्र सिंह वहां कैसे पहुंचे और उनकी तबीयत कैसे बिगड़ी।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल पाएगा। यदि रिपोर्ट में किसी तरह की संदिग्ध बात सामने आती है तो उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने पूरे इलाके में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। वहीं मृतक के परिवार में गहरा शोक छाया हुआ है। परिवार के सदस्य अभी भी इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे कि जो व्यक्ति ड्यूटी के लिए घर से निकला था, वह इस तरह मृत अवस्था में मिला।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि आखिर महेंद्र सिंह की मौत कैसे और किन परिस्थितियों में हुई।
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