हरियाणा के सोनीपत जिले के गन्नौर इलाके से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां 11वीं कक्षा के एक छात्र ने परीक्षा परिणाम से निराश होकर अपनी जान दे दी। मृतक छात्र की पहचान यश के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि केमिस्ट्री विषय में अपेक्षा से कम अंक आने के कारण वह मानसिक तनाव में आ गया था और इसी वजह से उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया। इस घटना से परिवार में मातम छा गया है और पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

मिली जानकारी के अनुसार रविवार को 11वीं कक्षा के छात्रों का वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित किया गया था। यश भी अपने रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहा था। परिवार के लोगों का कहना है कि वह पढ़ाई को लेकर काफी गंभीर था और हमेशा अच्छे अंक लाने के लिए मेहनत करता था। जब उसने अपना परिणाम देखा तो उसे पता चला कि केमिस्ट्री विषय में उसके नंबर उम्मीद से कम आए हैं। इस बात से वह काफी दुखी और परेशान हो गया।
परिजनों के मुताबिक, रिजल्ट देखने के बाद से ही यश का व्यवहार बदल गया था। वह चुप-चुप रहने लगा था और किसी से ज्यादा बातचीत भी नहीं कर रहा था। परिवार के लोगों ने उसे समझाने की कोशिश की और कहा कि एक विषय में कम नंबर आना कोई बड़ी बात नहीं है, आगे और मेहनत कर अच्छे अंक हासिल किए जा सकते हैं। लेकिन यश इस बात से खुद को संभाल नहीं पाया और लगातार तनाव में रहने लगा।
बताया जा रहा है कि रविवार शाम को जब परिवार के लोग घर के अन्य कामों में व्यस्त थे, उसी दौरान यश अपने कमरे में चला गया। कुछ देर बाद उसने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। जब काफी देर तक वह बाहर नहीं आया तो परिजनों को शक हुआ। दरवाजा खोलकर देखा गया तो यश फंदे से लटका हुआ मिला।
यह दृश्य देखकर परिवार के लोगों के होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत उसे नीचे उतारा और बिना समय गंवाए गन्नौर के एक स्थानीय अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताई और प्राथमिक उपचार देने के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए तुरंत पानीपत के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया।
पानीपत के अस्पताल में यश को आईसीयू में भर्ती किया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उसे बचाने की हर संभव कोशिश की। लेकिन उसकी हालत बेहद नाजुक थी और काफी समय तक जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद उसने दम तोड़ दिया।
यश की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। माता-पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। रिश्तेदार और आसपास के लोग भी इस घटना को सुनकर स्तब्ध रह गए। किसी को विश्वास नहीं हो रहा कि एक होनहार छात्र सिर्फ कम नंबर आने के कारण इतना बड़ा कदम उठा सकता है।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी अस्पताल पहुंची और पूरे मामले की जानकारी ली। सोमवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया। पुलिस का कहना है कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
स्थानीय लोगों और यश के परिचितों का कहना है कि वह पढ़ाई में अच्छा छात्र था और अपने भविष्य को लेकर काफी गंभीर रहता था। वह हमेशा मेहनत करता था और अच्छे अंक लाने की कोशिश करता था। ऐसे में उसके द्वारा उठाया गया यह कदम सभी के लिए बेहद दुखद और चौंकाने वाला है।
इस घटना ने एक बार फिर छात्रों पर बढ़ते पढ़ाई के दबाव और मानसिक तनाव को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार छात्र परीक्षा परिणाम को लेकर इतना दबाव महसूस करने लगते हैं कि वे मानसिक रूप से टूट जाते हैं।
मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि माता-पिता और शिक्षकों को बच्चों के साथ खुलकर संवाद करना चाहिए और उन्हें यह समझाना चाहिए कि परीक्षा में कम अंक आना जीवन की असफलता नहीं है। असफलता से सीख लेकर आगे बढ़ना ही जीवन की सच्चाई है।
इस दर्दनाक घटना के बाद इलाके के लोगों का कहना है कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी उतना ही ध्यान देने की जरूरत है जितना उनकी पढ़ाई पर दिया जाता है। परिवार और स्कूलों को मिलकर ऐसा माहौल बनाना चाहिए, जहां बच्चे अपनी परेशानियों को खुलकर साझा कर सकें।
यश की असमय मौत ने उसके परिवार के साथ-साथ पूरे समाज को एक गहरा संदेश दिया है कि बच्चों पर अत्यधिक पढ़ाई का दबाव डालने के बजाय उन्हें समझने और उनका साथ देने की जरूरत है। तभी इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सकता है।
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