शहर में इन दिनों रसोई गैस सिलेंडर को लेकर लोगों की परेशानी बढ़ती दिखाई दे रही है। अलग-अलग गैस एजेंसियों के बाहर रोजाना बड़ी संख्या में उपभोक्ता पहुंच रहे हैं और घंटों लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि कई लोगों को सुबह-सुबह ही एजेंसी के बाहर पहुंचकर कतार में लगना पड़ रहा है, ताकि उन्हें गैस सिलेंडर मिल सके।

भीड़ को देखते हुए कई जगहों पर गैस वितरण पुलिस की मौजूदगी में कराया जा रहा है। एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़े लोगों में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सभी शामिल हैं। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्होंने पहले से गैस सिलेंडर की बुकिंग कराई हुई है, लेकिन समय पर डिलीवरी नहीं होने के कारण उन्हें खुद एजेंसी पर आकर सिलेंडर लेना पड़ रहा है।
सुबह 7 बजे से लग रही कतारें
गैस सिलेंडर लेने के लिए लोग सुबह करीब 7 बजे से ही एजेंसी के बाहर लाइन में खड़े हो जाते हैं। कई लोग तो इससे भी पहले पहुंच जाते हैं, ताकि उन्हें जल्दी नंबर मिल सके। लेकिन भीड़ इतनी ज्यादा होती है कि लोगों को कई-कई घंटे इंतजार करना पड़ता है।
कुछ उपभोक्ताओं ने बताया कि वे सुबह से लाइन में खड़े रहते हैं, लेकिन उनका नंबर दोपहर या शाम तक आता है। कई बार ऐसा भी होता है कि लंबा इंतजार करने के बाद भी सिलेंडर खत्म हो जाता है और उन्हें बिना गैस लिए ही घर लौटना पड़ता है।
महिलाओं की भी लंबी कतार
गैस एजेंसियों के बाहर महिलाओं की भी बड़ी संख्या देखी जा रही है। कई महिलाएं घर का काम निपटाकर सुबह ही सिलेंडर लेने पहुंच जाती हैं और घंटों लाइन में खड़ी रहती हैं। कुछ महिलाएं अपने छोटे बच्चों को साथ लेकर भी कतार में खड़ी दिखाई देती हैं।
उनका कहना है कि घर में गैस खत्म हो जाने के कारण उन्हें मजबूर होकर एजेंसी पर आना पड़ रहा है। यदि समय पर गैस की डिलीवरी हो जाए तो उन्हें इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
भीड़ संभालने के लिए पुलिस तैनात
गैस एजेंसियों के बाहर लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते हुए कई जगह पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। पुलिस की मौजूदगी में सिलेंडरों का वितरण कराया जा रहा है ताकि किसी तरह की अफरा-तफरी या विवाद की स्थिति न बने।
पुलिसकर्मी लोगों को लाइन में व्यवस्थित रहने के लिए समझाते हैं और बारी-बारी से उपभोक्ताओं को आगे भेजते हैं। इससे व्यवस्था बनाए रखने में कुछ हद तक मदद मिल रही है।
घंटों इंतजार से लोग परेशान
गैस लेने आए कई लोगों ने बताया कि उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि वे पहले भी कई बार एजेंसी पर आ चुके हैं, लेकिन भीड़ के कारण उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पाया।
लोगों का कहना है कि यदि एजेंसी द्वारा समय पर घर तक सिलेंडर पहुंचा दिया जाए तो उन्हें इतनी परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। कई लोग यह भी मांग कर रहे हैं कि गैस वितरण के लिए बेहतर व्यवस्था बनाई जाए।
गैस की कमी नहीं: एजेंसी प्रबंधन
इस पूरे मामले में गैस एजेंसी के मैनेजर प्रताप जैन का कहना है कि गैस की कोई कमी नहीं है। उनके मुताबिक एजेंसी पर हर दिन गैस से भरे ट्रक आ रहे हैं और नियमित रूप से सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि भीड़ बढ़ने का मुख्य कारण यह है कि लोग जरूरत से ज्यादा सिलेंडर लेने की कोशिश कर रहे हैं। कई लोग भविष्य की चिंता में अतिरिक्त सिलेंडर जमा करना चाहते हैं, जिससे एजेंसियों पर अचानक भीड़ बढ़ जाती है।
स्टॉक करने से बढ़ रही समस्या
एजेंसी प्रबंधन का कहना है कि यदि लोग केवल अपनी जरूरत के अनुसार गैस लें तो किसी तरह की समस्या नहीं होगी। लेकिन कुछ उपभोक्ता एक साथ ज्यादा सिलेंडर लेने की कोशिश करते हैं, जिससे अन्य लोगों को परेशानी होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि गैस की सप्लाई नियमित रूप से हो रही है।
प्रशासन से व्यवस्था सुधारने की मांग
गैस एजेंसियों के बाहर लग रही लंबी कतारों को देखकर कई लोगों ने प्रशासन से व्यवस्था सुधारने की मांग की है। लोगों का कहना है कि गैस वितरण प्रणाली को और बेहतर बनाया जाना चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं को घंटों लाइन में खड़े रहने की जरूरत न पड़े।
कुछ लोगों ने सुझाव दिया है कि एजेंसियों पर टोकन सिस्टम लागू किया जाए या फिर ऑनलाइन नंबर की व्यवस्था की जाए, जिससे लोगों को अपनी बारी का समय पता चल सके।
बुजुर्गों को हो रही ज्यादा परेशानी
लंबी कतारों में खड़े रहने से बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। कई बुजुर्गों का कहना है कि इतनी देर तक खड़े रहना उनके लिए मुश्किल होता है, लेकिन मजबूरी में उन्हें ऐसा करना पड़ रहा है।
लोगों का कहना है कि यदि घर तक गैस सिलेंडर की समय पर डिलीवरी शुरू हो जाए तो इस समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
लोगों में बढ़ रही चिंता
लगातार बढ़ती भीड़ और लंबी लाइनों के कारण लोगों के मन में चिंता भी बढ़ती जा रही है। कई परिवारों का कहना है कि यदि समय पर गैस नहीं मिली तो घर में खाना बनाना मुश्किल हो जाएगा।
हालांकि एजेंसी प्रबंधन का कहना है कि गैस की सप्लाई सामान्य है और किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। इसके बावजूद एजेंसियों के बाहर लग रही लंबी कतारें लोगों की परेशानी को साफ तौर पर दिखा रही हैं।
ऐसे में जरूरी है कि गैस वितरण व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और उन्हें समय पर गैस सिलेंडर मिल सके।
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