दिल्ली के प्रसिद्ध और प्राचीन धार्मिक स्थलों में शामिल झंडेवाला देवी मंदिर में आगामी चैत्र नवरात्रि को लेकर तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। हर साल की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। मंदिर समिति का कहना है कि इस बार नवरात्रि को और भी खास बनाने के लिए कई नई पहल की जा रही हैं, जिनमें एक विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी शामिल है।

मंदिर ट्रस्ट की ओर से आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में मंदिर के ट्रस्टी रविंद्र गोयल ने नवरात्रि की तैयारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सनातन परंपरा में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का विशेष महत्व होता है, क्योंकि इसी दिन से हिंदू नववर्ष की शुरुआत मानी जाती है। इसलिए नवरात्रि का यह पर्व धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
रविंद्र गोयल ने बताया कि इस बार मंदिर प्रबंधन ने नवरात्रि के अवसर को और अधिक आध्यात्मिक और प्रेरणादायक बनाने के लिए एक नए कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम का नाम “भक्ति उदयः प्रभात भक्ति संगत” रखा गया है। यह कार्यक्रम पहली बार आयोजित किया जा रहा है और इसे खास तौर पर सुबह के समय आयोजित किया जाएगा।
मंदिर समिति के अनुसार यह कार्यक्रम सूर्योदय के साथ शुरू होगा। सुबह की पहली किरण के साथ देवी मां को अर्घ्य अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा। इसके बाद सुबह करीब 6:30 बजे से लेकर 11 बजे तक लगातार भक्तिमय कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें भजन, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल होंगी।
इस विशेष कार्यक्रम का उद्देश्य भक्तों को आध्यात्मिक वातावरण में जोड़ना और उन्हें भक्ति के माध्यम से सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करना है। कार्यक्रम के दौरान भजन क्लबिंग की एक नई शैली भी देखने को मिलेगी, जिसमें पारंपरिक भक्ति संगीत के साथ आधुनिक संगीत शैली का समन्वय किया जाएगा।
मंदिर प्रबंधन का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को भारतीय संस्कृति और परंपराओं के करीब लाया जा सकता है। आज के दौर में युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना बेहद जरूरी है और ऐसे धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से यह काम प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।
नवरात्रि के दौरान झंडेवाला देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। देश के विभिन्न हिस्सों से भक्त माता के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। इसी वजह से मंदिर प्रशासन ने इस बार भीड़ प्रबंधन के लिए आधुनिक और वैज्ञानिक व्यवस्था लागू की है।
मंदिर परिसर में कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित ढंग से हो सके। इसके अलावा प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं, जिससे भीड़ के दबाव को कम किया जा सके और किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार मल्टीपल दर्शन कॉरिडोर भी बनाए गए हैं। इन कॉरिडोर के माध्यम से भक्तों को लाइन में खड़े होकर व्यवस्थित तरीके से दर्शन करने की सुविधा मिलेगी। इससे लंबी कतारों और भीड़भाड़ की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
मंदिर प्रशासन ने तकनीक का भी सहारा लिया है। पहली बार क्यूआर कोड आधारित ऑनलाइन दर्शन बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। इसके माध्यम से श्रद्धालु पहले से अपनी बुकिंग कर सकते हैं और निर्धारित समय पर मंदिर पहुंचकर दर्शन कर सकते हैं।
इस डिजिटल व्यवस्था से न केवल श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी, बल्कि मंदिर परिसर में भीड़ को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी। मंदिर समिति का कहना है कि यह व्यवस्था विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी होगी, जो दूर-दराज से दर्शन के लिए आते हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को भी इस बार पहले से अधिक मजबूत किया गया है। नवरात्रि के दौरान मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी। सीसीटीवी कैमरों के जरिए पूरे परिसर पर नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि को तुरंत पकड़ा जा सके।
इसके अलावा मंदिर परिसर में साफ-सफाई, पीने के पानी और प्राथमिक चिकित्सा की भी विशेष व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए स्वयंसेवकों की टीम भी तैनात की जाएगी, जो भक्तों की सहायता करेगी।
मंदिर प्रशासन का कहना है कि उनकी कोशिश है कि नवरात्रि के दौरान यहां आने वाले हर श्रद्धालु को एक सुखद और आध्यात्मिक अनुभव मिले। इसके लिए सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है और संबंधित विभागों के साथ समन्वय भी किया जा रहा है।
हर साल की तरह इस बार भी नवरात्रि के दौरान मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान, हवन, भजन-कीर्तन और विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। भक्त सुबह से देर रात तक माता के दर्शन कर सकेंगे।
झंडेवाला देवी मंदिर दिल्ली के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक माना जाता है और यहां नवरात्रि के दौरान भक्तों की आस्था देखते ही बनती है। हजारों लोग माता के दरबार में अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं और श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना करते हैं।
मंदिर समिति का कहना है कि इस बार का नवरात्रि पर्व भक्ति, संस्कृति और आध्यात्मिकता का अनूठा संगम होगा। “भक्ति उदयः प्रभात भक्ति संगत” जैसे नए कार्यक्रम इस पर्व को और भी विशेष बना देंगे और श्रद्धालुओं के लिए एक नई आध्यात्मिक अनुभूति लेकर आएंगे।
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