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जेवर से उड़ान—नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन, NCR को मिली नई रफ्तार

उत्तर प्रदेश के जेवर में बना Noida International Airport अब औपचारिक रूप से देश के हवाई नक्शे पर दर्ज हो गया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इसके उद्घाटन के साथ ही इसे देश के विकास और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया। लंबे इंतजार और कई चरणों की प्रक्रिया के बाद तैयार हुआ यह एयरपोर्ट न केवल दिल्ली-एनसीआर के लिए बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है।

उद्घाटन से एक दिन पहले प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया के जरिए इस परियोजना के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने इसे एनसीआर की कनेक्टिविटी, व्यापार और रोजगार के लिहाज से बेहद अहम बताया। उनके अनुसार, यह एयरपोर्ट क्षेत्रीय विकास को नई गति देगा और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा।

यह एयरपोर्ट खास इसलिए भी है क्योंकि इसे देश के प्रमुख ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है। आधुनिक तकनीक, पर्यावरण के अनुकूल निर्माण और विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ इसे विकसित किया गया है। इससे न केवल यात्रियों को आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा, बल्कि एयर कार्गो सेवाओं के जरिए उद्योगों को भी बड़ा लाभ होगा।

दरअसल, दिल्ली-एनसीआर में लंबे समय से हवाई यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा था। Indira Gandhi International Airport पर यात्रियों की बढ़ती संख्या के चलते वैकल्पिक व्यवस्था की जरूरत महसूस की जा रही थी। ऐसे में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट एक महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में सामने आया है, जो इस दबाव को काफी हद तक कम करेगा।

इस परियोजना की खास बात यह है कि यह केवल एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि एक मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी हब के रूप में विकसित किया गया है। यहां सड़क, रेल और भविष्य में मेट्रो कनेक्टिविटी को भी ध्यान में रखते हुए योजना बनाई गई है। इससे यात्रियों को विभिन्न माध्यमों से आसान और तेज यात्रा की सुविधा मिलेगी।

अगर इसके निर्माण की बात करें, तो इसकी नींव 25 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी। लगभग साढ़े चार वर्षों में इसका पहला चरण पूरा हुआ, जिसकी लागत करीब 11,200 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस दौरान कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कंपनियों ने मिलकर इसे आकार दिया।

इस एयरपोर्ट के निर्माण की कहानी भी काफी दिलचस्प रही है। इसका सपना सबसे पहले साल 2001 में उस समय देखा गया था जब उत्तर प्रदेश में Rajnath Singh मुख्यमंत्री थे। हालांकि, जमीन अधिग्रहण, नीतिगत अड़चनों और अन्य कारणों से यह परियोजना वर्षों तक अटकी रही। करीब 25 साल बाद अब जाकर यह सपना हकीकत में बदल पाया है।

2019 में इस परियोजना ने वास्तविक गति पकड़ी, जब स्विट्जरलैंड की कंपनी Zurich Airport International AG को इसका टेंडर मिला। इसके बाद 2020 में उत्तर प्रदेश सरकार के साथ रियायत समझौते पर हस्ताक्षर हुए और परियोजना ने तेजी से आगे बढ़ना शुरू किया।

मार्च 2021 में एयरपोर्ट अथॉरिटी और राज्य सरकार के बीच औपचारिक समझौता हुआ। इसके बाद अगस्त 2021 में मास्टर प्लान को मंजूरी मिली और नवंबर 2021 में शिलान्यास के साथ निर्माण कार्य ने गति पकड़ ली। जून 2022 में Tata Projects Limited को इसका निर्माण कार्य सौंपा गया, जिसने तेजी से काम करते हुए इसे निर्धारित समय में पूरा करने की दिशा में अहम भूमिका निभाई।

समय के साथ एयरपोर्ट में कई आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गईं। इसमें डिजिटल चेक-इन, बायोमेट्रिक बोर्डिंग और डिजियात्रा जैसी तकनीकों को शामिल किया गया है, जिससे यात्रियों को बिना परेशानी के तेज और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा।

इसके अलावा, एयरपोर्ट परिसर में एक बड़ा कार्गो हब भी विकसित किया गया है, जो देश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का काम करेगा। इससे निर्यात और आयात की प्रक्रिया और अधिक तेज और सुविधाजनक होगी।

एयरलाइंस कंपनियों के साथ भी इस एयरपोर्ट के लिए कई समझौते किए गए हैं। IndiGo और Akasa Air जैसी प्रमुख एयरलाइंस ने यहां से अपनी सेवाएं शुरू करने के लिए करार किया है। इसके अलावा ग्राउंड हैंडलिंग और अन्य सेवाओं के लिए भी अलग-अलग कंपनियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

ऊर्जा के क्षेत्र में भी इस एयरपोर्ट को आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश की गई है। सौर और पवन ऊर्जा के उपयोग के लिए Tata Power के साथ साझेदारी की गई है, जिससे यह एयरपोर्ट पर्यावरण के अनुकूल संचालन की दिशा में आगे बढ़ेगा।

तकनीकी दृष्टि से भी यह एयरपोर्ट पूरी तरह तैयार है। रनवे, इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम और अन्य आवश्यक परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं। परीक्षण उड़ानों के बाद इसे उड़ान संचालन के लिए हरी झंडी मिल चुकी है और लाइसेंस भी जारी कर दिया गया है।

इस एयरपोर्ट के शुरू होने से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। होटल, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और अन्य सहायक उद्योगों में हजारों नौकरियां सृजित होने की संभावना है।

कुल मिलाकर, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का उद्घाटन नहीं है, बल्कि यह उत्तर भारत के विकास की नई उड़ान की शुरुआत है। आने वाले वर्षों में यह एयरपोर्ट न केवल भारत के विमानन क्षेत्र को मजबूत करेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी देश की पहचान को और सशक्त बनाएगा।

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