दरभंगा। बिहार के दरभंगा शहर में नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ का मामला प्रकाश में आया है। लहेरियासराय थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय नाबालिग लड़की से कथित छेड़छाड़, दुर्व्यवहार, मारपीट और जबरन अपने साथ ले जाने के प्रयास से जुड़े मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के तीन सप्ताह से अधिक समय बाद भी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद अब तक किसी नामजद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और इस बीच पीड़िता एवं उसके परिजनों को कथित रूप से धमकियां दी जा रही हैं।

मामले में लहेरियासराय थाना कांड संख्या 529/26 दर्ज होने की बात सामने आई है। पीड़ित परिवार की ओर से पुलिस को दिए गए आवेदन में मोहल्ला शेर मोहम्मद भीगो निवासी मो. जफर के चार पुत्र आरिफ, मो. कैफ, मो. अरशद और मो. राशिद तथा उसी मोहल्ले के लल्लू के पुत्र मो. वसीम के नाम का उल्लेख नामजद आरोपियों के रूप में किया गया है।
यह मामला नाबालिग से संबंधित होने के कारण संवेदनशील है। प्राथमिकी एवं पीड़ित पक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही होनी है। समाचार में किसी भी आरोपी को दोषी नहीं माना जा रहा है।

पीड़ित परिवार का आरोप
पीड़ित परिवार के अनुसार, नाबालिग लड़की के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ एवं दुर्व्यवहार किया जाता था। परिवार का आरोप है कि जब इस व्यवहार का विरोध किया गया तो विवाद बढ़ गया और आरोपित पक्ष के लोगों द्वारा कथित रूप से पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर गाली-गलौज एवं मारपीट की गई।
परिजनों का आगे आरोप है कि इसी क्रम में नाबालिग लड़की को जबरन अपने साथ ले जाने का प्रयास भी किया गया। घटना के बाद परिवार की ओर से पुलिस से शिकायत की गई, जिसके आधार पर लहेरियासराय थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई।
पीड़ित परिवार का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि पुलिस मामले की जांच करते हुए नामजद आरोपियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई करेगी। हालांकि, परिवार के अनुसार FIR दर्ज हुए तीन सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है और अभी तक किसी नामजद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

गिरफ्तारी नहीं होने से परिवार में चिंता
पीड़ित परिवार का कहना है कि मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने के कारण उन्हें लगातार चिंता बनी हुई है। परिवार के मुताबिक, घटना में नाबालिग लड़की के शामिल होने के कारण उसकी सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी की आवश्यकता है।
परिजनों का आरोप है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हुई है। उनका दावा है कि आरोपी पक्ष की ओर से पीड़िता और उसके परिवार को कथित रूप से धमकाया जा रहा है। परिवार ने इस संबंध में पुलिस प्रशासन से अलग से संज्ञान लेकर मामले की जांच कराने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
परिजनों का यह भी कहना है कि यदि किसी पक्ष की ओर से पीड़िता या उसके परिवार को धमकी दी जा रही है तो उसकी स्वतंत्र रूप से जांच होनी चाहिए, ताकि नाबालिग और उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

मो. जफर पर भी कार्रवाई की मांग
पीड़ित परिवार ने मो. जफर पर भी आरोप लगाया है कि उनकी ओर से भी पीड़िता को कथित तौर पर धमकी दी जा रही है। परिवार ने पुलिस प्रशासन से इस आरोप की जांच कराने और यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
परिजनों का कहना है कि मामले में केवल प्राथमिकी दर्ज होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जांच को आगे बढ़ाते हुए उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। परिवार ने पुलिस से यह भी आग्रह किया है कि नाबालिग की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए और उसे या उसके परिजनों को किसी प्रकार का दबाव या धमकी मिलने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जाए।
SSP से हस्तक्षेप की मांग
मामले को लेकर पीड़ित परिवार ने अब दरभंगा के SSP जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। परिवार ने मीडिया के माध्यम से SSP से अपील करते हुए कहा है कि लहेरियासराय थाना कांड संख्या 529/26 की जांच की निगरानी की जाए और प्राथमिकी में नामजद आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
परिवार ने नामजद मो. वसीम, आरिफ, मो. कैफ, मो. अरशद और मो. राशिद की गिरफ्तारी की मांग की है। इसके साथ ही कथित धमकी के आरोप की भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की गई है।
नाबालिग से संबंधित मामलों में जांच के दौरान पीड़िता की पहचान और गरिमा की सुरक्षा महत्वपूर्ण होती है। ऐसे मामलों में पुलिस और प्रशासन से कानून के अनुरूप संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की अपेक्षा रहती है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि वे लंबे समय तक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। उनका आरोप है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से उन्हें सुरक्षा को लेकर आशंका बनी हुई है। इसी कारण अब परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है।

पुलिस कार्रवाई पर टिकी नजर
अब इस मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई पर नजर है। प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना में कौन-कौन से आरोप प्रमाणित होते हैं और किन व्यक्तियों की भूमिका सामने आती है। पुलिस द्वारा जांच के दौरान बयान, घटनास्थल, उपलब्ध दस्तावेज, तकनीकी साक्ष्य और अन्य संबंधित तथ्यों का परीक्षण किया जा सकता है।
पीड़ित परिवार की ओर से नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की गई है, जबकि आरोपियों का पक्ष इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध नहीं हो सका है। यदि आरोपी पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है तो उसे भी निष्पक्ष रूप से प्रकाशित किया जाएगा।
फिलहाल पीड़ित परिवार ने दरभंगा SSP से मामले में हस्तक्षेप करते हुए लहेरियासराय थाना कांड संख्या 529/26 की जांच को आगे बढ़ाने, नामजद आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने तथा पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

- Disclaimer : इस मामले में लगाए गए सभी आरोप पीड़ित पक्ष की शिकायत/आवेदन पर आधारित हैं। आरोपों की अंतिम सत्यता जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निर्धारित होगी।
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