सौरभ शेखर श्रीवास्तव की ब्यूरो रिपोर्ट दरभंगा।बच्चों को सुरक्षित, संरक्षित एवं बालमित्रवत वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में दरभंगा जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन की ओर से महत्वपूर्ण पहल की गई है।

अपर पुलिस महानिदेशक, कमजोर वर्ग प्रभाग, अपराध अनुसंधान विभाग, बिहार, पटना के निर्देश के आलोक में जिले के सभी 40 थानों में Child Help Desk/Child Corner की स्थापना की गई है।
- दरभंगा के सभी 40 थानों में शुरू हुआ Child Help Desk/Child Corner
- डीएम कौशल कुमार एवं एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने महिला थाना में फीता काटकर किया विधिवत उद्घाटन
इस पहल का उद्देश्य संकटग्रस्त, जरूरतमंद एवं किसी प्रकार की समस्या से जूझ रहे बच्चों को थाने के स्तर पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराना तथा उन्हें उनके अधिकारों एवं आवश्यक सेवाओं से जोड़ना है। इसके साथ ही बाल शोषण, बाल श्रम, बाल विवाह सहित बच्चों से संबंधित अन्य समस्याओं की रोकथाम एवं उनके संरक्षण के लिए भी इन केंद्रों को महत्वपूर्ण माध्यम बनाया गया है।
महिला थाना में हुआ विधिवत उद्घाटन
Child Help Desk/Child Corner का विधिवत उद्घाटन दरभंगा के जिलाधिकारी कौशल कुमार एवं वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी द्वारा फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर अधिकारियों ने बाल संरक्षण से संबंधित व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और बच्चों के लिए थाने में सुरक्षित एवं सहज वातावरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

यह पहल बिहार पुलिस अधिनियम, 2007 की धारा 8(5) तथा National Commission for Protection of Child Rights (NCPCR) द्वारा निर्गत दिशा-निर्देशों के आलोक में की गई है। इसके तहत बच्चों से संबंधित मामलों में पुलिस की भूमिका को अधिक संवेदनशील, जवाबदेह एवं बालमित्रवत बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
सभी 40 थानों में स्थापित किया गया Child Help Desk/Child Corner
अपर पुलिस महानिदेशक, कमजोर वर्ग प्रभाग, अपराध अनुसंधान विभाग, बिहार, पटना द्वारा जारी निर्देश के अनुपालन में दरभंगा जिले के सभी 40 थानों में Child Help Desk/Child Corner प्रारंभ किया गया है।

इन सभी थानों में बच्चों से संबंधित मामलों के लिए आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी (Child Welfare Police Officer-CWPO) एवं महिला पुलिस कर्मी की प्रतिनियुक्ति की गई है।
इस व्यवस्था से बच्चों को अपनी समस्याएं पुलिस के समक्ष सहज तरीके से रखने का अवसर मिलेगा। विशेष रूप से बालिकाओं की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए महिला पुलिस कर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। बालिकाएं बिना किसी संकोच के अपनी समस्या साझा कर सकें और उन्हें आवश्यक सहायता एवं मार्गदर्शन मिल सके, इसके लिए बालमित्रवत वातावरण विकसित करने पर जोर दिया गया है।

संकट में फंसे बच्चों को तत्काल मिलेगी सहायता
Child Help Desk/Child Corner का प्रमुख उद्देश्य संकट में फंसे बच्चों को समय पर सहायता उपलब्ध कराना है। किसी बच्चे के साथ दुर्व्यवहार, शोषण, हिंसा या किसी अन्य प्रकार की परेशानी की स्थिति में पुलिस एवं संबंधित पदाधिकारियों द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इसके माध्यम से जरूरतमंद बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उचित सेवाओं एवं संबंधित संस्थानों से जोड़ने की व्यवस्था भी की जाएगी। इससे बच्चों को केवल पुलिस स्तर पर सहायता ही नहीं मिलेगी, बल्कि आवश्यकता के अनुसार संबंधित बाल संरक्षण संस्थाओं एवं अन्य सक्षम एजेंसियों तक भी पहुंच सुनिश्चित की जा सकेगी।
बाल शोषण, बाल श्रम एवं बाल विवाह की रोकथाम पर जोर
Child Help Desk/Child Corner के माध्यम से बच्चों को बाल शोषण, बाल श्रम और बाल विवाह जैसी समस्याओं से सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।
बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना इस पहल का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है। बच्चों एवं उनके अभिभावकों को उनके अधिकारों, उपलब्ध सहायता व्यवस्था तथा संबंधित संस्थानों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
यदि किसी बच्चे को बाल श्रम में लगाया जा रहा है, बाल विवाह के लिए दबाव बनाया जा रहा है अथवा किसी प्रकार के शोषण का सामना करना पड़ रहा है, तो ऐसी स्थिति में Child Help Desk/Child Corner के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने और आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया को सुगम बनाया जाएगा।
बालिकाओं के लिए विशेष रूप से संवेदनशील व्यवस्था
थानों में आने वाली बालिकाओं की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनने और उनके साथ संवाद स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया है। Child Help Desk/Child Corner में सहायता के लिए आने वाली बालिकाओं से बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी (CWPO) एवं महिला पुलिस कर्मी संवाद स्थापित करेंगे।

बालिकाओं की समस्या की प्रकृति को समझते हुए उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने तथा संबंधित मामले में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। महिला पुलिस कर्मियों की मौजूदगी से बालिकाओं एवं उनके परिजनों को अपनी बात रखने में सहजता मिलने की उम्मीद है।
शिकायतों पर होगी समयबद्ध कार्रवाई
Child Help Desk/Child Corner में प्राप्त होने वाली शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है। बच्चों से जुड़े मामलों में समय पर हस्तक्षेप अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए शिकायत मिलने के बाद संबंधित पुलिस पदाधिकारी द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें संबंधित विभाग, संस्था अथवा सक्षम प्राधिकारी से जोड़ने की दिशा में भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

अभिभावकों के कॉल पर भी तत्काल सहायता
यदि किसी बच्चे के अभिभावक अथवा परिजन द्वारा सहायता के लिए कॉल किया जाता है, तो ऐसी स्थिति में भी तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए समुचित कार्रवाई की जाएगी।
किसी बच्चे के लापता होने, संकट में होने अथवा किसी अन्य आपात स्थिति की जानकारी मिलने पर पुलिस स्तर से आवश्यक कदम उठाने के साथ-साथ संबंधित संस्थाओं से समन्वय किया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और आवश्यकता के समय उन्हें त्वरित सहायता उपलब्ध कराना है।
बाल संरक्षण व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में पहल
दरभंगा जिले के सभी 40 थानों में Child Help Desk/Child Corner की स्थापना को जिले में बाल संरक्षण व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पुलिस थाने आम नागरिकों के लिए सहायता का महत्वपूर्ण केंद्र होते हैं। ऐसे में थानों में बच्चों के लिए अलग से बालमित्रवत व्यवस्था उपलब्ध होने से बच्चों को अपनी समस्याएं बताने में सुविधा हो सकती है। विशेषकर ऐसे बच्चे जो किसी संकट, शोषण, हिंसा, बाल श्रम या बाल विवाह जैसी स्थिति का सामना कर रहे हों, उनके लिए यह व्यवस्था सहायता का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।
Child Help Desk/Child Corner के माध्यम से पुलिस कर्मियों को बच्चों के प्रति संवेदनशील व्यवहार, उनकी समस्याओं को समझने तथा आवश्यकतानुसार संबंधित संस्थाओं से समन्वय करने की जिम्मेदारी दी गई है।
बाल अधिकारों के संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है। Child Help Desk/Child Corner की स्थापना के माध्यम से बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा उनके संरक्षण के लिए उपलब्ध सरकारी व्यवस्था तक उनकी पहुंच आसान बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
जिले के सभी 40 थानों में यह व्यवस्था शुरू होने से बच्चों एवं उनके अभिभावकों को स्थानीय स्तर पर सहायता प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस पदाधिकारी संबंधित बाल संरक्षण इकाइयों एवं अन्य सक्षम संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
निर्देश के अनुपालन में शुरू हुई व्यवस्था
अपर पुलिस महानिदेशक, कमजोर वर्ग प्रभाग, अपराध अनुसंधान विभाग, बिहार, पटना के निर्देश के आलोक में दरभंगा जिला के सभी 40 थानों में Child Help Desk/Child Corner का प्रारंभ किया गया है।
जिलाधिकारी कौशल कुमार एवं वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी द्वारा महिला थाना में इसके विधिवत उद्घाटन के साथ जिले के सभी थानों में बच्चों के लिए इस विशेष सहायता व्यवस्था को सक्रिय किया गया है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को पुलिस थाने में भी ऐसा वातावरण उपलब्ध कराना है, जहां वे बिना भय और संकोच के अपनी समस्या बता सकें तथा उन्हें उनकी जरूरत के अनुसार सहायता मिल सके। बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी एवं महिला पुलिस कर्मियों की प्रतिनियुक्ति के माध्यम से बच्चों से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई एवं बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है।

दरभंगा जिले में Child Help Desk/Child Corner की स्थापना से बाल संरक्षण से जुड़ी शिकायतों के समाधान, बच्चों को आवश्यक सेवाओं से जोड़ने, उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा संकट की स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में एक संगठित व्यवस्था विकसित हुई है।
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