उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक युवती का अपने प्रेमी से शादी करने का फैसला उसके परिवार को इतना नागवार गुजरा कि उसकी मां और भाई ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस जांच में सामने आया है कि युवती को पहले जहर पिलाया गया और जब वह तड़पने लगी तो उसका गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया गया। वारदात को छिपाने के लिए आरोपी मां-बेटे ने शव को खेत में फेंक दिया था। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

जानकारी के मुताबिक मृतक युवती की पहचान 21 वर्षीय फरजाना के रूप में हुई है, जो फतेहपुर जिले के एक गांव में अपने परिवार के साथ रहती थी। फरजाना के पिता इमाम खान हैं। बताया जा रहा है कि फरजाना का एक युवक के साथ प्रेम संबंध था और वह उससे शादी करना चाहती थी। युवक दूसरे धर्म से था, जिसके कारण परिवार इस रिश्ते का लगातार विरोध कर रहा था।
स्थानीय लोगों के अनुसार फरजाना अपने प्रेमी से शादी करने के फैसले पर अड़ी हुई थी। इसी बात को लेकर परिवार में अक्सर विवाद होता रहता था। परिवार के लोगों को डर था कि यदि फरजाना ने अपनी मर्जी से शादी कर ली तो समाज में उनकी बदनामी होगी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ समय पहले फरजाना ने अपने प्रेम संबंध के कारण ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी। इस घटना के बाद गांव में काफी चर्चा हुई थी और परिवार को लोगों की बातें सुननी पड़ रही थीं। इसी वजह से परिवार के लोगों का गुस्सा और बढ़ गया था।
बताया जा रहा है कि इसी बदनामी के डर से फरजाना की मां अफसाना और भाई अफसार ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। पुलिस के अनुसार एक मार्च की रात दोनों ने फरजाना को किसी बहाने से घर से बाहर बुलाया और उसे गांव के पास स्थित अरहर के खेत की ओर ले गए।
वहां पहुंचकर उन्होंने पहले फरजाना को सल्फास का घोल पिला दिया। सल्फास एक जहरीला पदार्थ होता है, जिसे अक्सर आत्महत्या या हत्या के मामलों में इस्तेमाल किया जाता है। जहर पीते ही फरजाना की हालत बिगड़ने लगी और वह जमीन पर गिरकर तड़पने लगी।
पुलिस के मुताबिक जब फरजाना अभी जिंदा थी और दर्द से छटपटा रही थी, तभी उसकी मां ने उसके हाथ-पैर पकड़ लिए ताकि वह बचकर भाग न सके। इसके बाद उसके भाई ने उसका गला दबा दिया। कुछ ही देर में फरजाना की मौत हो गई।
हत्या करने के बाद आरोपी मां और बेटे ने शव को छिपाने की योजना बनाई। उन्होंने फरजाना के शव को वहां से उठाया और करीब 150 मीटर दूर स्थित चने के खेत में फेंक दिया, ताकि किसी को उन पर शक न हो।
दो मार्च की सुबह जब खेत में काम करने गए लोगों की नजर शव पर पड़ी तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
शुरुआती दौर में पुलिस को शक था कि इस मामले में फरजाना के प्रेमी का हाथ हो सकता है। इसी आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ भी की, लेकिन जांच के दौरान उसके खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला।
इसके बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की और फरजाना के परिवार के लोगों से पूछताछ की। पुलिस को उस समय शक और बढ़ गया जब युवती की मां और भाई ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कराने से साफ इनकार कर दिया।
इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच का सहारा लिया और दोनों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाली। जांच में पता चला कि एक मार्च की रात से लेकर दो मार्च की सुबह तक मां और बेटे के बीच कई बार फोन पर बातचीत हुई थी।
इस जानकारी के बाद पुलिस ने दोनों से सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आखिरकार मां और बेटे ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दे दी।
थाना प्रभारी हनुमान प्रताप सिंह ने बताया कि हत्या के मामले में आरोपी मां अफसाना और भाई अफसार को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। लोग इस बात से हैरान हैं कि एक मां और भाई ने सिर्फ समाज की बदनामी के डर से अपनी ही बेटी और बहन की हत्या कर दी।
फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है, ताकि अदालत में आरोपियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य पेश किए जा सकें।
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