बाह कस्बे में शुक्रवार रात एक सनसनीखेज वारदात सामने आई, जहां अपने ही घर के बरामदे में सो रहे एक युवक पर दो नकाबपोशों ने अचानक हमला कर दिया। हमलावरों ने युवक को इस कदर पीटा कि वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित ने इस हमले के पीछे पुरानी रंजिश और पैसे के लेन-देन का शक जताया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही है।

जानकारी के अनुसार, बड़वाया गांव निवासी पंचम सिंह शुक्रवार रात रोज की तरह अपने घर के बरामदे में खड़ी हथठेल (हाथ से खींची जाने वाली गाड़ी) पर सो रहे थे। गर्मी के मौसम में खुले बरामदे में सोना उनके लिए आम बात थी। देर रात जब आसपास सन्नाटा था और परिवार के अन्य सदस्य घर के अंदर सो रहे थे, तभी अचानक दो अज्ञात व्यक्ति मुंह पर नकाब बांधकर वहां पहुंचे।
पीड़ित के अनुसार, हमलावरों ने बिना कुछ कहे अचानक उन पर हमला बोल दिया। पहले तो उन्होंने कपड़े से उनका मुंह कसकर दबा दिया, ताकि वह शोर न मचा सकें। इसके बाद दोनों ने मिलकर उन्हें हथठेल से नीचे जमीन पर पटक दिया। अचानक हुए इस हमले से वह संभल भी नहीं पाए और खुद को बचाने का मौका भी नहीं मिला।
हमलावरों ने बेरहमी से लात-घूंसों और हाथों से उनकी पिटाई की। मारपीट इतनी ज्यादा थी कि युवक के सिर, चेहरे, हाथ और पैरों पर गंभीर चोटें आईं। मुंह दबा होने के कारण वह मदद के लिए पुकार भी नहीं सके। पीड़ित ने बताया कि दर्द और भय के कारण उनकी हालत बिगड़ गई और मारपीट के दौरान उनके शरीर ने जवाब दे दिया।
कुछ देर बाद जब हमलावर वहां से भाग निकले, तब घायल अवस्था में पड़े युवक ने किसी तरह घरवालों को आवाज दी। परिवार के लोग बाहर आए तो उन्हें खून से लथपथ हालत में देख दंग रह गए। आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। बाद में पुलिस को घटना की सूचना दी गई।
घायल पंचम सिंह ने पुलिस को दी गई तहरीर में पड़ोसी गांव के कुछ युवकों पर शक जताया है। उनका कहना है कि करीब दो वर्ष पहले एक युवक ने उन्हें सरकारी आवास योजना के तहत मकान दिलवाने का झांसा दिया था। इस काम के नाम पर उससे 10 हजार रुपये भी लिए गए थे। लेकिन लंबे समय तक आवास स्वीकृत नहीं हुआ और न ही कोई काम आगे बढ़ा।
पीड़ित के अनुसार, जब दो साल तक कोई प्रगति नहीं हुई तो उन्होंने संबंधित युवक से अपने पैसे वापस मांगे। दो दिन पहले भी इस बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। उनका आरोप है कि पैसे वापस मांगने से नाराज होकर ही उन पर हमला कराया गया हो सकता है। हालांकि हमलावरों के चेहरे नकाब से ढके होने के कारण वह उन्हें पहचान नहीं सके, लेकिन शक उसी दिशा में है।
घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह घर के बाहर सो रहे व्यक्ति पर हमला होना बेहद चिंता की बात है। लोगों ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। वहीं परिवार के सदस्य भी हमलावरों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
बाह थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए घायल का मेडिकल परीक्षण कराया है। प्रभारी निरीक्षक बाह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि घटना की जांच की जा रही है और जिन लोगों पर शक जताया गया है, उनसे भी पूछताछ की जाएगी। जरूरत पड़ने पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की भी तैयारी कर रही है, ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। ग्रामीणों से भी घटना के समय किसी संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। खुले बरामदों में सोना ग्रामीण जीवन का हिस्सा है, लेकिन ऐसी वारदातें लोगों के मन में डर पैदा कर रही हैं। पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि हमला वास्तव में पैसों के विवाद का नतीजा था या इसके पीछे कोई और वजह छिपी है।
फिलहाल घायल युवक का इलाज जारी है और परिवारजन न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं। पुलिस का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और मामले की हर पहलू से जांच की जाएगी।
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