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घर से बुलाकर मौत के घाट उतारने की कोशिश

पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां एक राजमिस्त्री को घर से बुलाकर बेरहमी से पीटा गया और मरा समझकर गड्ढे में फेंक दिया गया। गनीमत रही कि पीड़ित की सांसें बाकी थीं और समय रहते स्थानीय लोगों की नजर उस पर पड़ गई। फिलहाल घायल का इलाज पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में चल रहा है, जबकि पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।

यह घटना बेलछी थाना क्षेत्र की है, जिसने इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। घायल व्यक्ति की पहचान बाढ़ थाना क्षेत्र के मसूदबीघा गांव निवासी 35 वर्षीय उदय यादव के रूप में हुई है। उदय पेशे से राजमिस्त्री हैं और मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिजनों के अनुसार, उन्हें किसी से कोई पुराना विवाद नहीं था, जिससे यह मामला और भी रहस्यमय बन गया है।

मरा समझकर गड्ढे में फेंका

मिली जानकारी के अनुसार, वारदात को अंजाम देने वाले लोगों ने उदय यादव को किसी बहाने घर से बाहर बुलाया। इसके बाद सुनसान इलाके में ले जाकर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से की गई पिटाई में उदय गंभीर रूप से घायल हो गए। जब आरोपी यह समझ बैठे कि उनकी मौत हो चुकी है, तो उन्होंने उन्हें मसत्थू गांव के पास टाल इलाके में स्थित एक गड्ढे में फेंक दिया और फरार हो गए।

घटना के कुछ समय बाद स्थानीय ग्रामीणों की नजर गड्ढे में पड़े अधमरे व्यक्ति पर पड़ी। पहले तो लोग सहम गए, लेकिन पास जाकर देखने पर पता चला कि व्यक्ति जिंदा है और बुरी तरह जख्मी हालत में पड़ा है। इसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल बेलछी थाना पुलिस को सूचना दी।

अस्पताल पहुंचते-पहुंचते बिगड़ गई हालत

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को आनन-फानन में अनुमंडलीय अस्पताल बाढ़ ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत बेहद गंभीर होने के कारण उदय यादव को बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, उनके शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान हैं और सिर में भी गहरी चोट लगी है। फिलहाल डॉक्टरों की एक टीम उनकी निगरानी कर रही है।

पत्नी का बयान: घर से बुलाकर ले गए

घायल की पत्नी गीता देवी ने बताया कि घटना वाले दिन उनके पति घर में नहा रहे थे। उसी दौरान एक व्यक्ति आया और उदय को बाहर बुलाया। गीता देवी के अनुसार, वह उस समय घरेलू काम में व्यस्त थीं, इसलिए ज्यादा ध्यान नहीं दे पाईं। उन्हें यह भी नहीं पता था कि बुलाने वाला व्यक्ति कौन है। कुछ समय बाद उन्हें सूचना मिली कि उनके पति के साथ मारपीट की गई है और उन्हें मरा समझकर कहीं फेंक दिया गया है।

गीता देवी ने साफ कहा कि उनके पति का किसी से कोई झगड़ा या दुश्मनी नहीं थी। उन्होंने यह भी बताया कि वह उस व्यक्ति को पहचानती नहीं हैं, जो उदय को बुलाने आया था। इस बयान ने मामले को और भी पेचीदा बना दिया है।

बेटे ने बताया काम दिलाने का बहाना

घायल के बेटे प्रिंस कुमार ने घटना को लेकर एक और अहम जानकारी दी। उसने बताया कि बेलछी थाना की पुलिस ने फोन कर उन्हें जानकारी दी थी कि उनके पिता गंभीर हालत में गड्ढे में पड़े मिले हैं। प्रिंस के मुताबिक, घटना से करीब दो दिन पहले एक व्यक्ति उनके घर आया था और उनके पिता को काम दिलाने की बात कही थी। उसी व्यक्ति पर अब शक गहराता जा रहा है।

प्रिंस ने बताया कि घटना वाले दिन सुबह करीब छह बजे वही व्यक्ति दो अन्य लोगों के साथ उनके घर आया और उनके पिता को बुलाकर ले गया। हालांकि, वे लोग घर के अंदर नहीं आए थे। इसके बाद से ही उदय यादव का कोई पता नहीं चला, जब तक कि पुलिस से फोन नहीं आया।

इलाके में दहशत का माहौल

इस वारदात के बाद से मसूदबीघा गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। लोग यह सोचकर सहमे हुए हैं कि दिनदहाड़े किसी को घर से बुलाकर इस तरह जान से मारने की कोशिश की जा सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि अपराधियों के हौसले इस कदर बढ़ गए हैं कि वे किसी को भी निशाना बना सकते हैं।

स्थानीय लोगों ने पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते अपराधियों को पकड़ा नहीं गया, तो ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं।

पुलिस जांच में जुटी, वजह अब भी साफ नहीं

बेलछी थाना अध्यक्ष नवीन कुमार ने बताया कि घायल उदय यादव का इलाज पीएमसीएच में चल रहा है और उनकी स्थिति पर पुलिस नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह घटना किस वजह से की गई। प्रारंभिक जांच में किसी पुराने विवाद की बात सामने नहीं आई है।

थाना अध्यक्ष के अनुसार, पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। जिन लोगों ने उदय को घर से बुलाया था, उनकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है। मोबाइल कॉल डिटेल्स, आसपास के सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

न्याय की उम्मीद में परिवार

उदय यादव के परिवार वाले इस घटना से सदमे में हैं। पत्नी और बच्चों की आंखों में डर और अनिश्चितता साफ झलक रही है। परिवार का कहना है कि उदय ही घर के मुख्य कमाने वाले सदस्य हैं और अगर उन्हें कुछ हो जाता है, तो परिवार का भविष्य अंधेरे में चला जाएगा।

परिजन पुलिस और प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाएगी, ताकि किसी और परिवार को इस तरह की पीड़ा न झेलनी पड़े।

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