कुरुक्षेत्र में हरियाणा एंड पंजाब बार काउंसिल की नई कार्यकारिणी के चुनाव को लेकर प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन ने घोषणा की है कि 18 मार्च को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदान कराया जाएगा। चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाने के लिए पूरे जिले में पांच मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं।

उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि मतदान निष्पक्ष और सुचारु रूप से संपन्न हो सके। उन्होंने कहा कि चुनाव से जुड़ी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार जिले में बनाए गए पांच मतदान केंद्रों में तीन केंद्र कुरुक्षेत्र शहर में स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा एक-एक मतदान केंद्र शाहाबाद और पिहोवा में बनाया गया है। इन केंद्रों पर संबंधित क्षेत्रों के अधिवक्ता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। प्रशासन का कहना है कि मतदान केंद्रों का निर्धारण मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
सोमवार को उपायुक्त ने बार एसोसिएशन कार्यालय और लाइब्रेरी का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मतदान केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और बैठने की व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मतदान से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं और कहीं भी किसी प्रकार की कमी न रहे।
इस मौके पर निर्वाचन तहसीलदार संदीप और मास्टर ट्रेनर सुनील मराठा भी मौजूद रहे। उपायुक्त ने उनसे चुनाव की तैयारियों के बारे में विस्तृत जानकारी ली और कहा कि मतदान प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं को किसी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि मतदान कर्मियों को समय पर प्रशिक्षण और आवश्यक सामग्री उपलब्ध करा दी जाए।
प्रशासन के अनुसार 18 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान कराया जाएगा। निर्धारित समय के भीतर सभी पात्र मतदाता अपने-अपने मतदान केंद्रों पर पहुंचकर वोट डाल सकेंगे। चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं में उत्साह का माहौल बताया जा रहा है।
मतदाताओं की संख्या पर प्रकाश डालते हुए उपायुक्त ने बताया कि कुरुक्षेत्र में कुल 2277 मतदाता हैं, जिनके लिए तीन मतदान केंद्र बनाए गए हैं। वहीं पिहोवा में 138 और शाहाबाद में 131 मतदाताओं के लिए एक-एक मतदान केंद्र स्थापित किया गया है। मतदाताओं की संख्या के अनुरूप केंद्रों पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी जाएगी। पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने की योजना है। प्रशासन का कहना है कि मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जाएगा।
उपायुक्त ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि मतदान केंद्रों पर पेयजल, बिजली, शौचालय और बैठने जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
बार काउंसिल चुनाव अधिवक्ता समुदाय के लिए विशेष महत्व रखते हैं, क्योंकि इसके माध्यम से नई कार्यकारिणी का गठन होता है, जो अधिवक्ताओं के हितों से जुड़े मुद्दों पर काम करती है। इसी कारण चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
जिला प्रशासन ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे समय पर अपने मतदान केंद्र पर पहुंचें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी निभाएं। साथ ही मतदान के दौरान अनुशासन बनाए रखने और नियमों का पालन करने को भी कहा गया है।
कुल मिलाकर प्रशासन चुनाव को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए पूरी तरह सक्रिय है। तैयारियों की लगातार समीक्षा की जा रही है और अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। अब अधिवक्ता समुदाय की निगाहें 18 मार्च पर टिकी हैं, जब वे अपने मताधिकार का उपयोग कर नई कार्यकारिणी के गठन में भूमिका निभाएंगे।
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