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बिहार : मदरसों के शिक्षकों की 11 महिने से बकाया वेतन के भुगतान को लेकर बैठक की गई !

unnamed (2)दरभंगा : आॅल इण्डिया मुस्लिम बेदारी कारवाँ के क्षेत्राीय कार्यालय, लालबाग में एक आपात बैठक बुलाई गई। बैठक 609 और 205 संबंध्ता प्राप्त मदरसों के शिक्षकों की 11 महिने से बकाया वेतन के भुगतान को सरकार से अविलम्ब सुनिश्चित करने एवं बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड, पटना का महिनों से खाली पड़ा महत्वपूर्ण सचिव पद पर अविलम्ब ईमानदार व्यक्ति को बहाल करने के संबंध् में की गई। बैठक की अध्यक्षता कारवाँ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नजरे आलम ने की। बैठक में सर्वसम्मती से निर्णय लिया गया कि दोनों मामले में बिहार के मुख्यमंत्राी को आवेदन लिख कर अविलम्ब दोनों समस्याओं के निदान के लिए कहा जाए। आज बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी से आवेदन के माध्यम से माँग करते हुए श्री नजरे आलम ने कहा कि आश्चर्य होता है कि नीतीश जी की सरकार में शिक्षा विभाग की लापरवाही से बिहार भर में सैकड़ों मदरसों के हजारों शिक्षक भुखमरी पर मजबूर हैं क्योंकि बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड से जुड़े 609 और 205 श्रेणी के मदरसों के हजारों शिक्षकों को पिछले 11 महिनों से वेतन से वंचित रखा गया है। साल भर से वेतन नहीं मिलने वाले सरकारी कर्मचारियों की क्या हालत होगी? उनके बाल बच्चों का गुजारा कैसे होता होगा? आप समझ सकते हैं। विभाग की लापरवाही और बेरुखी के बावजूद ये गरीब शिक्षक अपने -अपने मदरसों में शिक्षण कार्य करने में जुटे हैं। उनके साथ हो रहे दुर्व्यवहार की शिकायत विभाग से करते करते थक चुके हैं। उक्त शिक्षकों के साथ जारी इस अन्याय से जुड़ी खबरें अखबारों में लगातार छप रही हैं। लेकिन इस ओर नहीं तो किसी मुस्लिम नेता और नहीं तो शिक्षा मंत्री/शिक्षा विभाग ध्यान दे रहा है। इसके अतिरिक्त पिछले 31 दिसंबर को शिक्षा मंत्री डा0 अशोक चैध्री ने विभागीय कार्यवाही करते हुए मदरसा बोर्ड के सचिव खुर्शीद आलम को हटा दिया था, तब से मदरसा बोर्ड का सबसे महत्वपूर्ण पद अब तक खाली पड़ा है। सचिव नहीं होने के कारण मदरसा बोर्ड कार्यालय और उससे जुड़े मदरसों का सारा कामकाज ठप है। खुर्शीद आलम को हटाने के महिने बाद भी उनकी जगह किसी दूसरे अधिकारी को बतौर सचिव बहाल नहीं किया जाना और मदरसा बोर्ड को बे यारो मददगार छोड़ देना समझ से परे है। ऐसा लगता है कि बिहार में स्थापित महागठबधंन सरकार अल्पसंख्यक संस्थाओं से आंखें बन्द कर चुकी हैं और उनकी समस्याओं को जानबूझ कर नजर अंदाज करने पर उतारू है। उपरोक्त तथ्यों के आलोक में आॅल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवाँ आप से माँग करता है कि 609 और 205 श्रेणी के शिक्षकों की 11 महिने से बकाया वेतन का भुगतान अविलम्ब सुनिश्चित किया जाए। साथ ही बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड पटना में महिने से खाली पड़े महत्वपूर्ण पद पर सचिव मदरसा बोर्ड की जगह को किसी सक्षम अधिकारी से भरा जाए ताकि मदरसा बोर्ड का कामकाज सुचारू रूप से चल सके और उक्त मदरसों के शिक्षकों की बकाया वेतन भुगतान का रास्ता साफ हो सके। श्री आलम ने अंतिम में कहा कि उम्मीद है कि मुख्यमंत्री अल्पसंख्यकों के इन समस्याओं पर अविलम्ब ध्यान देंगे अगर मुख्यमंत्राी से निराशा मिली तो आॅल इण्डिया मुस्लिम बेदारी कारवाँ मार्च में सरकार के विरूध् आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होगा। साथ ही कारवाँ के कार्यकत्र्ता बिहार सरकार की अल्पसंख्यक विरोधी मानसिकता के खिलापफ जन जन को भी जागरूक करने का काम करेंगे।

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