बिहार :: किऊल महोत्सव में भोजपुरी गायिका देवी ने श्रद्धालुओं को खुब झुमाया

7

IMG-20170125-WA0000

 

लखीसराय— किउल महोत्सव की आखिरी शाम, दर्शक-श्रोताओं से खचाखच भरा मां दुर्गे का भव्य दरबार, लखीसराय वासियों को अपने संगीत की आदत लगा चुकी भोजपुरी गायिका देवी ने जैसे ही देवी गीतों का सिलसिला शुरू किया, लोग खुद को झूमने से नहीं रोक पाए।

रेलवे इंस्टीच्यूट परिसर में आयोजित किऊल महोत्सव में भोजपुरी की मशहूर गायिका देवी ने धमाल मचाकर रख दिया। मंगलवार की देर रात तक चले रंगारंग कार्यक्रम में उपस्थित श्रोताओं ने देवी के गीतों का भरपूर आनंद लिया। निमिया की डारी मैया, डाले ली झुलनियां की झूली-झूली न….. गीत से वहां का माहौल भक्तिमय हो गया।
इस गीत पर उपस्थित भक्त जन माता के जयकारे के साथ झूमते रहे। मैया के माथे टीका शोभे, द्वार पर खड़ा वा पुजरिया, किवड़िया खोले हे मैया व अन्य देवी गीतों की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं में जोश भर दिया। फिर शुरू हुआ देवी के स्वर में गीतों का जलवा। पनिया भरल जा ला जमुना किनरवा पर कलाकारों की नृत्य प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। इसके बाद एक से बढ़कर एक गीतों की प्रस्तुति हुई। मां दुर्गा के दरबार में आयोजित 11वीं किउल महोत्सव के दौरान गायिका देवी ने लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। देर शाम से अहले सुबह तक तक चली रंगारंग कार्यक्रम में श्रोताओं ने भरपूर आनंद उठाया।
…..और फिर शुरू हुआ फरमाइशी गीतों का सिलसिला
बहे के पूरवारामा बह गइले पछिया … की प्रस्तुति सुनकर उपस्थित दर्शक अपने को रोक नहीं पाये और दर्शक दीर्घा में उपस्थित दर्शक नाचने को विवश हो गये। डीजे बाला भाई थोड़ा वॉल्युम बढ़ाई एवं निलिया पुलिया के मार्ग पर नौ बजे……गीतों की प्रस्तुति कर देवी ने श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया। श्रोताओं का जब इससे भी मन नहीं भरा तो उनकी फरमाइशें शुरू हो गई। श्रोताओं की मांग पर देवी ने फरमाईशी गीतों का सिलसिला शुरू किया। राजा जी मत रहा दूर, परवल वेचे जाईब भागलपुर