जहां एक ओर होली के रंगों में गाजियाबाद सराबोर था, वहीं दूसरी ओर सोनिया नगर कॉलोनी में रिश्तों की डोर खून से लाल हो गई। बहन-बहनोई के बीच हुए विवाद में बीच-बचाव करने पहुंचे युवक की उसके जीजा ने कथित तौर पर कैंची से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी। वारदात के बाद परिजन बिना पुलिस को सूचना दिए शव का अंतिम संस्कार करने निकल पड़े, लेकिन मोहल्ले के लोगों की सतर्कता से मामला उजागर हो गया। पुलिस ने बीच रास्ते शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आरोपी फरार है और उसकी तलाश जारी है।

घरेलू विवाद से शुरू हुआ विवाद
घटना गाजियाबाद के बॉर्डर थाना क्षेत्र स्थित सोनिया नगर कॉलोनी की है। जानकारी के मुताबिक, विजयपाल चौहान ने तीन साल पहले अपनी बेटी टीना की शादी कॉलोनी में रहने वाले राहुल से की थी। दंपती का डेढ़ साल का बेटा भी है। परिवार में आए दिन घर के कामकाज को लेकर टीना और उसकी सास लक्ष्मी के बीच कहासुनी होती रहती थी।
सोमवार शाम भी इसी तरह का विवाद हुआ। आरोप है कि झगड़ा बढ़ने पर राहुल ने पत्नी टीना के साथ मारपीट की। टीना ने अपने भाई विशाल (27) को फोन कर पूरी घटना बताई। बहन के साथ मारपीट की खबर सुनकर विशाल गुस्से में आ गया और दो दोस्तों के साथ बहन के घर पहुंच गया।
कहासुनी से हिंसा तक
बहन के घर पहुंचते ही विशाल की राहुल और उसके भाई राजन से तीखी बहस हुई। मामला बढ़ते-बढ़ते हाथापाई तक पहुंच गया। आरोप है कि इसी दौरान राहुल ने घर से कैंची उठा ली और विशाल के पेट में चार से पांच बार वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल विशाल जमीन पर गिर पड़ा और खून बहने लगा।
सूचना मिलने पर पिता विजयपाल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बेटी और अन्य लोगों की मदद से घायल बेटे को ऑटो से एक निजी अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताकर उसे दिल्ली के जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया। इलाज के दौरान विशाल ने दम तोड़ दिया।
पुलिस को बिना बताए ले गए शव
बेटे की मौत के बाद परिवार शव लेकर घर लौट आया। हैरानी की बात यह रही कि घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी गई। परिजन चुपचाप अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे और शव को श्मशान घाट ले जाने के लिए रवाना हो गए।
इस बीच मोहल्ले के कुछ लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दे दी। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो घर में शव नहीं मिला। पड़ोसियों से पूछताछ के बाद पता चला कि परिवार शव लेकर घर गया है। वहां भी शव नहीं मिला तो पुलिस ने आसपास के सभी श्मशान घाटों पर सतर्कता बढ़ा दी।
बीच रास्ते रोका गया वाहन
कुछ ही देर में सूचना मिली कि शव को ऑटो से श्मशान घाट ले जाया जा रहा है। पुलिस ने इलाके में वाहन चेकिंग शुरू कर दी। थोड़ी दूरी पर मिनी ट्रक में शव ले जाते परिजन पकड़े गए। पुलिस ने वाहन रोककर शव को कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बताया गया कि पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए परिजन अंतिम संस्कार की अनुमति मांग रहे थे। हालांकि कानूनन हत्या के मामले में पोस्टमार्टम अनिवार्य होने के कारण पुलिस ने सख्ती दिखाई।
पिता की गुहार
मृतक विशाल के पिता विजयपाल ने पुलिस से अपील की कि उनका इकलौता बेटा चला गया है, अब वे बेटी का घर उजाड़ना नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि यदि दामाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई हुई तो बेटी का वैवाहिक जीवन बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने बेटे के अंतिम संस्कार की अनुमति देने की गुहार लगाई।
पुलिस का कहना है कि अब तक परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत (तहरीर) नहीं दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि हत्या जैसे गंभीर अपराध में पुलिस स्वयं भी कार्रवाई कर सकती है।
आरोपी फरार
घटना के बाद आरोपी राहुल और उसका भाई राजन फरार हो गए। पुलिस की कई टीमें उनकी तलाश में दबिश दे रही हैं। आरोपियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
पुलिस ने यह भी बताया कि मृतक विशाल पर पहले मारपीट का एक मामला दर्ज था और दो बार शांतिभंग में कार्रवाई हो चुकी थी। आरोपी राहुल पेशे से पेंटर है।
होली की खुशियों पर पड़ा साया
होली जैसे खुशियों भरे पर्व पर हुई इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। जहां बाहर रंग-गुलाल उड़ रहे थे, वहीं एक परिवार में मातम पसरा था। रिश्तों के बीच उपजे तनाव और आक्रोश ने एक युवक की जान ले ली।
यह मामला इस बात की भी याद दिलाता है कि पारिवारिक विवादों को समय रहते सुलझाना कितना जरूरी है। छोटी-छोटी कहासुनी यदि संवाद और समझदारी से निपटाई न जाए, तो वे हिंसा का रूप ले सकती हैं।
आगे की कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि परिजन शिकायत नहीं भी करते हैं, तब भी हत्या के मामले में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
फिलहाल पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी पर जोर दे रही है। सोनिया नगर की यह वारदात होली की खुशियों के बीच एक दर्दनाक याद बनकर रह गई है—जहां रंगों के त्योहार पर रिश्तों का खून बह गया।
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