रविवार शाम मुल्लांपुर में चाइनीज मांझे ने एक बार फिर जान ले ली। रायकोट रोड पर स्कूटी से बाजार जा रही एक महिला की गर्दन चाइनीज मांझे की चपेट में आ गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।

मृतका की पहचान सरबजीत कौर उर्फ जसलीन कौर, पत्नी मनदीप सिंह, निवासी अकालगढ़ के रूप में हुई है। वह मुल्लापुर दाखा के रायकोट रोड पर एक फूड प्वाइंट का संचालन करती थीं। जानकारी के अनुसार, सरबजीत कौर रविवार शाम स्कूटी पर सवार होकर विवाह की खरीदारी के लिए बाजार जा रही थीं।
जब वह गुरुद्वारा साहिब के पास से गुजर रही थीं, तभी अचानक हवा में उड़ रहा चाइनीज मांझा उनके गले में लिपट गया। तेज धार वाली चाइना डोर से उनका गला बुरी तरह कट गया। संतुलन बिगड़ने से वह स्कूटी से नीचे गिर पड़ीं और मौके पर ही लहूलुहान हो गईं। यह दृश्य देख वहां मौजूद लोग दहल उठे।
घटना के तुरंत बाद राहगीरों ने मानवता दिखाते हुए उन्हें अपनी गाड़ी में निजी अस्पताल पहुंचाया। लेकिन वहां डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने के कारण प्राथमिक उपचार भी नहीं मिल सका। इसके बाद उन्हें लुधियाना के एक बड़े अस्पताल ले जाया गया, मगर रास्ते में ही उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस हादसे से मृतका के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सरबजीत कौर अपने पीछे दो साल का मासूम बेटा युवराज छोड़ गई हैं। मासूम बच्चे को मां के साए से यूं अचानक वंचित होते देख परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव और आसपास के इलाके में शोक की लहर फैल गई है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों का कहना है कि चाइनीज मांझा पहले भी कई लोगों की जान ले चुका है, इसके बावजूद इसकी बिक्री और इस्तेमाल पर प्रभावी रोक नहीं लगाई जा रही है। परिजनों और स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि चाइना डोर की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए।
लोगों ने यह भी मांग की कि खतरनाक चाइनीज मांझे से पतंग उड़ाने वालों के साथ-साथ ऐसे बच्चों के अभिभावकों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि जब तक इस जानलेवा मांझे पर पूरी तरह रोक नहीं लगेगी, तब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे।
यह हादसा एक बार फिर प्रशासन और समाज के लिए चेतावनी बनकर सामने आया है कि चाइनीज मांझा केवल एक धागा नहीं, बल्कि सरेआम घूमती मौत है। समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो निर्दोष लोगों की जान यूं ही जाती रहेगी।
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