महाशिवरात्रि के बाद जिले में शैक्षणिक गतिविधियां अपने चरम पर पहुंचने वाली हैं। 17 फरवरी से Central Board of Secondary Education (सीबीएसई) की परीक्षाएं शुरू होंगी, जबकि 18 फरवरी से Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Parishad (यूपी बोर्ड) के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के छात्र परीक्षा कक्ष में बैठेंगे। प्रशासन और शिक्षा विभाग ने इसे लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। सुरक्षा से लेकर परीक्षा सामग्री की गोपनीयता तक हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया गया है।
यूपी बोर्ड: सख्ती के साथ आयोजन
यूपी बोर्ड की परीक्षाएं जिले के 136 केंद्रों पर आयोजित की जाएंगी। सभी केंद्रों पर उत्तर पुस्तिकाएं पहले ही पहुंचाई जा चुकी हैं। प्रश्नपत्रों को भी निर्धारित तिथि तक कड़ी निगरानी में केंद्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। गोपनीयता बनाए रखने के लिए प्रश्नपत्रों की सुरक्षा में बहुस्तरीय व्यवस्था लागू की गई है।

जिले में करीब 4800 परीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर केंद्र व्यवस्थापक, स्टेटिक मजिस्ट्रेट और पर्यवेक्षक तैनात रहेंगे। संवेदनशील और अति संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी। उड़नदस्ता टीमें भी सक्रिय रहेंगी, जो अचानक निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लेंगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. पूरन सिंह ने बताया कि परीक्षा को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस बल की भी तैनाती की गई है। केंद्रों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या नकल की कोशिश को रोका जा सके।
विद्यार्थियों के लिए विशेष सुविधा
छात्र-छात्राओं की सहायता के लिए 18001805311 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। किसी भी प्रकार की शंका, भ्रम या शिकायत होने पर विद्यार्थी इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। अधिकारियों ने अपील की है कि छात्र केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें और अफवाहों से दूर रहें।
सीबीएसई: 22 केंद्रों पर परीक्षा
सीबीएसई की परीक्षाएं जिले के 22 निर्धारित केंद्रों पर आयोजित की जाएंगी। इस वर्ष 10वीं कक्षा के 9445 और 12वीं कक्षा के 7667 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा सुबह 10:30 बजे से शुरू होगी। सिटी कोऑर्डिनेटर नंदिनी सिंह ने निर्देश दिया है कि सभी परीक्षार्थी सुबह 10 बजे तक या उससे पहले केंद्र पर पहुंच जाएं। निर्धारित समय के बाद किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
परीक्षा केंद्रों पर सीबीएसई के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। छात्रों को एडमिट कार्ड और आवश्यक दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य है। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
प्रमुख स्कूलों में बने परीक्षा केंद्र
सीबीएसई परीक्षा के लिए जिले के कई प्रतिष्ठित विद्यालयों को केंद्र बनाया गया है। इनमें दिल्ली पब्लिक स्कूल, पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय खैर, महर्षि विद्या मंदिर, संत फिदेलिस स्कूल, अल-बरकात स्कूल, जीडी पब्लिक स्कूल खैर रोड और शांतिनिकेतन वर्ल्ड स्कूल सहित अन्य विद्यालय शामिल हैं। सभी केंद्रों पर अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
नकलविहीन परीक्षा का लक्ष्य
इस बार प्रशासन का फोकस नकल पर पूरी तरह अंकुश लगाने पर है। सीसीटीवी कैमरों, मजिस्ट्रेट की तैनाती और पुलिस गश्त के माध्यम से परीक्षा प्रक्रिया की लगातार निगरानी की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
अभिभावकों से भी सहयोग की अपील की गई है कि वे परीक्षा केंद्रों के बाहर भीड़ न लगाएं और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में मदद करें। छात्रों से कहा गया है कि वे समय से पहले केंद्र पर पहुंचें और मानसिक रूप से शांत रहकर परीक्षा दें।
भविष्य की दिशा तय करेगी परीक्षा
बोर्ड परीक्षाएं छात्रों के शैक्षणिक जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होती हैं। इन परिणामों के आधार पर आगे की पढ़ाई और करियर की दिशा तय होती है। ऐसे में प्रशासन, शिक्षक और अभिभावक सभी चाहते हैं कि परीक्षा निष्पक्ष, सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण में संपन्न हो।
जिले में तैयारियों को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि इस बार परीक्षाएं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होंगी और विद्यार्थियों को अपनी मेहनत का उचित परिणाम मिलेगा।
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