गांव पांची में रविवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई जब तीन दिन से गायब चल रहे ग्रामीण विजय उर्फ शेट्टी का शव जंगल क्षेत्र में एक पेड़ से लटका मिला। खेतों पर काम करने पहुंचे किसानों की नजर जब फंदे से झूलते शव पर पड़ी तो इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक तौर पर मामला आत्महत्या का माना जा रहा है, हालांकि अंतिम पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी।

पुलिस के मुताबिक विजय उर्फ शेट्टी मूल रूप से पांची गांव का रहने वाला था। बीते कुछ महीनों से वह अपनी पत्नी राखी के साथ हापुड़ के श्याम नगर स्थित ससुराल में रह रहा था। परिजनों ने बताया कि वह बृहस्पतिवार से घर से लापता था। परिवार ने पहले इसे सामान्य समझा, क्योंकि वह अक्सर बिना बताए अपने गांव चला जाता था। इसी वजह से शुरुआती दिनों में उसकी तलाश को लेकर ज्यादा हड़कंप नहीं मचा।
रविवार सुबह गांव के कुछ किसान मनु त्यागी के खेत की ओर गए थे। खेत के पास पेड़ों के बीच उन्हें एक व्यक्ति रस्सी के सहारे लटका दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर स्थिति स्पष्ट हुई कि वह शव था। पहचान करने पर ग्रामीणों ने उसे विजय के रूप में पहचाना। घटना की जानकारी तुरंत पुलिस और परिजनों को दी गई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू की। फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से अहम साक्ष्य जुटाए। पेड़, रस्सी और आसपास के स्थान की बारीकी से जांच की गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पत्नी राखी ने पूछताछ में बताया कि विजय कभी-कभी बिना सूचना दिए गांव चला जाता था। इस बार भी उन्होंने यही समझा कि वह पांची गया होगा। हालांकि तीन दिन तक कोई संपर्क न होने पर चिंता जरूर हुई थी। फिलहाल पुलिस विजय के मोबाइल फोन और कॉल डिटेल की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि लापता रहने के दौरान वह किन लोगों के संपर्क में था।
जांच में यह भी सामने आया है कि करीब ढाई साल पहले विजय ने अपने बड़े भाई विजेंद्र पर जानलेवा हमला किया था। उस मामले में उसे जेल भी जाना पड़ा था। करीब छह महीने पहले भाई ने ही उसकी जमानत कराई थी, जिसके बाद वह जेल से बाहर आया। इसके बाद से वह गांव से दूर रहकर हापुड़ में ससुराल में रह रहा था। पुलिस इस पुराने विवाद को भी ध्यान में रखकर जांच कर रही है, हालांकि फिलहाल किसी साजिश के संकेत नहीं मिले हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक हाल के दिनों में विजय कम मिलनसार हो गया था और ज्यादा समय अकेले बिताता था। हालांकि किसी ने भी यह अंदाजा नहीं लगाया था कि वह इतना बड़ा कदम उठा सकता है। गांव में घटना के बाद शोक और चर्चा का माहौल है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन हर पहलू की गहन जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जाएगी। यदि जांच में कोई संदिग्ध तथ्य सामने आता है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस मामले की तह तक जाने में जुटी है। परिवार सदमे में है और गांव में मातम पसरा हुआ है।
स्वर्णिम टाईम्स : Swarnim Times आपका अपना इंटरनेट अख़बार !