राजधानी दिल्ली के द्वारका इलाके में 3 फरवरी को हुआ सड़क हादसा अब कानूनी और सामाजिक बहस का विषय बन गया है। स्कॉर्पियो कार की टक्कर से 23 वर्षीय युवक साहिल धनेशरा की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। जांच में सामने आया कि कार चला रहा युवक नाबालिग था। उसे जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया गया और बाद में बोर्ड परीक्षाओं के आधार पर अंतरिम जमानत दे दी गई।

हादसे की पूरी घटना
पुलिस के मुताबिक, लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज के पास दुर्घटना की सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंची। वहां एक स्कॉर्पियो, एक डिज़ायर कार और एक मोटरसाइकिल क्षतिग्रस्त हालत में मिलीं। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि स्कॉर्पियो पहले गलत दिशा से आ रही मोटरसाइकिल से टकराई और फिर सड़क किनारे खड़ी डिज़ायर कार से जा भिड़ी।
मोटरसाइकिल सवार साहिल धनेशरा गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। हादसे में टैक्सी चालक अजीत सिंह भी घायल हुए, जिनका उपचार आईजीआई अस्पताल में चल रहा है।
उम्र को लेकर भ्रम, बाद में निकला नाबालिग
शुरुआती पूछताछ में आरोपी की उम्र 19 वर्ष बताई गई थी और उसी आधार पर एफआईआर दर्ज हुई। लेकिन दस्तावेजों की जांच के बाद स्पष्ट हुआ कि वह 17 वर्ष का है। इसके बाद केस को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के पास भेजा गया।
आरोपी को ऑब्जर्वेशन होम भेजा गया था, लेकिन 10 फरवरी 2026 को बोर्ड ने उसे कक्षा 10 की परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए अंतरिम जमानत दे दी। पुलिस ने यह भी बताया कि हादसे के समय उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था।
गाड़ी में बहन भी थी मौजूद
पुलिस के अनुसार, हादसे के समय आरोपी की बहन भी स्कॉर्पियो में बैठी थी। वह मोबाइल से कुछ रिकॉर्ड कर रही थी। हालांकि जांच में अभी तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है कि वे सोशल मीडिया के लिए रील बना रहे थे। इस पहलू की भी पुलिस जांच कर रही है।
पिता की भूमिका पर नजर
आरोपी के पिता द्वारका क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े हैं। पुलिस ने बताया कि यदि नाबालिग वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है तो मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 199A के तहत अभिभावक की जिम्मेदारी तय की जा सकती है। फिलहाल पिता की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन चार्जशीट में संबंधित प्रावधान जोड़े जा सकते हैं।
सीसीटीवी और तकनीकी जांच
जहां हादसा हुआ वह स्थान सीधे सीसीटीवी कवरेज में नहीं आता। हालांकि पुलिस ने आसपास के एंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स के कैमरों की फुटेज जुटाई है। तकनीकी साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर घटना की कड़ी जोड़ी जा रही है।
मां की दर्दभरी अपील
साहिल की मां ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक भावुक पोस्ट साझा कर अपने बेटे के लिए न्याय की मांग की है। उन्होंने लिखा कि उन्होंने अपने बेटे को अकेले 23 साल तक पाला और अब वह उनसे छिन गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हादसा लापरवाही का नतीजा है और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
उनकी अपील के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने सहानुभूति जताई और न्याय की मांग को समर्थन दिया।
सड़क सुरक्षा पर फिर सवाल
द्वारका का यह मामला राजधानी में नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अभिभावकों को अधिक जिम्मेदार होना होगा और कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना होगा।
लगातार बढ़ते सड़क हादसे यह संकेत देते हैं कि निगरानी और सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसा दर्द न सहना पड़े।
जांच जारी
पुलिस ने स्कॉर्पियो को जब्त कर लिया है और आगे की जांच जारी है। घायल अजीत सिंह का बयान दर्ज कर लिया गया है। जांच के निष्कर्ष और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही यह तय होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी।
साहिल धनेशरा की मौत ने एक परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि न्यायिक प्रक्रिया कितनी तेजी और सख्ती से आगे बढ़ती है।
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