उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के एक छोटे से गांव में पारिवारिक विवाद ने भयावह रूप ले लिया। नौहझील थाना क्षेत्र के बाघई कटैलिया गांव में एक नवविवाहिता की गला रेतकर हत्या कर दी गई। इस मामले में मृतका के देवर को मुख्य आरोपी बनाया गया है, जबकि पति, सास और ससुर पर साक्ष्य मिटाने और पुलिस को गुमराह करने के आरोप में गिरफ्तारी हुई है।

जानकारी के अनुसार, करिश्मा नाम की युवती की शादी करीब साढ़े तीन महीने पहले इसी गांव में हुई थी। वह अपने मायके जाने की तैयारी कर रही थी। उसका मायका आगरा जिले के नंदलालपुर, खंदौली में बताया गया है। रविवार सुबह घर में सामान्य गतिविधियां चल रही थीं, तभी अचानक घर के अंदर चीख-पुकार सुनाई दी।
पुलिस जांच में सामने आया कि देवर दीपक ने कथित तौर पर करिश्मा के साथ अनुचित व्यवहार किया। जब करिश्मा ने इसका विरोध किया और शोर मचाया, तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान दीपक ने ब्लेड से उसके गले पर कई वार कर दिए। गंभीर चोटों के कारण करिश्मा की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद घरवालों ने तत्काल पुलिस को सूचना देने के बजाय पूरे मामले को दबाने की कोशिश की। जांच में खुलासा हुआ कि पति प्रमोद उर्फ कालू, सास अंगूरी देवी और ससुर ज्वाला प्रसाद ने मिलकर घर के आंगन और कमरे में फैले खून को पानी से साफ किया। खून से सने कपड़े और बिस्तर को एक बोरी में भरकर ठिकाने लगाने की तैयारी की गई।
पुलिस को भ्रमित करने के लिए आरोपियों ने एक नई कहानी गढ़ी। उन्होंने दावा किया कि कुछ अज्ञात नकाबपोश बदमाश घर में घुस आए थे और उन्होंने हमला कर दिया। इस झूठ को मजबूत दिखाने के लिए मुख्य आरोपी दीपक ने अपने गले पर भी हल्की चोटें लगा लीं, ताकि वह खुद को भी पीड़ित साबित कर सके।
सूचना मिलने पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घर के हालात देखकर अधिकारियों को संदेह हुआ। जबरन प्रवेश के स्पष्ट निशान नहीं मिले और खून के धब्बों को धोने के प्रयास भी दिखाई दिए। इससे पुलिस को कहानी पर शक हुआ। पूछताछ के दौरान परिवार के बयान बार-बार बदलते रहे, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया।
सख्ती से पूछताछ करने पर सच्चाई सामने आ गई। पुलिस ने चूल्हे की राख के पास से हत्या में प्रयुक्त ब्लेड बरामद किया। इसके अलावा खून से सने कपड़े और अन्य सबूत भी जब्त किए गए। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
मृतका के पिता ओमप्रकाश ने उसी रात देवर, पति, सास और ससुर के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को ससुराल में परेशान किया जाता था। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या घटना के पीछे केवल छेड़खानी का विरोध कारण था या परिवार में पहले से तनाव की स्थिति थी।
एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी गांव छोड़ने की फिराक में हैं। इसके बाद टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी को गिरफ्तार कर लिया। चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस घटना से पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि एक नवविवाहिता की इस तरह निर्मम हत्या समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
फिलहाल करिश्मा के परिवार में मातम पसरा है। शादी के कुछ ही महीनों बाद उसकी जिंदगी इस तरह खत्म हो जाना सभी के लिए स्तब्ध करने वाला है। पुलिस अब सभी पहलुओं की जांच कर रही है, ताकि अदालत में पुख्ता साक्ष्य पेश किए जा सकें और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
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