हरियाणा के सिरसा जिले के गांव फूलकां में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक खूंखार आवारा कुत्ते ने साढ़े चार साल के मासूम बच्चे पर हमला कर दिया। कुत्ते ने बच्चे को पहले बुरी तरह काटा और फिर उसकी टांग जबड़े में दबाकर खेतों की ओर घसीटने लगा। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर परिवार के लोग और आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद बच्चे को कुत्ते के चंगुल से छुड़ाया। घायल बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया और फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार यह घटना सोमवार को गांव फूलकां में हुई। गांव निवासी इंद्रपाल कुलड़िया का साढ़े चार वर्षीय बेटा हर्षित घर के मुख्य गेट के पास खेल रहा था। उस समय उसकी दादी भी उसके साथ थीं और दोनों बाहर ही बैठे हुए थे। कुछ देर बाद दादी किसी काम से घर के अंदर चली गईं और बच्चा गेट के पास अकेला रह गया।
इसी बीच अचानक एक आवारा और बेहद आक्रामक कुत्ता वहां आ पहुंचा। बच्चे को अकेला देखकर कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया। सबसे पहले उसने बच्चे के हाथ को काट लिया, जिससे बच्चा दर्द से जोर-जोर से रोने लगा। लेकिन कुत्ता यहीं नहीं रुका। उसने बच्चे की टांग अपने जबड़ों में दबा ली और उसे घसीटते हुए खेतों की ओर ले जाने लगा।
बच्चे की तेज चीखें सुनकर घर के अंदर मौजूद परिजन तुरंत बाहर की ओर दौड़े। उन्होंने देखा कि कुत्ता बच्चे को खींचते हुए खेतों की तरफ ले जा रहा है। यह देखकर परिवार के लोग घबरा गए और जोर-जोर से शोर मचाने लगे।
शोर सुनकर आसपास के लोग भी सतर्क हो गए। पास में बनी चौपाल पर उस समय कुछ ग्रामीण बैठे हुए थे। जैसे ही उन्होंने बच्चे की चीखें सुनीं, वे तुरंत मौके की ओर दौड़ पड़े। सभी लोगों ने मिलकर कुत्ते को भगाने की कोशिश की और बच्चे को बचाने के लिए संघर्ष शुरू कर दिया।
ग्रामीणों ने लाठियां और डंडे लेकर कुत्ते को डराया और काफी प्रयासों के बाद बच्चे की टांग उसके मुंह से छुड़वाई। कुछ देर तक कुत्ता बेहद आक्रामक बना रहा, लेकिन लोगों की भीड़ देखकर आखिरकार वह वहां से भाग गया।
हमले के दौरान कुत्ते ने बच्चे के शरीर के कई हिस्सों पर गहरे घाव कर दिए थे। विशेष रूप से उसकी कलाई पर गहरा जख्म हो गया था और शरीर पर कई जगह काटने के निशान थे। बच्चे की हालत देखकर परिवार के लोग घबरा गए और तुरंत उसे इलाज के लिए सिरसा के नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे।
अस्पताल में डॉक्टरों ने बच्चे का तुरंत उपचार शुरू किया। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे के शरीर पर कई जगह कुत्ते के काटने के निशान हैं, लेकिन समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण उसकी जान बच गई। फिलहाल बच्चा खतरे से बाहर है और डॉक्टर उसकी हालत पर लगातार नजर रखे हुए हैं।
इस घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है और कई बार ये कुत्ते लोगों, खासकर बच्चों पर हमला कर चुके हैं। इसके बावजूद इस समस्या को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में घूम रहे आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए जल्द से जल्द अभियान चलाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। लोगों का कहना है कि छोटे बच्चे अक्सर घरों के बाहर खेलते रहते हैं और ऐसे में आवारा कुत्तों का खतरा हमेशा बना रहता है।
वहीं बच्चे के परिवार के लोग इस घटना से काफी सहमे हुए हैं। उनका कहना है कि अगर ग्रामीण समय पर मदद के लिए नहीं पहुंचते तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल बच्चा अस्पताल में उपचाराधीन है और परिवार के लोग उसके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।
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